# दीपावली पर रोशनी से नहला जयपुर का परकोटा, 42 फीट ऊंचे राम मंदिर और सेतु की झांकी ने मोहा मन

> जयपुर के ऐतिहासिक चारदीवारी बाजारों में दीपावली पर भव्य सजावट की गई है, जहां 51 बाजारों को रोशन किया गया है। छोटी चौपड़ पर बनाई गई विशाल राम मंदिर और राम सेतु की झांकी देखने के लिए देश और दुनिया से सैलानी पहुंच रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/dipavali-para-roshani-se-nahala-jaipur-ka-parakota-42-phita-unche-ram-mandir-aura-setu-ki-jhanki-ne-moha-mana-57376 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर दीपावली, जयपुर बाजार सजावट, राम मंदिर झांकी, छोटी चौपड़ जयपुर, गुलाबी शहर लाइटिंग

दीपावली के इस पावन पर्व पर गुलाबी शहर जयपुर का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और परकोटे के भीतर की गलियां किसी दुलहन की तरह सजकर तैयार हैं। देश-विदेश में अपनी अनूठी सजावट के लिए पहचान बना चुके जयपुर के इन ऐतिहासिक बाजारों में रोशनी का ऐसा जाल बिछाया गया है कि आने वाले हर शख्स की नजरें वहीं ठहर जाती हैं। शहर के कुल इक्यावन यानी 51 बाजारों में इस बार मिलकर रोशनी की गई है, जिसकी यह खूबसूरत चमक भैया दूज के पावन पर्व तक लोगों को अपनी तरफ खींचती रहेगी। इस अद्भुत और ऐतिहासिक नजारे को अपनी आंखों से निहारने के लिए केवल देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में सैलानी गुलाबी नगरी पहुंच रहे हैं।

## प्रमुख बाजारों में संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम
शहर के मुख्य व्यापारिक केंद्रों की बात करें तो जौहरी बाजार, चांदपोल बाजार, चौड़ा रास्ता, किशनपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार और रामगंज बाजार के अलावा चांदी की टकसाल, हवामहल बाजार और गणगौरी बाजार को बेहद भव्य तरीके से सजाया गया है। इन तमाम बाजारों की सजावट में जयपुर की तीन सौ सालों पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, देश के प्रति प्रेम और पर्यावरण बचाने के संदेश की साफ झलक देखने को मिलती है। मन को मोह लेने वाली लाइटिंग और बड़े-बड़े भव्य प्रवेश द्वारों ने परकोटे की खूबसूरती को और अधिक बढ़ा दिया है, जिससे हर आने जाने वाला व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो जाता है।

## छोटी चौपड़ पर सजी विशाल राम मंदिर और राम सेतु की झांकी
त्योहार के इस खास मौके पर जयपुर में लगने वाली झांकियां हमेशा से ही लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का बड़ा केंद्र रही हैं। इस बार छोटी चौपड़ पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के साथ-साथ राम सेतु निर्माण की बेहद अनोखी झांकी सजाई गई है, जिसे देखकर दर्शक हैरान रह गए हैं। इस पूरी झांकी में बयालीस यानी 42 फीट चौड़ा और छत्तीस यानी 36 फीट ऊंचा एक विशाल राम मंदिर तैयार किया गया है, जो इसकी भव्यता में चार चांद लगा रहा है। इसके साथ ही राम सेतु के जीवंत दृश्य को भी कलात्मक रूप से उकेरा गया है, जहां समुद्र की लहरें, बड़ी-बड़ी चट्टानें, मनमोहक रोशनी और हिलते-डुलते किरदारों के माध्यम से उस ऐतिहासिक पल को जीवंत कर दिया गया है। इसके अलावा गणगौरी बाजार में हेरिटेज थीम के आधार पर हवा महल और जंतर-मंतर की झांकियां बनाई गई हैं, जबकि चौड़ा रास्ता बाजार में देशभक्ति की थीम पर की गई सजावट भी लोगों का भरपूर मन मोह रही है।

## सुरक्षा, पार्किंग और यातायात को लेकर प्रशासन के पुख्ता बंदोबस्त
त्योहार के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और रोशनी के इस जलवे को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और तमाम व्यापार मंडलों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बाजारों की साफ-सफाई पर विशेष जोर देने के साथ-साथ खुले हुए बिजली के तारों को पूरी तरह से कवर किया गया है और पटाखों की दुकानों के पास अग्निशमन सुरक्षा यानी फायर ब्रिगेड एक्शन प्लान का पूरा ख्याल रखा गया है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए अलग से पार्किंग स्थल बनाए गए हैं और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों को पूरी तरह से वाहन मुक्त रखा गया है। जैसे ही शाम ढलती है और जयपुर के इन बाजारों की बत्तियां जलती हैं, तो यह अलौकिक दृश्य किसी भी देखने वाले के मन में हमेशा के लिए बस जाता है।

## इसका आप पर असर
जयपुर की इस भव्य दीपावली सजावट और विशाल झांकियों का असर स्थानीय व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर सीधा पड़ता है।

- **जयपुर में:** पर्यटकों की भारी आमद के कारण स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों के व्यापार में जबरदस्त तेजी आती है। हालांकि परकोटे के कई रास्तों को वाहन मुक्त किए जाने के कारण वाहन चालकों को कुछ दूरी तक पैदल चलना पड़ सकता है।
- **भारत में:** देश के अन्य हिस्सों से आने वाले सैलानियों को जयपुर की पारंपरिक संस्कृति और शिल्प कला को नजदीक से देखने का अनूठा अवसर मिलता है। इस दौरान पर्यटन क्षेत्र से जुड़े परिवहन और होटल उद्योगों को बड़ा आर्थिक प्रोत्साहन प्राप्त होता है।
- **सुरक्षा और यातायात:** प्रशासन द्वारा किए गए कड़े इंतजामों से भीड़भाड़ वाले इलाकों में हादसों की आशंका कम होती है और सुरक्षा पुख्ता रहती है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पार्किंग के निर्धारित स्थलों का ही उपयोग करें ताकि सुगम आवागमन बना रहे।
- **स्थानीय कारीगर:** इस सामूहिक सजावट से स्थानीय कलाकारों, इलेक्ट्रीशियन और सजावट का काम करने वाले कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिलते हैं। इससे त्योहारी सीजन के दौरान उनकी आजीविका को भी महत्वपूर्ण संबल मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
जयपुर के चारदीवारी बाजारों में हर वर्ष की जाने वाली यह भव्य सजावट और झांकियों का आयोजन सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा और स्थानीय व्यापारिक एकता का परिणाम है।

- **सांस्कृतिक परंपरा:** परकोटे के बाजारों को सजाने की यह अनूठी प्रथा जयपुर के व्यापारियों और स्थानीय संगठनों द्वारा अपनी समृद्ध विरासत को सहेजने के लिए बरसों से निभाई जा रही है।
- **व्यापारिक सहयोग:** शहर के इक्यावन बाजारों के व्यापारी संगठन आपसी सहयोग और सामूहिक फंड से इस विशाल लाइटिंग और सजावट की रूपरेखा तैयार करते हैं।
- **आकर्षण का केंद्र:** दीपावली के पावन पर्व पर देश और दुनिया से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने तथा शहर की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए यह आयोजन किया जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर में दीपावली की सजावट कितने बाजारों में की गई है?
जयपुर के परकोटे के कुल 51 बाजारों में सामूहिक सजावट की गई है।

### 2. छोटी चौपड़ पर सजाए गए राम मंदिर की चौड़ाई और ऊंचाई कितनी है?
छोटी चौपड़ पर तैयार किए गए भव्य राम मंदिर की चौड़ाई 42 फीट और ऊंचाई 36 फीट है।

### 3. जयपुर की इस ऐतिहासिक सजावट को देखने का लुत्फ कब तक उठाया जा सकता है?
बाजारों की यह जगमगाहट भैया दूज के पावन पर्व तक लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी।

### 4. गणगौरी बाजार में किस थीम पर आधारित झांकियां सजाई गई हैं?
गणगौरी बाजार में हेरिटेज थीम पर आधारित हवा महल और जंतर-मंतर की झांकियां सजाई गई हैं।

### 5. भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें बिजली के तारों की कवरिंग, अग्निशमन सुरक्षा और कई मार्गों को वाहन मुक्त रखना शामिल है।

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