घर पर बिना बीज खरीदे ऐसे उगाएं रसीला अनानास, बाजार से लाए फल के क्राउन से पौधा तैयार करने की आसान विधि बाजार से खरीदे गए अनानास के ऊपरी हिस्से यानी क्राउन का इस्तेमाल करके घर में आसानी से नया पौधा तैयार किया जा सकता है। सही मिट्टी, धूप और सिंचाई की देखभाल से लगभग दो साल में इस पौधे पर फल भी उग सकते हैं। घरेलू बगिया या किचन गार्डन में फलदार पौधे लगाने के शौकीनों के लिए अनानास उगाना बेहद दिलचस्प और किफायती अनुभव हो सकता है। आमतौर पर किसी भी फल को उगाने के लिए बाजार से बीज या महंगे पौधे खरीदने पड़ते हैं, लेकिन अनानास के मामले में ऐसा करने की कोई आवश्यकता नहीं होती। जब भी आप बाजार से खाने के लिए पका हुआ अनानास लाते हैं, तो उसके सबसे ऊपरी हिस्से में मौजूद हरी पत्तियों वाले हिस्से का उपयोग करके ही नया पौधा विकसित किया जा सकता है। यह न सिर्फ पैसे बचाने का एक बेहतरीन जरिया है, बल्कि घर के बेकार समझे जाने वाले कचरे का सही प्रबंधन भी करता है। अनानास का क्राउन तैयार करने की शुरुआती प्रक्रिया अनानास का पौधा लगाने के लिए सबसे पहले एक ताजा, बेदाग और सेहतमंद फल का चयन करना चाहिए। फल के ऊपर लगी पत्तियों वाले हिस्से को, जिसे क्राउन कहा जाता है, बेहद सावधानीपूर्वक चाकू की मदद से अलग कर लें। क्राउन को काटते समय ध्यान रखें कि उसके निचले हिस्से में लगा अतिरिक्त फल का गूदा पूरी तरह साफ कर दिया जाए। अगर गूदा क्राउन पर लगा रह जाएगा, तो मिट्टी में डलते ही उसमें सड़न या फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है। गूदा हटाने के बाद क्राउन के निचले भाग को दो से तीन दिनों तक किसी छायादार स्थान पर सूखने के लिए छोड़ देना चाहिए। जब कटा हुआ हिस्सा अच्छी तरह सूखकर सख्त हो जाए, तब वह रोपाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है। पौधे के लिए मिट्टी और गमले का चुनाव इस पौधे को रोपने के लिए गमले और मिट्टी की तैयारी पर खास ध्यान देना पड़ता है। अनानास के लिए ऐसी मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है जो भुरभुरी हो और जिसमें जल निकासी की क्षमता अच्छी हो। गमले की मिट्टी तैयार करते समय उसमें जैविक खाद, वर्मीकंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ चुकी गोबर की खाद मिलाना फायदेमंद रहता है। क्राउन को गमले के केंद्र में इतनी गहराई पर स्थापित करें कि उसका निचला सूखा हिस्सा मिट्टी में अच्छी तरह टिक जाए और पत्तियां पूरी तरह से बाहर रहें। गमले के पेंदे में जल निकासी का छिद्र होना बेहद जरूरी है ताकि अतिरिक्त पानी रुकने न पाए, क्योंकि जमा हुआ पानी जड़ों को सड़ा सकता है। शुरुआत में मिट्टी में सिर्फ हल्की नमी बनाए रखनी चाहिए और बहुत तेज पानी डालने से बचना चाहिए। पौधे की देखभाल और विकास का समय अनानास के पौधे में विकास की गति काफी धीमी होती है, इसलिए इसके रखरखाव में धैर्य रखना सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। इस पौधे को अच्छी तरह बढ़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में सीधी धूप की आवश्यकता होती है, इसलिए गमले को घर के ऐसे स्थान पर रखें जहां भरपूर सूरज की रोशनी आती हो। सिंचाई के मामले में हमेशा संतुलन बनाए रखें और मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही सीमित मात्रा में पानी दें। फल आने का सही समय पौधे की देखभाल, स्थानीय जलवायु, उसकी किस्म और मिट्टी के पोषण पर निर्भर करता है। सामान्य परिस्थितियों में घर पर लगाए गए इस पौधे से लगभग दो वर्षों के भीतर फल प्राप्त होने की संभावना रहती है, हालांकि कुछ मामलों में अनुकूल स्थितियां न मिलने पर इससे अधिक समय भी लग सकता है। किचन गार्डन में अनानास उगाने के मुख्य लाभ घर में अनानास उगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना किसी अतिरिक्त खर्च या विशेष उपकरण के एक नया फलदार पौधा तैयार हो जाता है। फल खाने के बाद फेंके जाने वाले ऊपरी हिस्से का पुनः उपयोग करने से कचरा कम होता है और घर की खाली पड़ी जगह का रचनात्मक इस्तेमाल हो पाता है। यह प्रक्रिया पूरे परिवार के लिए बागवानी का एक आनंददायक और शिक्षाप्रद अनुभव प्रदान करती है। हालांकि ध्यान रखने योग्य बात यह भी है कि एक अकेले पौधे से एक बार में सीमित संख्या में ही फल प्राप्त होते हैं। यदि आपके पास धूप वाली बालकनी या छत, एक गमला और सही मिट्टी उपलब्ध है, तो यह आसान और किफायती प्रयोग हर बागवानी प्रेमी को जरूर करना चाहिए। इसका आप पर असर किचन गार्डन में अनानास उगाना बिना अतिरिक्त खर्च के घर पर फल उगाने का एक व्यावहारिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीका है। • लागत की बचत: फल खाने के बाद बचे हिस्से से पौधा तैयार होने के कारण नए बीज या पौधे खरीदने का खर्च बचता है। यह बागवानी के शौकीनों के लिए एक बजट-फ्रेंडली विकल्प है। • स्थान का सदुपयोग: घर की बालकनी या छत पर खाली पड़े गमलों का बेहतर इस्तेमाल संभव हो पाता है। इससे शहरी घरों में भी हरियाली बढ़ाने में मदद मिलती है। • कचरे में कमी: फल के ऊपरी हिस्से को फेंकने के बजाय पौधे में बदलने से जैविक कचरा घटता है। यह घर पर टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देता है। • धैर्य और अनुभव: पौधे के दो साल के विकास चक्र को देखकर परिवार को गार्डनिंग का अच्छा व्यावहारिक अनुभव मिलता है। इससे बच्चों और बड़ों दोनों को प्राकृतिक प्रक्रियाओं की समझ होती है। ऐसा क्यों हुआ पाइनएप्पल का पौधा बीज के बजाय क्राउन से आसानी से जड़ें पकड़ लेता है क्योंकि इसकी वानस्पतिक संरचना स्व-प्रवर्धन के लिए अनुकूल होती है। • प्राकृतिक प्रवर्धन: अनानास के क्राउन बेस में सुप्त जड़ कोशिकाएं पाई जाती हैं जो नमी और मिट्टी मिलने पर तेजी से विकसित होने लगती हैं। यही कारण है कि इसे बिना बीज के सीधे उगाया जा सकता है। • फंगल संक्रमण से बचाव: कटिंग के बाद निचले हिस्से को छाया में सुखाना जरूरी होता है ताकि घाव भर सके। यदि तुरंत रोपाई की जाए तो नमी से गूदे में फंगस लग जाती है। • धीमी वृद्धि दर: यह पौधा ब्रोमेलियाड परिवार से संबंधित है जिसकी चयापचय प्रक्रिया धीमी होती है। इसलिए इसे फल देने में लगभग दो साल का लंबा समय लगता है। सवाल-जवाब 1. क्या घर पर अनानास उगाने के लिए बाजार से बीज खरीदना पड़ता है? नहीं, घर पर अनानास उगाने के लिए बीज की जरूरत नहीं होती। इसे बाजार से लाए गए पके अनानास के ऊपरी हरी पत्तियों वाले हिस्से (क्राउन) से ही उगाया जा सकता है। 2. अनानास के क्राउन को सीधे मिट्टी में लगाने से पहले क्या करना चाहिए? क्राउन को काटने के बाद उसके निचले हिस्से से अतिरिक्त फल का गूदा हटा देना चाहिए और फिर उसे दो-तीन दिन छाया में सूखने देना चाहिए। 3. घर पर लगाए गए अनानास के पौधे में फल आने में कितना समय लगता है? अनुकूल देखभाल, सही धूप और मिट्टी मिलने पर घर पर लगे अनानास के पौधे में लगभग दो साल के आसपास फल आ सकते हैं। 4. अनानास के पौधे के लिए किस तरह की मिट्टी और सिंचाई की जरूरत होती है? इसके लिए भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी उपयुक्त रहती है। शुरुआत में मिट्टी को केवल हल्का नम रखना चाहिए और ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए। https://trendkia.com/rajasthan/ghara-para-bina-bija-kharide-aise-ugaen-rasila-pineapple-bajara-se-lae-phala-ke-crown-se-paudha-taiyara-karane-ki-asana-vidhi-39702 TrendKia — Har trend, sabse pehle.