डूंगरपुर पंचायत चुनाव में ईवीएम की तकनीकी खराबी, भीलूडा बूथ पर दो घंटे ठप रहा मतदान राजस्थान पंचायतीराज चुनाव 2026 के दौरान डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा पंचायत समिति के एक बूथ पर ईवीएम खराब होने से दो घंटे तक मतदान बाधित रहा। नई मशीन आने के बाद दोबारा वोटिंग शुरू हो सकी। राजस्थान के पंचायतीराज चुनाव 2026 के अंतर्गत मतदान प्रक्रिया के दौरान डूंगरपुर जिले से ईवीएम में तकनीकी खराबी आने की सूचना सामने आई है। सागवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भीलूडा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 88 पर मशीन के अचानक काम बंद कर देने की वजह से करीब दो घंटे तक मतदान कार्य पूरी तरह से रुक गया। इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण सुबह के समय वोट डालने पहुंचे स्थानीय लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने चुनाव प्रबंधन और तैयारियों को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और समय पर बैकअप मशीन उपलब्ध न होने पर सवाल खड़े किए। सागवाड़ा समिति के भीलूडा में तकनीकी बाधा इस चरण के दौरान डूंगरपुर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों जैसे झोथरी, सीमलवाड़ा, भंडारी, चिखली, गलियाकोट, सागवाड़ा और पाडवा में मतदान चल रहा था। इसी बीच सागवाड़ा पंचायत के बूथ नंबर 88 पर सुबह निर्धारित समय पर मतदान शुरू होने के ठीक बाद तकनीक में खराबी आ गई। घड़ी के अनुसार सुबह नौ बजकर इकतालीस मिनट पर इस मशीन ने अचानक काम करना बंद कर दिया, जिससे वहां लंबी कतारों में खड़े लोगों का इंतजार बढ़ गया और प्रक्रिया थम गई। मतदाताओं की संख्या और दो घंटे का लंबा इंतजार इस विशेष मतदान केंद्र पर कुल एक हजार तैंतालीस मतदाता पंजीकृत थे, जिन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करना था। खराबी आने से पहले तक इस केंद्र पर केवल एक सौ चौवालीस लोग ही अपने वोट डाल पाए थे। मशीन रुक जाने के बाद अपनी बारी का इंतजार कर रहे नागरिक काफी देर तक केंद्र पर ही खड़े रहे, लेकिन तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान न होने के कारण मतदान दोबारा शुरू नहीं हो सका। अधिकारियों को इस खराबी की सूचना तुरंत दे दी गई थी, फिर भी दूसरी मशीन को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया। इस दो घंटे की लंबी रुकावट के चलते कई लोग बिना वोट डाले ही मायूस होकर अपने घरों को लौट गए, हालांकि ऐसे नागरिकों की सही गिनती सामने नहीं आ पाई है। नई मशीन आने के बाद सुचारू हुई प्रक्रिया मतदान केंद्र पर अचानक मशीन खराब होने और लंबी देरी के कारण स्थानीय जनता में गुस्सा देखा गया। ग्रामीणों का तर्क था कि लोकतंत्र के इस बड़े पर्व में यदि कोई तकनीकी बाधा आती है, तो चुनाव अधिकारियों के पास तत्काल प्रभाव से दूसरी मशीन की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि किसी को भी घंटों इंतजार न करना पड़े। दूर-दराज के इलाकों से चलकर आए लोगों को इस व्यवस्था के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी। आखिरकार स्थिति को संभालते हुए सुबह ग्यारह बजकर पचास मिनट पर निर्वाचन विभाग की टीम नया उपकरण लेकर मौके पर पहुंची। पुरानी खराब यूनिट को हटाकर उसकी जगह नई मशीन लगाई गई, जिसके बाद मतदान का कार्य दोबारा से सुचारू रूप से आगे बढ़ सका। प्रत्याशियों और जनता की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय राजनीतिक गलियारों और उम्मीदवारों की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। पंचायत समिति पद के उम्मीदवार सुरेश चंद्र भट्ट और जिला परिषद सदस्य पद की प्रत्याशी जयश्री पाठक ने इस कुव्यवस्था पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। बूथ पर मौजूद आम जनता ने भी प्रशासनिक तैयारियों में खामी को लेकर रोष जताया। इस घटना ने मतदान केंद्रों पर तकनीकी खराबी से निपटने के लिए किए जाने वाले इंतजामों की पोल खोल दी है। हालांकि नई मशीन के सक्रिय होने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए, लेकिन निर्वाचन विभाग की कार्यप्रणाली पर जनता की तरफ से सवालिया निशान जरूर लग गए हैं। इसका आप पर असर यह घटना चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी बाधाओं के प्रभाव और प्रशासनिक तैयारियों की महत्ता को दर्शाती है। • राजस्थान में: ग्रामीण इलाकों में होने वाले स्थानीय चुनावों के दौरान तकनीकी खामियां मतदाताओं के लिए लंबी असुविधा का कारण बनती हैं। इस प्रकार की घटनाओं से मतदान के कुल प्रतिशत और नागरिकों की भागीदारी पर असर पड़ सकता है। • डूंगरपुर में: सागवाड़ा और भीलूडा क्षेत्र के मतदाताओं को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ा और कुछ लोग बिना वोट दिए ही लौट गए। स्थानीय प्रशासन को भविष्य के चरणों में ऐसी तकनीकी समस्याओं से निपटने के लिए कड़े निर्देश मिल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ भीलूडा के बूथ नंबर 88 पर मतदान प्रक्रिया के बाधित होने के पीछे मुख्य कारण इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का अचानक तकनीकी रूप से काम करना बंद कर देना था। चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस तरह की यांत्रिक या सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याएं अचानक सामने आ सकती हैं। • तकनीकी विफलता: सुबह मतदान शुरू होने के ठीक बाद मशीन ने काम करना बंद कर दिया, जिसके सटीक आंतरिक कारणों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाती है। • बैकअप में देरी: ग्रामीण क्षेत्र के इस बूथ पर खराब उपकरण को बदलने के लिए नई मशीन समय पर नहीं पहुंच पाई, जिससे दो घंटे तक कामकाज ठप रहा। सवाल-जवाब 1. डूंगरपुर में किस पंचायत समिति के बूथ पर ईवीएम खराब हुई थी? सागवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की भीलूडा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 88 पर ईवीएम खराब हुई थी। 2. ईवीएम में खराबी आने के कारण मतदान कितने समय तक बाधित रहा? मशीन खराब होने के कारण मतदान प्रक्रिया करीब दो घंटे तक पूरी तरह से ठप रही। 3. बूथ नंबर 88 पर कुल कितने मतदाता पंजीकृत थे? इस बूथ पर कुल एक हजार तैंतालीस मतदाता पंजीकृत थे। 4. मशीन खराब होने से पहले कितने लोग वोट डाल चुके थे? तकनीकी दिक्कत आने से पहले केवल एक सौ चौवालीस मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। 5. नई मशीन आने के बाद किस समय मतदान दोबारा शुरू हुआ? निर्वाचन विभाग की टीम द्वारा सुबह ग्यारह बजकर पचास मिनट पर नई मशीन उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद मतदान दोबारा शुरू हुआ। https://trendkia.com/rajasthan/dungarpur-panchayat-chunav-mein-evm-ki-takniki-kharabi-bhiluda-booth-par-do-ghante-thap-raha-matdan-50490 TrendKia — Har trend, sabse pehle.