कोटा में खाद्य विभाग का कड़ा एक्शन, दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर छापेमारी में भारी मात्रा में एक्सपायर्ड सामान नष्ट कोटा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान के तहत दो दर्जन से अधिक दुकानों और मेस की जांच की। इस दौरान भारी मात्रा में एक्सपायर्ड सामान को मौके पर ही नष्ट किया गया और कई नमूने जांच के लिए भेजे गए। कोटा में मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिकंजा कसते हुए बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया। शहर के विभिन्न हिस्सों में दो दर्जन से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें कई जगह गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इस कार्रवाई के दौरान लगभग साठ किलो अमानक और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बरामद की गई, जिसे टीम ने तुरंत मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, जिसके तहत शहर की विभिन्न मिठाई की दुकानों, होटलों, छात्र आवासों की मेसों और किराने की दुकानों को विशेष रूप से जांच के दायरे में लिया गया। विज्ञान नगर के प्रतिष्ठानों में मिली भारी गड़बड़ियां विज्ञान नगर क्षेत्र में स्थित पंजाबी मेस की जांच के दौरान साफ-सफाई के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हुए। खाद्य सुरक्षा दल को इस प्रतिष्ठान के भीतर भारी मात्रा में इस्तेमाल की अवधि पूरी कर चुके खाद्य उत्पाद मिले। इनमें चीज के पैकेट, नूडल्स, अदरक पाउडर, सूखे मेवे, मसाले, छिला हुआ लहसुन और अनारदाना समेत कुल बत्तीस किलो के आसपास एक्सपायर्ड सामान जब्त किया गया। टीम ने इन सभी सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा, मेस प्रबंधन कर्मचारियों के अनिवार्य चिकित्सा प्रमाण पत्र, पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट और कीट नियंत्रण यानी पेस्ट कंट्रोल के कागजात भी नहीं दिखा सका। इन सभी कमियों को देखते हुए मेस संचालक को खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा बत्तीस के तहत नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस दौरान टीम ने टेबल बटर और विभिन्न मसालों के छह अलग-अलग नमूने भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिए। सुशील किराना स्टोर पर भी की गई सख्त कार्रवाई पंजाबी मेस के संचालक से पूछताछ के बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने विज्ञान नगर में ही स्थित सुशील किराना स्टोर का रुख किया और वहां भी गहनता से छानबीन की। इस किराना दुकान पर भी बड़ी मात्रा में अवधिपार सामान खुलेआम बिकने के लिए रखा हुआ था। दुकान से बिस्कुट, च्यवनप्राश, फ्रूट जैम, सोया चंक्स, नूडल्स, पैकेटबंद मसाले, मूंगफली पाउडर, अचार मसाला, कस्टर्ड पाउडर, कॉर्न स्टार्च और ऑर्गेनिक शहद जैसी चीजें जब्त की गईं। कुल मिलाकर अट्ठाइस किलो से अधिक का ऐसा सामान मिला जो उपभोग की तय सीमा को पार कर चुका था। इस सामग्री को भी बिना किसी देरी के मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। दुकान के मालिक को परिसर में उचित साफ-सफाई बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए और वहां भी कीट नियंत्रण का प्रमाण पत्र नहीं पाया गया। इस प्रतिष्ठान से मसालों, सूखे मेवों, मैदा और बेसन के ग्यारह नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित रखे गए। रेलवे स्टेशन और सिटी मॉल के पास भी हुई जांच अभियान के अगले चरण में खाद्य सुरक्षा दल ने दयानिधि रेजिडेंसी का रुख किया, जहां से तेल, ग्रेवी, मसाले, आटा और काला नमक के आठ नमूने लिए गए। पिछले दो दिनों के दौरान रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों में भी कई दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल जुटाए गए थे। मीरा होटल से दही का नमूना लिया गया, जबकि श्रीराम नमकीन एंड स्वीट्स से पनीर और जलेबी के सैंपल भरे गए। जनता डेयरी से दूध का नमूना एकत्र किया गया और एसएमबी कैटर्स से पांच प्रकार की मिठाइयों के सैंपल जांच के लिए लिए गए। इसके अलावा सिटी मॉल के आसपास के लोकप्रिय खानपान केंद्रों पर भी जांच का दौर जारी रहा। केएफसी से इस्तेमाल किया हुआ रिफाइंड तेल और मैदा के नमूने लिए गए, चाइनीज वॉक से पुराना तेल और वेज मंचूरियन के सैंपल एकत्र किए गए, और बर्गर फार्म से भी इस्तेमाल किए जा चुके तेल के दो नमूने लिए गए। प्रयोगशाला जांच के बाद होगी अगली कानूनी कार्रवाई विभिन्न प्रतिष्ठानों से संग्रहित किए गए सभी खाद्य नमूनों को सील कर कोटा स्थित आधिकारिक खाद्य प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। प्रयोगशाला से इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और मिलावट तथा नियमों की अनदेखी के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि शहरवासियों को मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री मिल सके। इसका आप पर असर खाद्य विभाग की इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर स्थानीय उपभोक्ताओं और खानपान प्रतिष्ठानों के संचालकों पर पड़ेगा। • भारत में: खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति कड़ाई से पूरे देश में होटल, मेस और किराना दुकानदारों को अपनी साफ-सफाई और स्टॉक की नियमित जांच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। • कोटा में: शहर के नागरिकों और छात्रों को बाहर का खाना खाते समय बेहतर गुणवत्ता मिलने की उम्मीद बढ़ती है और कारोबारियों को एक्सपायर्ड सामान बेचने से बचने की चेतावनी मिलती है। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत नियमित जांच अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। • शिकायतें और निरीक्षण: त्योहारों और सामान्य दिनों में भी मिलावट तथा अमानक सामग्री की शिकायतों के आधार पर प्रशासन औचक निरीक्षण करता है। • अनियमितताएं: दुकानों और मेसों में एक्सपायर्ड सामान मिलने और आवश्यक प्रमाणपत्रों के अभाव के कारण नियमों के तहत जब्ती और नोटिस की कार्रवाई की गई। सवाल-जवाब 1. कोटा में खाद्य विभाग ने कुल कितना एक्सपायर्ड सामान नष्ट किया? खाद्य विभाग की टीम ने कुल 59 किलो 685 ग्राम अवधिपार खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट करवाई। 2. किन प्रमुख जगहों पर निरीक्षण किया गया? टीम ने विज्ञान नगर के पंजाबी मेस और सुशील किराना स्टोर के अलावा रेलवे स्टेशन और सिटी मॉल के आसपास के कई प्रतिष्ठानों की जांच की। 3. पंजाबी मेस में कौन सी कमियां पाई गईं? वहां भारी मात्रा में एक्सपायर्ड सामान मिला और कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट, वाटर रिपोर्ट तथा पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट नहीं पाए गए। 4. कुल कितने नमूने जांच के लिए भेजे गए? विभिन्न दुकानों, मेसों और रेस्टोरेंट से मसाले, डेयरी उत्पाद, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों के कई नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। https://trendkia.com/rajasthan/food-safety-department-destroys-expired-goods-worth-kilograms-during-massive-inspections-in-kota-30632 TrendKia — Har trend, sabse pehle.