देलवाड़ा में तांत्रिक बनकर पांच युवतियों और बच्चियों से दरिंदगी, पुलिस ने आरोपी रिश्तेदार को हिरासत में लिया माउंट आबू के देलवाड़ा में शुद्धिकरण के बहाने तीन युवतियों और दो नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। राजस्थान के मशहूर पर्यटन स्थल माउंट आबू के देलवाड़ा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने खुद को तांत्रिक बताकर अपने ही परिवार की पांच लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस घिनौने अपराध की शिकार बनी लड़कियों में तीन बालिग युवतियां और दो नाबालिग बच्चियां शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में भारी रोष और तनाव फैल गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस महकमे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। शुद्धिकरण के बहाने जाल में फंसाया जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी पीड़िताओं का करीबी रिश्तेदार ही है, जिसके चलते परिजनों और लड़कियों को उस पर पहले से विश्वास था। उसने इसी पारिवारिक निकटता का नाजायज फायदा उठाया और खुद को गुप्त विद्याओं के जानकार तांत्रिक के रूप में प्रस्तुत किया। आरोपी ने पीड़िताओं के मन में यह बात बैठाई कि उनके ऊपर कोई दोष है, जिसे दूर करने के लिए विशेष धार्मिक शुद्धिकरण अनुष्ठान करना बेहद जरूरी है। इसी शुद्धिकरण के ढोंग की आड़ लेकर उसने बारी-बारी से युवतियों और नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम दिया। पोक्सो और बीएनएस की कड़ी धाराओं में मामला दर्ज पीड़िताओं द्वारा आपबीती बताए जाने के बाद परिजनों ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। चूंकि इस गंभीर मामले में दो नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं, इसलिए पुलिस ने स्थिति की नजाकत को देखते हुए अत्यंत सख्त कानूनी रुख अपनाया है। आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम अर्थात पोक्सो (POCSO) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर व गैर-जमानती धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को पकड़ लिया गया है और उससे हिरासत में सख्ती से पूछताछ जारी है, ताकि घटनाक्रम की पूरी सच्चाई और सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके। दो साल पुराना इतिहास भी आया सामने पुलिस पड़ताल के दौरान आरोपी के अतीत को लेकर भी एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, करीब दो साल पहले भी इस व्यक्ति पर ठीक इसी प्रकार के गंभीर कृत्य करने के आरोप लग चुके थे। उस पुराने मामले के बावजूद आरोपी की गतिविधियों पर रोक नहीं लग सकी और उसने एक बार फिर पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए युवतियों और मासूमों को निशाना बनाया। पूर्व में लगे आरोपों और अब सामने आई नई शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले के हर कानूनी पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है, ताकि आरोपी को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इसका आप पर असर यह घटना अंधविश्वास और पारिवारिक दायरों में छिपे यौन शोषण के खतरों को लेकर सतर्क रहने की सख्त जरूरत को रेखांकित करती है। • राजस्थान में: सिरोही और माउंट आबू क्षेत्र के स्थानीय निवासियों में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। परिवारों को धार्मिक या तांत्रिक शुद्धिकरण के नाम पर होने वाले किसी भी ढोंग के प्रति अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है। • अभिभावकों के लिए: परिजनों को बच्चों और युवतियों से नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए ताकि किसी भी अनुचित स्पर्श या व्यवहार की जानकारी तुरंत सामने आ सके। किसी भी रिश्तेदार या परिचित द्वारा एकांत में अनुष्ठान कराने के दावों पर कतई भरोसा न करें। • कानूनी सहायता: ऐसी वारदातों के सामने आने पर पीड़िताएं या उनके परिवार बिना किसी झिझक के स्थानीय पुलिस या महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर संपर्क कर सकते हैं। पोक्सो कानून के तहत पहचान पूरी तरह गोपनीय रखकर त्वरित कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था है। • सामाजिक स्तर पर: तांत्रिक क्रियाओं और अंधविश्वास के नाम पर हो रहे शोषण की शिकायत दर्ज कराने से अपराधियों का दोहराव रोका जा सकता है। पूर्व के मामलों में सख्त कानूनी पैरवी से ऐसे तत्वों पर नकेल कसना संभव होगा। ऐसा क्यों हुआ यह घटना अंधविश्वास, पारिवारिक निकटता के अनुचित लाभ और आरोपी के आपराधिक अतीत की अनदेखी के चलते घटित हुई। आरोपी ने धर्म और शुद्धिकरण का ढोंग रचकर पीड़ितों को अपने जाल में फंसाया। • पारिवारिक विश्वास का दुरुपयोग: आरोपी पीड़िताओं का करीबी रिश्तेदार था, जिसके कारण परिवार वालों ने उस पर सहज विश्वास कर लिया। इसी निकटता का लाभ उठाकर उसने बिना किसी संदेह के युवतियों और बच्चियों तक पहुंच बनाई। • शुद्धिकरण का अंधविश्वास: आरोपी ने खुद को तांत्रिक बताकर यह दावा किया कि युवतियों पर कोई दोष है जिसे दूर करने के लिए विशेष अनुष्ठान जरूरी है। इस भ्रम के जाल में फंसाकर उसने एकांत में उनका शोषण किया। • अपराधिक अतीत पर निगरानी की कमी: आरोपी पर करीब दो साल पहले भी इसी तरह के गंभीर आरोप लगे थे। पूर्व के आरोपों के बावजूद सख्त सामाजिक या कानूनी सतर्कता न होने से उसे दोबारा ऐसी हरकत करने का मौका मिला। • आरोपी की गिरफ्तारी और जांच: पुलिस ने अब आरोपी को हिरासत में ले लिया है और पोक्सो तथा बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत गहन कानूनी जांच शुरू कर दी है। सवाल-जवाब 1. यह मामला किस जगह का है और आरोपी पर क्या आरोप हैं? यह घटना राजस्थान के माउंट आबू स्थित देलवाड़ा क्षेत्र की है, जहां एक व्यक्ति पर तांत्रिक बनकर तीन युवतियों और दो नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म करने का आरोप है। 2. आरोपी का पीड़िताओं के साथ क्या संबंध था? आरोपी पीड़िताओं का रिश्तेदार है और उसने पारिवारिक रिश्ते और तांत्रिक भेष का फायदा उठाकर इस कृत्य को अंजाम दिया। 3. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किन कानूनों के तहत कार्रवाई की है? पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। 4. क्या आरोपी का पहले भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है? हां, आरोपी पर करीब दो साल पहले भी इसी तरह का गंभीर आरोप लग चुका है। https://trendkia.com/rajasthan/delwara-men-tantrika-banakara-pancha-yuvatiyon-aura-bachchiyon-se-darindagi-pulisa-ne-aropi-rishtedara-ko-hirasata-men-liya-54059 TrendKia — Har trend, sabse pehle.