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  "type": "article",
  "title": "दीवाली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का कड़ा एक्शन, धौलपुर में 760 किलो सोनपापड़ी और उदयपुर में मावे के डिब्बे जब्त",
  "summary": "त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने धौलपुर और उदयपुर में बड़ी कार्रवाई की है। धौलपुर में 760 किलो संदिग्ध सोनपापड़ी और उदयपुर में बड़ी मात्रा में मावे के डिब्बे जब्त कर नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।",
  "content": "त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरी पर लगाम कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। इसी कड़ी में धौलपुर और उदयपुर जिलों में विभागों की टीमों ने छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री को अपने कब्जे में लिया है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता तक सुरक्षित मिठाइयां पहुंच सकें। धौलपुर में जहां भारी मात्रा में सोनपापड़ी जब्त की गई है, वहीं उदयपुर में बाहर से आ रहे मावे की खेप को पकड़ा गया है। दोनों ही स्थानों से लिए गए नमूनों को अब प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है, जिसके बाद ही मिलावट की सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।\n\nधौलपुर के रीको औद्योगिक क्षेत्र में छापेमारी\nधौलपुर जिले के रीको औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा दल ने औचक निरीक्षण के दौरान दो प्रमुख प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने कृष्णा फूड प्रोडक्ट्स पर छापा मारा और गुणवत्ता को लेकर गहरा संदेह होने पर वहां से 760 किलो सोनपापड़ी को तुरंत जब्त कर लिया। इस सोनपापड़ी के कुल तीन नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं ताकि यह परखा जा सके कि इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री खाने योग्य है या नहीं। इसके तुरंत बाद दल ने अजंता मिल्क फूड एंड डेयरी प्लांट का भी गहनता से निरीक्षण किया और वहां की कार्यप्रणाली की जांच की।\n\nडेयरी प्लांट से लिए गए विभिन्न उत्पाद के नमूने\nअजंता मिल्क फूड एंड डेयरी प्लांट के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने कई प्रमुख डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। अधिकारियों ने प्लांट से मिश्रित दूध, पनीर और चीज समेत कुल चार अलग-अलग खाद्य उत्पादों के नमूने उठाए। इन सभी नमूनों को धौलपुर की अन्य सामग्री के साथ ही प्रयोगशाला में रासायनिक और गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा गया है। विभाग का यह सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि त्योहारी सीजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।\n\nउदयपुर में बस के जरिए आ रहा संदिग्ध मावा पकड़ा\nउदयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 136 से अधिक संदिग्ध मावे के डिब्बों को पकड़ा है। सामने आई जानकारी के अनुसार प्रत्येक डिब्बे में करीब 15 किलो मावा भरा हुआ था। यह मावा विशेष तौर पर बीकानेर और गुजरात के अहमदाबाद शहर से मंगवाया गया था। इसे पहले बसों के माध्यम से शहर तक पहुंचाया गया और फिर ऑटो रिक्शा में लादकर विभिन्न स्थानीय दुकानों तक आपूर्ति के लिए ले जाया जा रहा था। खाद्य इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह चौहान और सहायक कर्मचारी मोहम्मद सलीम ने शाम 5 बजे से ही इस पूरी गतिविधि की रेकी शुरू कर दी थी, जिसके बाद सटीक समय पर यह कार्रवाई की गई।\n\nव्यापारियों की मौजूदगी में आगे की प्रक्रिया जारी\nसंदिग्ध मावे की खेप पकड़े जाने के बाद मौके पर संबंधित व्यापारियों को भी बुलवा लिया गया। अधिकारियों की देखरेख में अब इन डिब्बों से मावे के नमूने लेने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। धौलपुर और उदयपुर दोनों ही जगहों पर जब्त की गई खाद्य सामग्री की लैब रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के आने के बाद ही यह कानूनी रूप से साफ हो पाएगा कि पकड़ी गई सोनपापड़ी, मावा और अन्य डेयरी उत्पाद तय मानकों पर खरे उतरते हैं या उनमें मिलावट की गई है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nखाद्य सुरक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई का सीधा असर त्योहारी सीजन में आम लोगों की सेहत और बाजार में मिलने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता पर पड़ेगा।\n\n• आम उपभोक्ताओं के लिए: बाजार में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री पर रोक लगेगी, जिससे त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।\n• धौलपुर और उदयपुर में: स्थानीय बाजारों और डेयरियों पर विभागीय निगरानी बढ़ने से मिलावटखोरों में हड़कंप है और कारोबारियों को तय मानकों का सख्ती से पालन करना होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nत्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग अचानक से कई गुना बढ़ जाती है, जिसके चलते मुनाफा कमाने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बड़े पैमाने पर मिलावट किए जाने की आशंका रहती है। इसी को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग हर साल त्योहारी सीजन से पहले विशेष अभियान चलाता है।\n\n• मांग और आपूर्ति का अंतर: त्योहारों पर मांग बढ़ने के कारण बाहर के राज्यों जैसे गुजरात और बीकानेर से अवैध या बिना गुणवत्ता जांच के मावा और मिठाइयां मंगाई जाती हैं।\n• नियमित निगरानी: जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए विभाग को खुफिया जानकारी और रेकी के आधार पर ऐसी औचक कार्रवाई करनी पड़ती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. धौलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कितनी मात्रा में सोनपापड़ी जब्त की है?\nधौलपुर के रीको औद्योगिक क्षेत्र में कृष्णा फूड प्रोडक्ट्स से 760 किलो सोनपापड़ी जब्त की गई है।\n\n2. उदयपुर में पकड़ा गया मावा कहाँ से लाया गया था?\nउदयपुर में पकड़ा गया संदिग्ध मावा बीकानेर और गुजरात के अहमदाबाद से बस के जरिए लाया गया था।\n\n3. धौलपुर में सोनपापड़ी के अलावा किस प्लांट का निरीक्षण किया गया?\nधौलपुर में अजंता मिल्क फूड एंड डेयरी प्लांट का भी सघन निरीक्षण किया गया जहाँ से चार खाद्य उत्पादों के नमूने लिए गए।\n\n4. उदयपुर में मावे के कितने डिब्बे पकड़े गए?\nउदयपुर में 136 से ज्यादा संदिग्ध मावे के डिब्बे पकड़े गए जिनमें प्रत्येक में 15 किलो मावा था।\n\n5. जब्त की गई खाद्य सामग्री की जांच कहाँ की जा रही है?\nधौलपुर और उदयपुर से लिए गए सभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-11-06",
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    "उदयपुर",
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    "त्योहारी सीजन",
    "स्वास्थ्य जांच"
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