झुंझुनूं में रोडवेज बस पर फ्लाइंग टीम का छापा, सादुलपुर-जयपुर रूट पर बिना टिकट मिले सात यात्री और कंडक्टर पर एफआईआर राजस्थान के झुंझुनूं में रोडवेज की फ्लाइंग टीम ने सादुलपुर से जयपुर जा रही बस में औचक निरीक्षण किया, जहां सात यात्री बिना टिकट सफर करते मिले। इस मामले में सिविल डिफेंस कंडक्टर के खिलाफ मलसीसर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम को हो रहे वित्तीय नुकसान से उबारने और महकमे में जारी भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी सिलसिले में झुंझुनूं जिले के अंतर्गत रोडवेज की फ्लाइंग टीम ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सादुलपुर से राजधानी जयपुर की तरफ जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस में अचानक हुई इस जांच के दौरान सात यात्री बिना किसी वैध टिकट के यात्रा करते हुए पकड़े गए। इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए डिपो के प्रबंधन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है और ड्यूटी पर तैनात सिविल डिफेंस के कंडक्टर के खिलाफ मलसीसर पुलिस थाने में आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई है। अचानक हुई इस औचक कार्रवाई से पूरे रोडवेज महकमे और कर्मचारियों के बीच भारी हड़कंप मच गया है। औचक निरीक्षण के दौरान पकड़ी गई बस प्रारप्त विवरण के अनुसार, झुंझुनूं रोडवेज डिपो की एक बस अपने नियमित समय और निर्धारित रूट के मुताबिक सादुलपुर से जयपुर के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में जब यह वाहन मलसीसर के पास पहुंचा, तो वहां पहले से मुस्तैद झुंझुनूं डिपो की एक विशेष फ्लाइंग टीम ने बस को रोक लिया। इस पूरी फ्लाइंग टीम का नेतृत्व स्वयं झुंझुनूं डिपो के चीफ मैनेजर गिरीराज स्वामी कर रहे थे। उनके साथ टीम के अन्य प्रमुख सदस्यों में कार्यवाहक यातायात प्रबंधक अजय कुमार और सहायक संदेश नेहरा भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। टीम ने बस के भीतर कदम रखते ही एक-एक यात्री के पास मौजूद सफर के दस्तावेजों और टिकटों की बेहद बारीकी से जांच-पड़ताल शुरू कर दी। सात यात्री बिना टिकट मिले और कंडक्टर की बड़ी चूक सामने आई जब फ्लाइंग टीम के अधिकारी बसों के भीतर यात्रियों के टिकट की जांच कर रहे थे, तो वे उस समय हैरान रह गए जब बस में सवार कुल सात यात्रियों के पास सफर का कोई भी वैध टिकट नहीं मिला। उस समय बस के भीतर सिविल डिफेंस के कंडक्टर किशन कुमार ओला अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। एक साथ सात यात्रियों का बिना टिकट सफर करना सीधे तौर पर कंडक्टर की भारी लापरवाही और गंभीर अनियमितता की ओर साफ इशारा कर रहा था। अधिकारियों ने मौके पर ही कंडक्टर किशन कुमार ओला को जमकर फटकार लगाई और उनकी इस कार्यशैली पर अपना कड़ा एतराज जताया। डिपो प्रबंधन ने उठाया कड़ा कदम और भेजा दूसरा कंडक्टर बस में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के मिलने की पुष्टि होने के बाद झुंझुनूं डिपो के प्रबंधन ने सिविल डिफेंस कंडक्टर किशन कुमार ओला के खिलाफ तुरंत प्रभाव से विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। सबसे पहले कार्रवाई करते हुए कंडक्टर के आधिकारिक ड्यूटी कार्ड पर स्पष्ट रूप से रिमार्क दर्ज किया गया। इसके साथ ही, बस में सफर कर रहे अन्य सभी यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान तक सुरक्षित और किसी भी प्रकार की असुविधा के बिना पहुंचाने के लिए झुंझुनूं मुख्यालय से तत्काल प्रभाव से एक दूसरे कंडक्टर को मौके पर भेजा गया। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही बस को जयपुर की तरफ आगे के सफर के लिए रवाना किया जा सका। मलसीसर थाने में मुकदमा दर्ज और पुलिस जांच शुरू विभागीय स्तर पर की गई कार्रवाई के अलावा रोडवेज प्रशासन ने इस मामले में कानूनी कदम भी उठाया है। फ्लाइंग टीम के अधिकारियों ने सिविल डिफेंस कंडक्टर किशन कुमार ओला के खिलाफ मलसीसर पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत सौंपी है। इस शिकायत में इस बात का स्पष्ट जिक्र किया गया है कि बिना टिकट यात्रियों को बस में सफर करवाकर कंडक्टर ने रोडवेज निगम को जानबूझकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है। चीफ मैनेजर गिरीराज स्वामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि डिपो को होने वाली राजस्व की हानि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस प्रकार की औचक चेकिंग का दौर लगातार जारी रहेगा। राजस्व लीकेज को रोकने के लिए चलाया जा रहा है सघन अभियान राजस्थान रोडवेज प्रशासन इन दिनों पूरे प्रदेशभर में राजस्व लीकेज को सख्ती से रोकने के लिए एक सघन अभियान चला रहा है। अक्सर यह देखने में आता है कि कुछ कर्मचारियों और परिचालकों की आपसी मिलीभगत से यात्री बिना टिकट के ही लंबी दूरी का सफर तय कर लेते हैं, जिसका सीधा और नकारात्मक असर निगम के खजाने पर पड़ता है। इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए ही उच्चाधिकारियों के विशेष निर्देशों के तहत फ्लाइंग टीमों का गठन किया गया है। ये विशेष टीमें समय-समय पर और अलग-अलग मार्गों पर अचानक पहुंचकर बसों की औचक चेकिंग कर रही हैं। सादुलपुर से जयपुर रूट पर अंजाम दी गई यह कार्रवाई इसी बड़े अभियान का एक बेहद अहम हिस्सा है। चीफ मैनेजर ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में भी निगम का कोई कर्मचारी संस्था के हितों के खिलाफ काम करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी नरमी के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका आप पर असर झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में रोडवेज बसों में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों और नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। • भारत में: सार्वजनिक परिवहन निगमों में राजस्व लीकेज रोकने के लिए देश भर में औचक निरीक्षण और फ्लाइंग टीमों की कार्रवाई तेज की जा रही है, जिससे यात्रियों को भी यात्रा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। • झुंझुनूं में: स्थानीय डिपो द्वारा सादुलपुर-जयपुर और अन्य ग्रामीण-शहरी रूटों पर लगातार सख्त चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे, जिससे अनियमितता बरतने वाले कर्मचारियों पर लगाम लगेगी और यात्रियों को अनुशासित सेवा मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ राजस्थान रोडवेज को लगातार हो रहे भारी वित्तीय घाटे और भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है। • सीधा कारण: सादुलपुर से जयपुर जा रही बस में औचक निरीक्षण के दौरान सात यात्रियों का बिना टिकट सफर करते पकड़ा जाना इस कार्रवाई का तात्कालिक कारण बना। • पूर्व स्थितियां: अक्सर कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बसों में बिना टिकट यात्रा कराई जाती है, जिससे निगम के खजाने को भारी राजस्व हानि उठानी पड़ती है। • नियमित निगरानी: राजस्व लीकेज को रोकने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विशेष फ्लाइंग टीमों का गठन किया गया है जो समय-समय पर औचक चेकिंग करती हैं। • आगे की कार्रवाई: डिपो प्रबंधन ने विभागीय जांच के साथ-साथ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही करने वालों में कड़ा संदेश जाए। सवाल-जवाब 1. झुंझुनूं रोडवेज की फ्लाइंग टीम ने बस की जांच कहां की? फ्लाइंग टीम ने सादुलपुर से जयपुर जा रही बस की जांच मलसीसर के नजदीक की। 2. औचक निरीक्षण के दौरान बस में कितने यात्री बिना टिकट मिले? निरीक्षण के दौरान बस में कुल सात यात्री बिना किसी वैध टिकट के यात्रा करते हुए पकड़े गए। 3. बस में ड्यूटी पर तैनात कंडक्टर कौन था? घटना के समय बस में सिविल डिफेंस के कंडक्टर किशन कुमार ओला ड्यूटी पर तैनात थे। 4. कंडक्टर के खिलाफ कौन सी कानूनी कार्रवाई की गई है? डिपो प्रबंधन की शिकायत पर कंडक्टर के खिलाफ मलसीसर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। 5. फ्लाइंग टीम का नेतृत्व किसने किया था? इस फ्लाइंग टीम का नेतृत्व झुंझुनूं डिपो के चीफ मैनेजर गिरीराज स्वामी ने किया था। https://trendkia.com/rajasthan/flying-squad-raids-roadways-bus-in-jhunjhunu-seven-ticketless-passengers-found-on-sadulpur-jaipur-route-and-fir-filed-against-cond-31755 TrendKia — Har trend, sabse pehle.