दीपावली से पहले बहरोड़ में मिलावट के खिलाफ बड़ा एक्शन, भारी मात्रा में दूषित दूध नष्ट और मिठाइयां सीज अलवर के बहरोड़ में त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक छापेमारी कर सैकड़ों किलो मिठाइयां सीज कीं और 615 लीटर दूषित दूध नष्ट करवाया. दीपावली और त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही बाजारों में मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है. इसी मांग का गलत फायदा उठाने वाले मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए अलवर जिले के बहरोड़ में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. आम नागरिकों तक शुद्ध और सुरक्षित खानपान पहुंचाने के मकसद से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने क्षेत्र की मावा निर्माण इकाइयों और प्रमुख मिठाई दुकानों पर अचानक दबिश दी. इस सघन जांच अभियान के दौरान निर्माण स्थलों पर स्वच्छता के बेहद खराब हालात दिखे और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में गंभीर खामियां उजागर हुईं. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 510 किलोग्राम गुलाब जामुन और रसगुल्ले जब्त कर लिए, जबकि 615 लीटर दूषित दूध समेत कई अन्य संदिग्ध खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया. इसके अलावा विभिन्न उत्पादों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. सांवरिया मिल्क फूड्स में मिली व्यापक अनियमितताएं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त निर्देश पर जांच दल सबसे पहले बहरोड़ स्थित मेसर्स सांवरिया मिल्क फूड्स पहुंचा. प्रतिष्ठान में तैयार हो रहे सामान की पड़ताल करते हुए अधिकारियों ने गुलाब जामुन, रसगुल्ला, मिक्स्ड मिल्क, क्रीम और मिल्क केक के नमूने लिए. मौके पर प्रथम दृष्टया मिलावट का संदेह पुख्ता होने पर 510 किलो गुलाब जामुन और रसगुल्ले के साथ-साथ 200 किलो क्रीम को तत्काल प्रभाव से सीज किया गया. इसके अतिरिक्त सिंथेटिक रंग के इस्तेमाल से बनाए गए 10 किलो रसगुल्ले और 80 किलो मिल्क केक को मौके पर ही फिंकवा कर नष्ट करवाया गया. पड़ताल में खुलासा हुआ कि मिल्क केक को तैयार करने में तय मानकों को ताक पर रखकर रिफाइंड तेल, ग्लूकोज, मिल्क पाउडर, सूजी और मैदा जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा था. इसी परिसर से अधिकारियों ने 550 लीटर दूषित दूध और 50 किलो खराब क्रीम को भी तुरंत नष्ट करवाया. कृष्णा रसगुल्ला भंडार पर भी गिरी गाज इसके पश्चात खाद्य सुरक्षा टीम ने बहरोड़ के ही एक अन्य प्रतिष्ठान मेसर्स कृष्णा रसगुल्ला भंडार का रुख किया. यहां टीम ने राजभोग मिठाई का औपचारिक नमूना लिया. निरीक्षण के दौरान टीम को गुणवत्ता के विपरीत पाए गए करीब 65 लीटर दूषित दूध और अमानक सिंथेटिक रंग से तैयार किए गए 65 किलो रसगुल्लों को तत्काल नष्ट करवाना पड़ा. दोनों ही फर्मों में खाद्य सुरक्षा के बुनियादी नियमों और हाइजीन व्यवस्था की अनदेखी पाए जाने पर विभागीय अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को इम्प्रूवमेंट नोटिस थमाए हैं. दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे खाद्य पदार्थों के निर्माण, स्टोरेज और साफ-सफाई में सरकारी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें. प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई इस पूरी सघन जांच और जब्ती की कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा और नेहा शर्मा मुस्तैद रहे. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब्त नमूनों की जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से प्राप्त होने के पश्चात दोषियों के खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. प्रशासन ने कारोबारियों को चेतावनी दी है कि त्योहारों के दौरान जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे सीजन में ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे. इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में बाजार से खरीदी जाने वाली मिठाइयों और दूध की शुद्धता को लेकर यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के लिए बेहद अहम है. • भारत में: त्योहारी दिनों में देश भर के बाजारों में दूध, मावा और पनीर से बने उत्पादों में मिलावट का खतरा बढ़ जाता है. उपभोक्ताओं को खुले और अत्यधिक सस्ते खाद्य पदार्थों के बजाय प्रमाणित और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खरीददारी करने की सलाह दी जाती है. • अलवर और बहरोड़ में: स्थानीय निवासियों को दूषित दूध और सिंथेटिक रंगों से तैयार मिलावटी मिठाइयों के स्वास्थ्य खतरों से तत्काल राहत मिली है. ग्राहक किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. • मिठाई व्यापारियों पर असर: क्षेत्र के सभी हलवाइयों और खाद्य निर्माताओं के लिए हाइजीन मानकों और शुद्ध सामग्री के नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया है. नियमों की अनदेखी करने पर सुधार नोटिस, जब्ती और विधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. • खरीदारी की सावधानी: ग्राहकों को बेहद चमकदार रंगों वाले रसगुल्ले या असामान्य स्वाद वाले मिल्क केक की खरीद से बचना चाहिए. ऐसे उत्पाद सिंथेटिक रंगों, ग्लूकोज या मिलावटी मावे से बने हो सकते हैं. ऐसा क्यों हुआ दीपावली के आगमन के साथ बाजार में मावे और मिठाइयों की खपत में भारी उछाल आता है, जिसके चलते मिलावटी सामान खपाने की कोशिशें बढ़ जाती हैं. • सीजनल मांग और मुनाफाखोरी: त्योहारी दिनों में मांग की तुलना में प्राकृतिक दूध और मावे की आपूर्ति कम पड़ जाती है. कुछ कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने के लिए सिंथेटिक रंग, रिफाइंड तेल, ग्लूकोज और मैदा मिलाकर घटिया मिठाई तैयार करते हैं. • औचक प्रशासनिक अभियान: त्योहारों के दौरान जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने पहले से योजना बनाकर औचक निरीक्षण दल गठित किए थे. इसी निगरानी तंत्र के तहत बहरोड़ के संदिग्ध प्रतिष्ठानों की जांच की गई. • स्वच्छता और निर्माण मानकों की अनदेखी: निर्माण इकाइयों में साफ-सफाई के न्यूनतम मानकों का अभाव था और दूषित कच्चे माल का भंडारण किया गया था. इसी वजह से भारी मात्रा में खाद्य सामग्री को तुरंत सीज और नष्ट किया गया. सवाल-जवाब 1. बहरोड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कुल कितनी मिठाई सीज की? टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान करीब 510 किलो गुलाब जामुन और रसगुल्ले सीज किए. 2. कार्रवाई के दौरान कितना दूषित दूध नष्ट करवाया गया? अधिकारियों ने दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 615 लीटर दूषित दूध मौके पर ही नष्ट करवाया. 3. सांवरिया मिल्क फूड्स में मिल्क केक में क्या मिलावट पाई गई? मिल्क केक बनाने में रिफाइंड तेल, ग्लूकोज, मिल्क पाउडर, सूजी और मैदा का इस्तेमाल किया गया था. 4. दोनों दुकानों के खिलाफ प्रशासन ने क्या कदम उठाया है? दोनों प्रतिष्ठानों को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए हैं और नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. https://trendkia.com/rajasthan/dipavali-se-pahale-behror-men-milavata-ke-khilapha-bara-ekshana-bhari-matra-men-dushita-dudha-nashta-aura-mithaiyan-sija-56561 TrendKia — Har trend, sabse pehle.