धरियावद के सिंहाड़ गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, पानी और बिजली के लिए तरस रहे ग्रामीण प्रतापगढ़ जिले के धरियावद उपखंड की सिंहाड़ ग्राम पंचायत में ग्रामीण पानी, जर्जर सड़कों और जानलेवा बिजली के तारों जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद उपखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिंहाड़ के बाशिंदे आज भी तमाम विकास के दावों के बीच पानी, बिजली, सड़क और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन बिताने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये परेशानियां कोई नई नहीं हैं, बल्कि काफी लंबे वक्त से बनी हुई हैं। कई बार इस बात की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन समाधान के नाम पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गांव वालों में सबसे ज्यादा गुस्सा पंचायत के प्रधान और उपप्रधान के प्रति है, जिन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि चुनाव जीतने के बाद से उन्होंने इस इलाके की सुधि तक नहीं ली है। पेयजल संकट और जल जीवन मिशन की नाकामी सिंहाड़ गांव के लोगों के लिए पानी की किल्लत सबसे विकराल समस्या का रूप ले चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से गांव का हैंडपंप पूरी तरह बंद पड़ा है, जिसकी वजह से लोगों को पीने के पानी की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा गांव में पानी की पर्याप्त टंकी का भी कोई इंतजाम नहीं है। लोगों का कहना है कि भले ही जल जीवन मिशन के तहत आसपास के इलाकों में पाइपलाइन बिछाकर पानी सप्लाई करने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन सिंहाड़ के कई हिस्सों में अब तक पाइपलाइन के लिए खुदाई ही नहीं की गई है और न ही सभी घरों तक नल के कनेक्शन पहुंच पाए हैं। झूलते बिजली के तार और 11 हजार वोल्ट का खतरा गांव की बिजली व्यवस्था भी स्थानीय लोगों के लिए एक बड़े खतरे का सबब बन चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक बिजली के तार कई जगहों पर काफी नीचे झूल रहे हैं। पूर्व में एक बार बिजली की लाइन गिरने की घटना भी सामने आ चुकी है, जिसके कारण एहतियात के तौर पर रात के समय लाइन को बंद करवाना पड़ा था। गांव के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से हमेशा एक बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। इसके साथ ही बार-बार होने वाली बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति ने लोगों के घरेलू कामों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। टूटी सड़कें और जलभराव की मार गांव के भीतर बनाई गई सीमेंटेड सड़कें अब पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं। जगह-जगह से उखड़ी और टूटी सड़कों की वजह से रोजाना आवागमन करना बेहद मुश्किल हो गया है। इन सबके ऊपर गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए कोई उचित प्रबंध न होने के कारण बारिश के दिनों में हालात और ज्यादा बदतर होने का अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों का साफ तौर पर यही कहना है कि उन्हें कागजी और बड़े-बड़े दावों की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि जमीन पर धरातल पर दिखने वाले वास्तविक काम चाहिए। इसका आप पर असर प्रतापगढ़ जिले के सिंहाड़ गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सीधा असर स्थानीय निवासियों के रोजमर्रा के जीवन, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। • भारत में: ग्रामीण इलाकों में जल जीवन मिशन और बुनियादी ढांचे के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े होते हैं। • प्रतापगढ़ में: सिंहाड़ गांव के लोगों को पीने के पानी की भारी किल्लत, जर्जर सड़कों पर आवागमन की मुश्किलों और झूलते बिजली तारों के जानलेवा खतरे का सामना करना पड़ रहा है। • पेयजल सुरक्षा: हैंडपंप खराब होने और पाइपलाइन न बिछने से महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। • शिक्षा और कामकाज: अनियमित बिजली कटौती और कम वोल्टेज के कारण ग्रामीण परिवारों के घरेलू कामकाज के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। • सुरक्षा जोखिम: 11 हजार वोल्ट की नीचे लटकती हाईटेंशन लाइन किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। ऐसा क्यों हुआ सिंहाड़ गांव में बुनियादी सुविधाओं का यह संकट प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण पैदा हुआ है। • प्रशासनिक लापरवाही: स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक बार-बार शिकायत पहुंचाने के बावजूद समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। • योजनाओं का अधूरा क्रियान्वयन: जल जीवन मिशन के तहत आसपास के क्षेत्रों में काम होने के दावे किए गए, लेकिन सिंहाड़ गांव तक पाइपलाइन बिछाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया। • जवाबदेही का अभाव: चुनाव जीतने के बाद पंचायत के प्रधान और उपप्रधान द्वारा गांवों की ओर ध्यान न देने से ग्रामीण समस्याओं का अंबार लग गया। • रखरखाव की कमी: बिजली लाइनों और सीमेंटेड सड़कों की लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण वे जर्जर अवस्था में पहुंच गई हैं। सवाल-जवाब 1. प्रतापगढ़ जिले के किस उपखंड के सिंहाड़ गांव की यह समस्या है? यह समस्या धरियावद उपखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिंहाड़ की है। 2. ग्रामीणों की सबसे बड़ी नाराजगी किससे है? ग्रामीणों की सबसे ज्यादा नाराजगी पंचायत के प्रधान और उपप्रधान को लेकर है। 3. सिंहाड़ गांव में पानी की समस्या क्यों बनी हुई है? हैंडपंप पिछले दो-तीन दिन से बंद पड़ा है और गांव में पर्याप्त पानी की टंकी तथा सभी घरों तक पाइपलाइन न होने के कारण पानी की किल्लत है। 4. गांव में बिजली से क्या खतरा बना हुआ है? बिजली के तार कई जगहों पर काफी नीचे झूल रहे हैं और 11 हजार वोल्ट की लाइन से लगातार बड़ा खतरा बना हुआ है। 5. सड़कों और जल निकासी की क्या स्थिति है? गांव की सीसी सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बारिश में गंभीर हालात की आशंका है। https://trendkia.com/rajasthan/dhariyavada-ke-sinhara-ganva-men-buniyadi-suvidhaon-ka-abhava-pani-aura-bijali-ke-lie-tarasa-rahe-gramina-30869 TrendKia — Har trend, sabse pehle.