{
  "type": "article",
  "title": "कोटा के मुर्गी फार्म में घुसा आठ फीट लंबा अजगर, मुर्गियों की चीख-पुकार से मचा हड़कंप",
  "summary": "राजस्थान के कोटा में रविवार शाम एक मुर्गी फार्म में विशालकाय अजगर घुस आया। स्नेक कैचर ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया।",
  "content": "राजस्थान के कोटा शहर में रावतभाटा रोड पर स्थित एक मुर्गी फार्म में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वहां एक विशालकाय अजगर आ धमका। करीब सात से आठ फीट लंबे इस अजगर ने बाड़े के भीतर घुसकर एक मुर्गी को अपना निवाला बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।\n\nमुर्गियों के अजीब बर्ताव से हुआ शक\nरविवार शाम को रावतभाटा रोड स्थित इस फार्म में अचानक मुर्गियां जोर-जोर से शोर मचाने लगीं और घबराकर इधर-उधर भागने लगीं। मुर्गियों की इस अजीब हरकत और चीख-पुकार को भांपते हुए फार्म संचालक अब्दुल सलाम को किसी अनहोनी का संदेह हुआ। जब वह हालात का जायजा लेने के लिए बाड़े के अंदर पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए। बाड़े के एक कोने में सात से आठ फीट लंबा अजगर बैठा हुआ था, जो पहले ही एक मुर्गी का शिकार कर चुका था। इस खतरनाक नजारे को देखकर वहां काम कर रहे तमाम कर्मचारियों में डर फैल गया।\n\nस्नेक कैचर ने संभाला मोर्चा\nविशालकाय सांप को सामने पाकर अब्दुल सलाम ने बिना वक्त गंवाए स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को फोन किया और पूरी स्थिति से अवगत कराया। सूचना मिलते ही गोविंद शर्मा जरूरी उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पूरी सावधानी और पेशेवर तरीके से बाड़े के भीतर मौजूद अजगर को काबू करने की मुहिम शुरू की। काफी देर तक चली मशक्कत के बाद आखिरकार अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जिसके बाद फार्म के मालिक और कर्मचारियों ने चैन की सांस ली।\n\nलाडपुरा के जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया\nसफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद स्नेक कैचर उस अजगर को लाडपुरा इलाके के घने जंगल में ले गए और उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को भी दे दी गई। गोविंद शर्मा ने इस बारे में बताया कि बदलते मौसम और मानसून के सीजन के दौरान अक्सर वन्यजीव खाने की तलाश में या सुरक्षित ठिकाने की चाहत में बस्तियों और इंसानी आबादी के करीब आ जाते हैं।\n\nवन विभाग की अहम चेतावनी\nविशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के दिनों में सांप और अजगर जैसे जीवों के बिलों में पानी भर जाता है, जिसकी वजह से वे बाहर निकलने को मजबूर होते हैं। ऐसी स्थिति में आम जनता को यह सलाह दी जाती है कि यदि रिहाइशी इलाकों या घरों के आसपास कोई भी खतरनाक वन्यजीव नजर आए, तो खुद उसे पकड़ने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। किसी भी बड़े हादसे से बचने के लिए तुरंत किसी प्रशिक्षित स्नेक कैचर या वन विभाग की टीम को संपर्क करना चाहिए।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: - राजस्थान में: मानसून के दौरान रिहाइशी इलाकों में सांप या अजगर दिखने पर तुरंत वन विभाग या स्नेक कैचर को सूचना दें और खुद उन्हें पकड़ने की कोशिश न करें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना कहाँ हुई?\nयह घटना राजस्थान के कोटा शहर में रावतभाटा रोड पर स्थित एक मुर्गी फार्म में हुई।\n\n2. अजगर ने क्या किया था?\nकरीब 7 से 8 फीट लंबे इस अजगर ने मुर्गी के बाड़े में घुसकर एक मुर्गी का शिकार कर लिया था।\n\n3. अजगर को किसने और कहाँ सुरक्षित छोड़ा?\nस्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने अजगर का रेस्क्यू किया और उसे लाडपुरा क्षेत्र के घने जंगल में छोड़ा।\n\n4. वन विभाग और विशेषज्ञों की क्या सलाह है?\nविशेषज्ञों की सलाह है कि रिहाइशी इलाकों में वन्यजीव दिखने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें और तुरंत प्रशिक्षित स्नेक कैचर या वन विभाग को सूचित करें।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/eight-foot-python-enters-kota-poultry-farm-triggers-panic-after-killing-hen-20919",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-24",
  "tags": [
    "कोटा",
    "अजगर",
    "वन विभाग",
    "राजस्थान",
    "वन्यजीव",
    "रेस्क्यू"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}