दीपावली से पहले धौलपुर में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1205 किलो खाद्य सामग्री जब्त त्योहारी मांग के बीच धौलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो अलग-अलग छापों में 750 किलो संदिग्ध घी, 350 किलो मिल्क पाउडर और 105 किलो तेल सीज किया। दीपावली पर्व को देखते हुए बाजारों में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की भारी मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी पर कड़ा शिकंजा कसा है। त्योहार के सीजन में नागरिकों तक सुरक्षित और मानक सामग्री पहुंचे, इसी उद्देश्य से जिले भर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जांच दलों ने सघन पड़ताल करते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर कुल 1205 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। औद्योगिक क्षेत्र की डेयरी से 750 किलोग्राम संदिग्ध घी बरामद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्मसिंह मीणा के अनुसार, खाद्य सुरक्षा दल ने रविवार के दिन धौलपुर स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र के भूखंड जे-246 पर संचालित एस.एस. फूड प्रोडक्ट्स इकाई का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर में संदिग्ध हालात में रखे घी के 50 पीपे बरामद किए गए। प्रत्येक पीपे में 15 किलोग्राम घी मौजूद था, जिसकी कुल मात्रा 750 किलोग्राम दर्ज की गई। नियमों के तहत पूरी खेप को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जिससे स्थानीय खाद्य कारोबारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई। राजाखेड़ा में वाहन रोककर मिल्क पाउडर और खाद्य तेल पकड़ा अभियान के अगले चरण में सोमवार को राजाखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत देवखेड़ा गांव के पास एक संदिग्ध वाहन को रोका गया। पड़ताल में सामने आया कि यह वाहन सोनू ड्राइवर का है। गाड़ी की तलाशी लेने पर स्किम्ड मिल्क पाउडर के 14 कट्टे बरामद हुए, जिनमें प्रति कट्टा 25 किलोग्राम पाउडर भरा हुआ था। इसके साथ ही 15 किलोग्राम क्षमता वाले रिफाइंड ऑयल के 7 पीपे भी वाहन में लदे पाए गए। मौके पर मौजूद जांच दल ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत 350 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर और 105 किलोग्राम रिफाइंड ऑयल को सीज कर दिया। रीको क्षेत्र और देवखेड़ा की दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर जब्त सामग्री का कुल वजन 1205 किलोग्राम तक पहुंच गया। दूध, मावा और मिठाइयों पर सघन निगरानी का फैसला डॉ. धर्मसिंह मीणा ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन में दूध, मावा, पनीर, मिठाइयों तथा खाद्य तेलों की शुद्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय दल निरंतर बाजारों, खुदरा दुकानों, डेयरियों और निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। मिलावटी माल की आवाजाही रोकने के लिए परिवहन वाहनों की भी गहन तलाशी ली जा रही है ताकि दूषित सामग्री उपभोक्ताओं की रसोई तक न पहुंच सके। अधिकारियों के अनुसार शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री की आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह जांच अभियान आगे भी अनवरत चलता रहेगा। इसका आप पर असर त्योहारों पर मिलावटी मावा, नकली घी और अशुद्ध खाद्य तेल की खपत रोकने के लिए यह जब्ती आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करती है। • भारत में: त्योहारों के दौरान सभी राज्यों में खाद्य सुरक्षा दल सक्रिय रहते हैं ताकि अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री रुक सके। ग्राहकों को मिठाइयां और डेयरी उत्पाद केवल विश्वसनीय तथा लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदने चाहिए। • धौलपुर में: रीको औद्योगिक क्षेत्र और राजाखेड़ा मार्ग पर हुई इस कार्रवाई से स्थानीय बाजारों में मिलावटी माल की आवक पर लगाम लगेगी। स्थानीय नागरिकों को पैकेजिंग, सील और गुणवत्ता लेबल की भलीभांति जांच करने के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए। • उपभोक्ता स्वास्थ्य: सिंथेटिक दूध, घटिया तेल और अमानक घी का सेवन पेट की बीमारियों तथा गंभीर विषाक्तता का कारण बन सकता है। किसी भी संदिग्ध स्वाद या गंध वाले उत्पाद की शिकायत तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य विभाग में की जानी चाहिए। • व्यापारियों के लिए: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत स्टॉक और परिवहन के वैध दस्तावेज न होने पर माल तत्काल सीज किया जा सकता है। गैर-कानूनी ढंग से सामग्री ले जाने वाले चालकों और व्यापारियों पर कानूनी जुर्माना लग सकता है। ऐसा क्यों हुआ दीपावली पर्व पर मिठाइयों की अत्यधिक मांग के चलते कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की नीयत से मिलावटी सामग्री तैयार की जाती है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व-निवारक जांच अभियान शुरू किया। • सीधे कारण: त्योहार के समय मावा और घी की मांग सामान्य दिनों से कई गुना बढ़ जाती है, जिससे अनधिकृत इकाइयां सिंथेटिक और अमानक माल तैयार करने लगती हैं। विभाग ने इसी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए छापेमारी की। • संदेहास्पद भंडारण और परिवहन: रीको स्थित एस.एस. फूड प्रोडक्ट्स में बिना स्पष्ट रिकॉर्ड के 50 पीपे घी रखे मिले, जबकि राजाखेड़ा में एक वाहन के जरिए थोक मात्रा में पाउडर और तेल ले जाया जा रहा था। इन परिस्थितियों ने मिलावट की आशंका को पुख्ता किया। • वैधानिक नियमन: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली हर खाद्य सामग्री का परीक्षण और मानक अनुरूप होना अनिवार्य है। संशय होने पर नियमानुसार नमूने लेकर खेप को सीज करने की प्रक्रिया अपनाई गई। सवाल-जवाब 1. धौलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कुल कितनी सामग्री सीज की? विभाग ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 1205 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज की है। 2. रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित डेयरी से क्या बरामद हुआ? एस.एस. फूड प्रोडक्ट्स से 15-15 किलोग्राम वाले 50 पीपों में कुल 750 किलोग्राम घी जब्त किया गया। 3. राजाखेड़ा क्षेत्र में वाहन से कौन-सी सामग्री पकड़ी गई? वाहन से 350 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर (14 कट्टे) और 105 किलोग्राम रिफाइंड तेल (7 पीपे) सीज किया गया। 4. यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई है? यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उससे जुड़े नियमों के तहत की गई है। 5. त्योहारी सीजन में विभाग किन खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान दे रहा है? विभाग मुख्य रूप से दूध, मावा, पनीर, मिठाइयों और खाद्य तेलों की गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है। https://trendkia.com/rajasthan/dipavali-se-pahale-dholpur-men-milavata-ke-khilapha-bari-karravai-1205-kilo-khadya-samagri-jabta-55196 TrendKia — Har trend, sabse pehle.