दीपावली पर जयपुर को रोशन रखने का पुख्ता प्लान, ग्रिड अपग्रेड और हेल्पलाइन नंबर जारी दीपावली के पर्व पर जयपुर में निर्बाध विद्युत प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए डिस्कॉम ने ट्रांसफार्मरों और फीडरों की व्यापक मरम्मत पूरी की है, साथ ही नागरिकों के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष और फोन नंबर सक्रिय किए गए हैं। गुलाबी नगर में त्योहारों की चमक बिना किसी रुकावट के बनी रहे, इसके लिए स्थानीय विद्युत वितरण तंत्र को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है। दीपोत्सव के दौरान रोशनी और सजावट के कारण बिजली की मांग चरम पर पहुंच जाती है। इसी अतिरिक्त भार को संभालने और फॉल्ट के जोखिम को खत्म करने के मकसद से विद्युत तंत्र के बुनियादी ढांचे को दो महीने तक सघन जांच और सुधार के दौर से गुजारा गया है। सब-स्टेशनों से लेकर मोहल्लों में लगे ट्रांसफार्मरों तक की खामियों को समय रहते दुरुस्त कर लिया गया है ताकि दीयों के साथ-साथ घरों और बाजारों की बत्तियां भी लगातार रोशन रहें। दो माह तक चला सघन मरम्मत और निरीक्षण अभियान अत्यधिक मांग के दिनों में अचानक ट्रिपिंग या तकनीकी खराबी न आए, इसके लिए डिस्कॉम ने लगभग साठ दिनों का विशेष मेंटेनेंस प्रोग्राम चलाया। इस दौरान शहर के दोनों सर्किलों में मौजूद 33 केवी के कुल 153 सब स्टेशनों की कार्यप्रणाली परखी गई। इसके साथ ही 33 केवी स्तर के 238 फीडर और 11 केवी वाले 1,424 फीडरों की व्यापक जांच की गई। बड़े पावर हाउसों में स्थापित 373 पावर ट्रांसफार्मरों तथा कॉलोनियों व गलियों में विद्युत आपूर्ति करने वाले 18,638 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों के उपकरणों की स्थिति जांची गई। जहां भी केबल कमजोर थी या उपकरण पुराने पड़ चुके थे, उन्हें तुरंत बदल दिया गया। इस पूरे अभियान में वितरण और प्रसारण एजेंसियों ने आपस में तालमेल बनाकर ग्रिड लोड को संतुलित रखने की व्यवस्था तैयार की। दक्षिणी हिस्से में लोड संभालने के लिए 31 एमवीए की अतिरिक्त क्षमता शहर के दक्षिणी इलाके में बिजली की खपत के बढ़ते दबाव को देखते हुए वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत आधार दिया गया है। पहले से काम कर रहे 5-5 एमवीए के सात बड़े पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता को अपग्रेड करके 8-8 एमवीए स्तर का बना दिया गया है। इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों में 24 नए वितरण ट्रांसफार्मर भी चालू किए गए हैं। इन तकनीकी बदलावों की बदौलत समूचे दक्षिण सर्किल में आपूर्ति क्षमता में 31 एमवीए की ठोस बढ़ोतरी दर्ज हुई है। केवल ट्रांसफार्मर ही नहीं, बल्कि विद्युत वितरण को सुगम बनाने के लिए 33 केवी के चार और 11 केवी के छह नए फीडर भी नेटवर्क में जोड़े गए हैं, जिससे कम वोल्टेज की दिक्कत और ट्रिपिंग की आशंका काफी हद तक खत्म हो जाएगी। उत्तरी सर्किल में 26 नए फीडर और दर्जनों नए ट्रांसफार्मर तैयार उत्तरी जयपुर में भी पिछले साल त्योहार के चरम पर 863 मेगावाट का पीक लोड दर्ज हुआ था। इसी आंकड़े को आधार मानकर इस बार यहां भी अग्रिम बंदोबस्त किए गए हैं। अभियान के तहत 33 केवी के 71 ग्रिड सब स्टेशनों, 127 फीडरों तथा 11 केवी के 670 फीडरों की कमियों को दूर किया गया। इसके अतिरिक्त 8,879 वितरण ट्रांसफार्मरों के जम्फर, जीओ स्विच, आरएमयू यूनिट्स और फ्यूज बदले अथवा सुधारे गए, जबकि कई संवेदनशील स्थानों पर एलटी पिलर बॉक्स को भी नया रूप दिया गया। भविष्य की जरूरत और सुरक्षा को देखते हुए एक नया 33/11 केवी सब स्टेशन भी धरातल पर उतारा गया है। उत्तरी नेटवर्क में 33 केवी के चार एवं 11 केवी के 22 नए फीडर जोड़ने के साथ-साथ 306 नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर सक्रिय किए गए हैं। त्योहार के छह दिनों के लिए फील्ड में तैनात रहेंगे तकनीकी दल दीपावली की व्यस्तता के दौरान छह नवंबर से ग्यारह नवंबर तक के समय को बेहद संवेदनशील मानते हुए विशेष शिफ्ट व्यवस्था लागू की गई है। शहर दक्षिण के अधीक्षण अभियंता मनोज गुप्ता तथा उत्तर सर्किल के अधीक्षण अभियंता डीके पुंडीर ने इस विशेष निगरानी प्रणाली की रूपरेखा स्पष्ट की है। सभी 220/132 केवी सब स्टेशनों पर अधिशासी और सहायक अभियंताओं की सीधी ड्यूटी लगाई गई है, जिससे किसी भी बड़े ब्रेकडाउन से तुरंत निपटा जा सके। वहीं 33/11 केवी क्षमता वाले सब स्टेशनों का जिम्मा कनिष्ठ अभियंताओं के पास रहेगा और अत्यधिक लोड वाले ट्रांसफार्मरों के पास तकनीकी स्टाफ को हर समय अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। समस्या आने पर इन आठ खंडों के अधिकारियों से करें सीधा संपर्क उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए छह से ग्यारह नवंबर के मध्य खंड स्तर पर इमरजेंसी कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे। यदि किसी क्षेत्र में बत्ती गुल होती है या वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव आता है, तो नागरिक अपने संबंधित ब्लॉक के अधिशासी अभियंता के सीयूजी मोबाइल नंबर पर सीधे बात कर सकते हैं। प्रथम खंड के उपभोक्ता 9413390064, द्वितीय खंड के 9413390065, तृतीय खंड के 9413390066 और चतुर्थ खंड के नागरिक 9413390067 पर फोन मिला सकते हैं। इसी क्रम में पंचम खंड के लिए 9413390068, छठे खंड के लिए 9413390069, सातवें खंड के लिए 9413390070 तथा आठवें खंड के लिए 9413389742 नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर चौबीसों घंटे तकनीकी अमला निगरानी रखेगा। कॉल सेंटर, वाट्सएप और ऑनलाइन पोर्टल से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा अधिकारियों के मोबाइल नंबरों के अलावा आमजन पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। निगम का 24 घंटे चलने वाला टोल फ्री नंबर 18001806507, लैंडलाइन नंबर 0141-2203000 तथा त्वरित आईवीआरएस सेवा 1912 खुली रहेगी। जो लोग मैसेज के जरिए संपर्क करना चाहते हैं, वे मोबाइल नंबर 9414037085 पर वाट्सएप या साधारण एसएमएस भेज सकते हैं। वाट्सएप अथवा मैसेज से शिकायत दर्ज कराते समय उपभोक्ता को अपना पूरा पता तथा बिजली बिल में छपा 12 अंकों वाला के-नंबर अवश्य लिखना होगा। उपभोक्ता अपनी शिकायत बिजली मित्र मोबाइल ऐप, आधिकारिक वेबसाइट energy.rajasthan.gov.in/jvvn, ईमेल helpdesk@jvvnl.org या सोशल मीडिया हैंडल @JVVNLCCare पर भी भेज सकते हैं, जहां से त्वरित निस्तारण के लिए टीम को तुरंत रवाना किया जाएगा। इसका आप पर असर दीपावली के दौरान जयपुर के निवासियों और व्यापारियों को बिना रुकावट बिजली मिलने से त्योहार की रोशनी और व्यापार दोनों सुचारू रहेंगे। • जयपुर वासियों के लिए: शहर भर में 6 से 11 नवंबर तक विशेष नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहने से बिजली गुल होने पर तत्काल तकनीकी मदद मिल सकेगी। नागरिक अपने बिल का 12 अंकों का के-नंबर बताकर तुरंत लाइनमैन की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। • दुकानदारों और बाजार संघों के लिए: ट्रांसफार्मर क्षमता 31 एमवीए तक बढ़ने से सजावटी लाइटों के भारी लोड के बावजूद वोल्टेज गिरने का खतरा काफी कम हो गया है। बाजारों में बार-बार ट्रिपिंग न होने से त्योहारी कारोबार बिना किसी तकनीकी बाधा के चलेगा। • शिकायत निवारण में आसानी: हेल्पलाइन और वाट्सएप नंबर 9414037085 जारी होने से उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। घर बैठे मोबाइल ऐप या फोन कॉल से फॉल्ट की सूचना दर्ज कराई जा सकेगी। • सुरक्षा और त्वरित मरम्मत: संवेदनशील ट्रांसफार्मरों और सब स्टेशनों पर 24 घंटे तकनीकी कर्मियों की तैनाती से शॉर्ट सर्किट या आगजनी जैसी आपात स्थिति में तुरंत राहत मिलेगी। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में ग्रिड को तेजी से आइसोलेट किया जा सकेगा। ऐसा क्यों हुआ दीपावली के दौरान घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर अत्यधिक सजावटी लाइटिंग के चलते बिजली की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिससे पुराने ग्रिड पर ट्रिपिंग और उपकरण जलने का खतरा पैदा होता है। • त्योहारी पीक लोड का दबाव: पिछले वर्ष दीपोत्सव के दौरान उत्तरी सर्किल में ही अधिकतम बिजली की मांग 863 मेगावाट तक पहुंच गई थी। इसी रिकॉर्ड खपत को देखते हुए ट्रांसफार्मरों और लाइनों की क्षमता को पहले से बढ़ाना जरूरी हो गया था। • कमजोर उपकरणों का समय पर नवीनीकरण: लगातार भारी लोड से जम्फर, फ्यूज और एलटी पिलर बॉक्स जलने की घटनाएं आम हो जाती हैं। दो महीने के रखरखाव के दौरान इन संवेदनशील कलपुर्जों की मरम्मत कर संभावित ब्रेकडाउन की जड़ खत्म की गई। • प्रसारण और वितरण में संतुलन: ग्रिड पर अचानक लोड बढ़ने से कई कॉलोनियों में लो वोल्टेज की गंभीर समस्या पैदा हो जाती थी। इसे रोकने के लिए 31 एमवीए की नई क्षमता जोड़ी गई और 30 से अधिक नए फीडर तैयार किए गए। सवाल-जवाब 1. दीपावली पर जयपुर में बिजली चले जाने पर किन नंबरों पर शिकायत की जा सकती है? नागरिक टोल फ्री नंबर 18001806507, लैंडलाइन नंबर 0141-2203000, आईवीआरएस 1912 अथवा अपने खंड के अधिशासी अभियंता के फोन पर संपर्क कर सकते हैं। 2. वाट्सएप के जरिए बिजली शिकायत दर्ज कराने के लिए क्या करना होगा? उपभोक्ता मोबाइल नंबर 9414037085 पर वाट्सएप संदेश भेज सकते हैं, जिसमें अपना पूरा पता और बिल पर अंकित 12 अंकों का के-नंबर लिखना अनिवार्य है। 3. त्योहार के दौरान निर्बाध आपूर्ति के लिए विशेष टीमें कब से कब तक तैनात रहेंगी? विद्युत निगम के अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों की चौबीसों घंटे विशेष ड्यूटी 6 नवंबर से 11 नवंबर तक लगाई गई है। 4. दीपावली की तैयारी के लिए जयपुर दक्षिण सर्किल में कितनी बिजली क्षमता बढ़ाई गई है? दक्षिण सर्किल में ट्रांसफार्मरों के उच्चीकरण और नए ट्रांसफार्मर लगाने से कुल 31 एमवीए क्षमता बढ़ाई गई है। 5. पिछले साल दीपावली पर जयपुर उत्तर सर्किल में बिजली का अधिकतम भार कितना था? गत वर्ष दीपावली पर्व के दौरान उत्तर सर्किल में बिजली की अधिकतम खपत 863 मेगावाट दर्ज की गई थी। https://trendkia.com/rajasthan/dipavali-para-jaipur-ko-roshana-rakhane-ka-pukhta-plana-grida-apagreda-aura-helpalaina-nnbara-jari-56856 TrendKia — Har trend, sabse pehle.