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  "type": "article",
  "title": "डूंगरपुर में मूसलाधार बारिश का कहर, पुराने शहर की सड़कों पर उतरा 3 फीट पानी",
  "summary": "डूंगरपुर जिले में रातभर हुई झमाझम बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि निठाउवा में सर्वाधिक 95 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।",
  "content": "डूंगरपुर जिले के निवासियों के लिए बीती रात आफत बनकर आई। जिले में हुई भारी और अनवरत बारिश ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि पुराने शहरी इलाकों की सड़कों को जलमग्न कर दिया। बीती रात करीब 10 बजे से शुरू हुई गर्जना और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देर रात तक चलता रहा, जिसने स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना दिया।\n\nपुराने शहर में जलभराव की स्थिति\nबारिश के वेग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डूंगरपुर के पुराने शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर करीब 3 फीट तक पानी जमा हो गया। घाटी, कानेरा पोल, मोची बाजार और भोईवाड़ा जैसे इलाकों में जलभराव के कारण सड़कों ने नदी का रूप ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों का घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो गया। रातभर रुक-रुक कर हुई इस बारिश के कारण क्षेत्र के नदी-नालों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है।\n\nजिले में बारिश के आंकड़े\nबुधवार सुबह 8 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूरे जिले में मानसून की सक्रियता साफ देखी जा सकती है। जिले में औसत 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसमें सबसे अधिक 95 एमएम बारिश निठाउवा क्षेत्र में हुई। अन्य स्थानों पर बारिश की स्थिति इस प्रकार रही: वेंजा में 85 एमएम, डूंगरपुर शहर में 73 एमएम, धंबोला और सागवाड़ा में 70-70 एमएम, आसपुर में 67 एमएम, गणेशपुर में 56 एमएम, कनबा में 53 एमएम, गलियाकोट में 51 एमएम, देवल में 45 एमएम, सोम-कमला-अम्बा बांध क्षेत्र में 40 एमएम, साबला में 24 एमएम और चिखली में 23 एमएम वर्षा मापी गई।\n\nमौसम और किसानों की उम्मीदें\nबुधवार की सुबह भी आसमान में घने बादलों ने डेरा जमाए रखा। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए जिले के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है और दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। हालांकि इस जलभराव से शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन लंबे समय से गर्मी की मार झेल रहे किसानों के चेहरों पर इस वर्षा ने मुस्कान बिखेर दी है। किसान अब खेतों में बुवाई के काम को गति देने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: मानसून के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के पास जाने से बचें, क्योंकि अचानक आई बाढ़ खतरनाक हो सकती है।\n\nडूंगरपुर में: शहर के पुराने हिस्सों में रहने वाले लोग जल निकासी में बाधा न डालें और प्रशासन की ओर से जारी येलो अलर्ट के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डूंगरपुर में सबसे अधिक बारिश कहां दर्ज की गई?\nजिले में सबसे अधिक 95 मिलीमीटर बारिश निठाउवा में दर्ज की गई है।\n\n2. बारिश के कारण किन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव हुआ?\nडूंगरपुर शहर के पुराने इलाकों जैसे घाटी, कानेरा पोल, मोची बाजार और भोईवाड़ा में करीब 3 फीट तक पानी भर गया।\n\n3. मौसम विभाग ने डूंगरपुर के लिए क्या चेतावनी दी है?\nमौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और दिनभर बारिश होने की संभावना जताई है।\n\n4. स्थानीय किसानों पर इस बारिश का क्या असर हुआ?\nलगातार हो रही बारिश से किसान खुश हैं क्योंकि इससे बुवाई का काम आसान हो गया है और उन्हें गर्मी से राहत मिली है।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/dungarapura-men-musaladhara-barisha-ka-kahara-purane-shahara-ki-sarakon-para-utara-3-phita-pani-5711",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-07-08",
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    "डूंगरपुर",
    "मानसून",
    "भारी बारिश",
    "मौसम विभाग",
    "राजस्थान",
    "जलभराव"
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  "site": "TrendKia"
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