घर पर पौधे लगाने का शौक रखते हैं? गार्डनिंग एक्सपर्ट रवींद्र काबरा ने बताए मिट्टी, खाद और पानी के ये जरूरी नियम अगर आपके घर के पौधे भी सही जानकारी के अभाव में सूख जाते हैं, तो लैंडस्केपिंग विशेषज्ञ रवींद्र काबरा द्वारा बताए गए मिट्टी, खाद और पानी देने के ये आसान फॉर्मूले आपके बहुत काम आएंगे। पेड़-पौधों से लगाव रखना और अपने निवास स्थान पर एक हरा-भरा और सुंदर बगीचा विकसित करना हम सबकी इच्छा होती है, लेकिन कई बार उचित मार्गदर्शन के अभाव में पौधे विकसित नहीं हो पाते और सूख जाते हैं। यदि आप भी अपने घर की बालकनी या आंगन में एक आकर्षक वाटिका सजाने की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। वैश्विक स्तर पर लैंडस्केपिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले विशेषज्ञ रवींद्र काबरा ने घर पर बागवानी करने के लिए कई व्यावहारिक और महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं, जिनकी मदद से आप अपने पौधों को हरा-भरा रख सकते हैं। मिट्टी और खाद का सही अनुपात किसी भी गमले में पौधा रोपने से पहले सबसे अहम कदम उसके लिए मिट्टी और पोषक तत्वों का सही मिश्रण तैयार करना होता है। विशेषज्ञ के अनुसार, गमले में भरने के लिए 70 प्रतिशत काली या सामान्य बागवानी वाली मिट्टी और 30 प्रतिशत जैविक खाद, जैसे वर्मीकंपोस्ट या गोबर की खाद का मेल सबसे उत्तम माना जाता है। जब आप पौधा लगा रहे हों, तो गमले को पहले आधा भरें, पौधे को ठीक बीच में स्थापित करें और फिर चारों तरफ से मिट्टी को अच्छी तरह दबाकर व्यवस्थित करें, जिसके बाद आवश्यकता के अनुसार पानी दिया जाना चाहिए। बार-बार खाद डालने से पौधों को नुकसान हो सकता है, इसलिए सालभर पोषण बनाए रखने के लिए केवल फरवरी, जुलाई और अक्टूबर के महीनों में ही जैविक खाद का उपयोग करना चाहिए, जो पौधों को पूरे वर्ष ऊर्जा प्रदान करती है। मौसम के अनुसार पानी देने का नियम यह एक आम गलतफहमी है कि पौधों को हर रोज पानी की आवश्यकता होती है, जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं है। पानी देने का शेड्यूल हमेशा मौसम की स्थिति को देखकर तय किया जाना चाहिए। बरसात के दिनों में एक दिन छोड़कर यानी एक दिन के अंतराल पर पानी देना उचित रहता है, जबकि सर्दियों के मौसम में तीन दिन में केवल एक बार ही पानी देना काफी होता है। इसके अलावा, एक आसान पहचान यह है कि यदि आपके पौधे की पत्तियां नीचे की ओर झुकने लगें या मुरझाने लगें, तो यह संकेत होता है कि उसे तुरंत पानी की जरूरत है। वॉटर लॉगिंग से बचाव और ड्रेनेज की सफाई कई बार ऐसा देखने में आता है कि एक स्वस्थ और हरा-भरा पौधा अचानक बिना किसी स्पष्ट कारण के सूखकर नष्ट हो जाता है। इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण वाटर लॉगिंग यानी गमले के भीतर पानी का जमाव होता है। यदि गमले में लगातार पानी रुका रहे, तो मात्र 48 घंटे के भीतर ही पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा दम तोड़ देता है। जिस प्रकार मानव शरीर में ब्लॉकेज होने पर सर्जरी की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार गमले के निचले हिस्से में बने ड्रेनेज होल की समय-समय पर किसी नुकीली चीज की सहायता से सफाई करते रहना चाहिए। जैसे ही रुकावट दूर होगी, अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाएगा और आपका पौधा सुरक्षित बचा रहेगा। कटिंग और धूप का सही गणित पौधों में नए फूलों और ताजी पत्तियों के विकास के लिए समय-समय पर उनकी छंटाई यानी कटिंग करना बेहद जरूरी प्रक्रिया है। इस काम के लिए फरवरी और जुलाई का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसके साथ ही, पौधों का चयन करते समय घर में आने वाली धूप का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि आपके घर में रोजाना तीन से चार घंटे की पर्याप्त और अच्छी धूप आती है, तभी आपको फूलों वाले पौधे लगाने चाहिए। यदि धूप की मात्रा कम मिलती है, तो ऐसे इंडोर या हरे पत्तों वाले पौधे लगाएं जिन्हें अधिक सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती है। इसका आप पर असर घर पर पौधे लगाते समय सही तौर-तरीकों का पालन करने से आपके पौधों के सूखने का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है और वे लंबे समय तक हरे-भरे रहते हैं। • भारत में: बागवानी करने वाले सभी शौकीन लोग सही मिट्टी और खाद के अनुपात को अपनाकर अपने पौधों के विकास को बेहतर बना सकते हैं। • खर्च में बचत: समय पर सही खाद देने और पौधों की देखभाल करने से बार-बार नए पौधे खरीदने पर होने वाला खर्च बचता है। • जल निकासी: गमले के ड्रेनेज होल को साफ रखकर वाटर लॉगिंग से बचाव करने से जड़ें सड़ने से बच जाती हैं। • मौसम प्रबंधन: सर्दियों और बरसात के मौसम के अनुसार पानी देने का नियम अपनाने से पौधों को ओवरवाटरिंग से बचाया जा सकता है। • नियमित कटिंग: फरवरी और जुलाई में पौधों की छंटाई करने से नए फूलों और पत्तियों की ग्रोथ तेजी से होती है। ऐसा क्यों हुआ घरेलू पौधे अक्सर सही जानकारी और अनुचित रख-रखाव के कारण सूख जाते हैं, जिन्हें कुछ वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीकों से बचाया जा सकता है। • गलत अनुपात: मिट्टी और खाद का सही मिश्रण न होने पर पौधों को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। • जल जमाव: ड्रेनेज होल बंद होने से गमले में पानी रुक जाता है, जिससे जड़ें सांस नहीं ले पातीं और सड़ जाती हैं। • अनुचित सिंचाई: मौसम की जरूरत समझे बिना रोज पानी देने से मिट्टी में नमी अधिक हो जाती है। सवाल-जवाब 1. गमले के लिए मिट्टी और खाद का सही अनुपात क्या है? गमले के लिए 70 प्रतिशत सामान्य गार्डनिंग मिट्टी और 30 प्रतिशत जैविक खाद का मिश्रण सबसे सही होता है। 2. सर्दियों के मौसम में पौधों को कितने दिनों पर पानी देना चाहिए? सर्दियों के मौसम में तीन दिन में सिर्फ एक बार पानी देना चाहिए। 3. बारिश के दिनों में पौधों को पानी देने का नियम क्या है? बारिश के दौरान एक दिन छोड़कर यानी एक दिन के अंतर पर पानी दिया जाना चाहिए। 4. पौधों में वाटर लॉगिंग की समस्या से कैसे बचाएं? गमले के निचले छेद यानी ड्रेनेज होल को समय-समय पर किसी नुकीली चीज से साफ करते रहना चाहिए। 5. सालभर पोषण के लिए किन महीनों में खाद डालनी चाहिए? सालभर न्यूट्रिशन बनाए रखने के लिए फरवरी, जुलाई और अक्टूबर के तीन महीने तय किए गए हैं। 6. पौधों की कटिंग या छंटाई का सबसे अच्छा समय कौन सा है? पौधों में नए फूल और नई पत्तियों की ग्रोथ के लिए फरवरी और जुलाई का समय सबसे मुफ़ीद माना जाता है। https://trendkia.com/rajasthan/ghar-par-poudhe-lagane-ka-shauk-rakhte-hain-gardening-expert-ravindra-kabra-ne-bataye-mittti-khaad-aur-paani-ke-ye-jaroori-niyam-47041 TrendKia — Har trend, sabse pehle.