राजस्थान में विजय दशमी की धूम, जयपुर से कोटा तक जानिए रावण दहन का सही समय और प्रमुख जगहें राजस्थान के प्रमुख शहरों में आज 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर और बीकानेर में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के दहन के लिए भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजस्थान भर में आज 20 अक्टूबर को असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक पावन पर्व दशहरा बेहद उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। प्रदेश के तमाम प्रमुख शहरों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों को अग्नि देने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर और बीकानेर जैसे बड़े शहरों में शाम से लेकर देर रात तक विभिन्न भव्य मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कहीं सौ फीट से भी ऊंचे रावण के पुतले का दहन मुख्य आकर्षण रहेगा, तो कहीं आधुनिक आतिशबाजी, लेजर शो और अनोखे ड्रोन प्रदर्शन के जरिए लोगों का मनोरंजन किया जाएगा। यदि आप भी अपने परिवार के साथ इस पर्व का आनंद लेने की सोच रहे हैं, तो अपने नजदीकी मैदान में होने वाले आयोजनों का समय और स्थान पहले ही जान लेना बेहतर रहेगा ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके। जयपुर में पांच प्रमुख स्थानों पर जलेंगे पुतले राजधानी जयपुर में इस बार दशहरा महोत्सव को लेकर शहरवासियों में भारी जोश देखा जा रहा है। नगर में कुल पांच अलग-अलग जगहों पर रावण दहन के बड़े कार्यक्रम तय किए गए हैं, जहां इंकान साइज 51 फीट से लेकर 121 फीट तक रखा गया है। इन सभी स्थलों पर भारी भीड़ जुटने की पूरी संभावना है। विद्याधर नगर स्टेडियम में सबसे ऊंचा 121 फीट का पुतला रात 9:15 बजे आग के हवाले किया जाएगा। आदर्श नगर के राजापार्क इलाके में 105 फीट ऊंचे रावण का दहन शाम 7:30 बजे तय किया गया है। मानसरोवर के वीटी रोड पर 100 फीट ऊंचा पुतला रात 8 बजे जलेगा। इसके अलावा प्रताप नगर के भैरू सर्किल और रामलीला मैदान न्यू गेट पर 51-51 फीट के पुतले क्रमशः शाम 7:30 बजे और रात 8 बजे जलाए जाएंगे। जोधपुर में गोल्डन रावण और अनोखी आतिशबाजी का रोमांच जोधपुर में भी इस बार दशहरा उत्सव बेहद खास रहने वाला है क्योंकि यहां कई जगहों पर पुतले जलाए जाएंगे। रामलीला मैदान में नगर निगम की तरफ से 60 फीट ऊंचे रावण का पुतला शाम करीब 6 बजे जलाया जाएगा, जिसकी नाभि में तीर लगते ही उसके हाथ की चकरी घूमने लगेगी और मुंह तथा आंखों से अंगारे बरसेंगे। इस स्थल पर मेघनाद, कुंभकर्ण, शूर्पणखा और ताड़का के पुतले भी नष्ट किए जाएंगे। रामतलाई नाड़ी में श्री नारायण सेवा समिति द्वारा शाम 6:30 बजे विजयादशमी का समारोह होगा, जहां जोधपुरी सूट पहने हुए एक आकर्षक गोल्डन रावण का रिमोट के जरिए दहन किया जाएगा। इसी तरह मंडोर रेलवे स्टेशन के पास भी 60 फीट ऊंचे गोल्डन रावण के साथ अन्य पुतले शाम 6:30 बजे जलाए जाएंगे, जबकि चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के नंदनवन सेवा समिति प्रांगण में शाम 7 बजे रावण दहन के साथ भव्य लाइटिंग शो का आनंद लिया जा सकेगा। अजमेर में पहली बार दिखेगा लेजर और ड्रोन शो अजमेर के पटेल स्टेडियम में नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाले मुख्य दशहरा उत्सव में शाम 5 बजे 65 फीट ऊंचे रावण तथा 45-45 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले आग के हवाले किए जाएंगे। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण इसके समापन पर होने वाला आधुनिक ड्रोन और लेजर शो होगा, जिसका आयोजन शहर में पहली बार किया जा रहा है। शाम 6:30 बजे शुरू होकर यह नायाब शो लगभग 30 मिनट तक चलेगा। शुरुआती 15 से 20 मिनट के लेजर शो के दौरान रामायण की गाथा को अद्भुत रोशनी के जरिए दिखाया जाएगा, जबकि इसके बाद के 10 से 12 मिनट के ड्रोन शो में आसमान में रावण वध, शंख, माता के नेत्र, शुभ दीपावली और नगर निगम अजमेर से जुड़ी सुंदर कलाकृतियों की आकृतियां उकेरी जाएंगी। उदयपुर और कोटा में पारंपरिक शोभायात्राओं के साथ उत्सव उदयपुर के ऐतिहासिक गांधी ग्राउंड में शाम 7:15 बजे रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम रखा गया है, जहां लगभग 30 फीट ऊंचे रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ एक भव्य लंका भी सजाई गई है। इस उत्सव का शुभारंभ शाम करीब 5 बजे शक्तिनगर से भगवान श्रीराम की शानदार शोभायात्रा के साथ होगा, जिसमें राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी की मनमोहक झांकियां शामिल होंगी जो विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी ग्राउंड पहुंचेंगी। कोटा के दशहरा मैदान में भी रात 8 बजे 105 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इससे ठीक पहले शाम 5 बजे गढ़ पैलेस से भगवान श्री लक्ष्मीनारायणजी की पारंपरिक शोभायात्रा रवाना होगी जो दशहरा मैदान पहुंचकर संपन्न होगी। इसके अलावा भरतपुर के प्रसिद्ध नुमाइश मेले में शाम करीब 6:30 बजे और बीकानेर के तीन प्रमुख मैदानों जैसे करणी सिंह स्टेडियम, पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड और धरणीधर मैदान में क्रमशः शाम 6 बजे और 7:45 बजे रावण दहन के कार्यक्रम संपन्न होंगे। इसका आप पर असर दशहरा पर्व पर निकलने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक डायवर्जन का सीधा असर आम नागरिकों की आवाजाही पर पड़ेगा। • भारत में: विजयादशमी के अवसर पर देशभर में बाजारों और आयोजन स्थलों के आसपास भारी भीड़ उमड़ने से यातायात बाधित हो सकता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे प्रमुख आयोजनों के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और समय से पहले घर से निकलें। • राजस्थान में: जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर जैसे प्रमुख शहरों में शाम के समय निकलने वाले जुलूसों और रावण दहन स्थलों के आसपास विशेष ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए हैं। स्थानीय लोगों को चाहिए कि वे पुलिस की एडवाइजरी देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके। ऐसा क्यों हुआ विजयादशमी पर रावण दहन की परंपरा असत्य पर सत्य की विजय और भगवान श्रीराम की लंका पर विजय के उपलक्ष्य में हर साल निभाई जाती है। • धार्मिक परंपरा: सनातन संस्कृति में यह पर्व बुराई के प्रतीक रावण के वध की याद में मनाया जाता है, जिसके लिए नगर निगम और विभिन्न समितियां महीनों पहले से विशाल पुतलों का निर्माण शुरू कर देती हैं। • शहरों में आयोजन: जनता के भारी उत्साह और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं मिलकर इन मेलों व आतिशबाजी कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। • आधुनिक तकनीक का प्रयोग: इस वर्ष अजमेर और जोधपुर जैसे शहरों में लेजर शो और ड्रोन प्रदर्शन को इसलिए जोड़ा गया है ताकि युवा पीढ़ी को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पौराणिक कथाओं से जोड़ा जा सके। सवाल-जवाब 1. जयपुर में सबसे ऊंचा रावण का पुतला कहां और कितने बजे जलेगा? जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में 121 फीट ऊंचे रावण का दहन रात 9:15 बजे किया जाएगा। 2. जोधपुर में गोल्डन रावण का दहन कहां होगा? जोधपुर में रामतलाई नाड़ी और मंडोर रेलवे स्टेशन के पास गोल्डन रावण के पुतले का दहन शाम 6:30 बजे किया जाएगा। 3. अजमेर के दशहरा महोत्सव में क्या नया आकर्षण है? अजमेर के पटेल स्टेडियम में रावण दहन के बाद पहली बार 30 मिनट का विशेष ड्रोन और लेजर शो आयोजित किया जाएगा। 4. कोटा में मुख्य रावण दहन का समय क्या है? कोटा के दशहरा मैदान में 105 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रात 8 बजे किया जाएगा। 5. उदयपुर में उत्सव की शुरुआत कैसे होगी? उदयपुर में शाम 5 बजे शक्तिनगर से भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जो गांधी ग्राउंड पहुंचेगी। 6. बीकानेर में कितने प्रमुख स्थानों पर रावण दहन होगा? बीकानेर में तीन प्रमुख स्थानों करणी सिंह स्टेडियम, पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड और धरणीधर मैदान में पुतले जलाए जाएंगे। https://trendkia.com/rajasthan/dussehra-celebrations-2026-city-wise-timings-and-venues-for-ravan-dahan-in-jaipur-jodhpur-kota-49714 TrendKia — Har trend, sabse pehle.