गोगामेड़ी में 60 लाख रुपये के चिट्टे के साथ दंपति समेत तीन तस्कर गिरफ्तार, कार भी जब्त हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी में पुलिस और नोहर डीएसटी ने संयुक्त कार्रवाई कर एक कार से 283 ग्राम हेरोइन बरामद की और दंपति समेत तीन लोगों को दबोचा। हनुमानगढ़ जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण कामयाबी हाथ लगी है। गोगामेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक चार पहिया वाहन की सघन तलाशी लेकर भारी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़ा है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान एक शादीशुदा जोड़े सहित तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे इलाके में नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई करने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है। सीक्रेट इनपुट पर पुलिस और डीएसटी की संयुक्त घेराबंदी इस पूरे ऑपरेशन की रूपरेखा एक सटीक गोपनीय सूचना के आधार पर तैयार की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई के अनुसार, स्थानीय गोगामेड़ी पुलिस स्टेशन के जवानों ने जिला विशेष टीम (डीएसटी) नोहर के साथ मिलकर संयुक्त रूप से नाकाबंदी और निगरानी शुरू की थी। जैसे ही संदिग्ध कार चिन्हित स्थान पर पहुंची, दोनों दस्तों ने चारों तरफ से व्यूहरचना तैयार कर वाहन को रोक लिया। इसके बाद जब कार के अंदरूनी हिस्सों की गहन जांच की गई, तो उसमें छिपाकर रखी गई अवैध खेप बरामद हो गई। 283 ग्राम हेरोइन बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कार से कुल 283 ग्राम हेरोइन, जिसे स्थानीय बोलचाल में चिट्टा भी कहा जाता है, अपने कब्जे में ली। खुले और अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार के मानकों के मुताबिक जब्त की गई इस नशीली खेप की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी जा रही है। इतनी भारी मात्रा में चिट्टे की बरामदगी सीधे तौर पर यह दर्शाती है कि पकड़े गए लोग किसी सामान्य उपभोक्ता स्तर के नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और बड़े तस्करी नेटवर्क के सक्रिय हिस्से के तौर पर काम कर रहे थे। वे इस घातक मादक पदार्थ को स्थानीय क्षेत्रों में वितरित करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इस मादक पदार्थ के साथ-साथ तस्करी के काम में लाई जा रही कार को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है। पति-पत्नी और उनका साथी मौके से गिरफ्तार कार में सवार सभी तीनों व्यक्तियों को पुलिस दल ने मौके पर ही अपनी गिरफ्त में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त मनजीत, उसकी पत्नी नेहा और उनके तीसरे साथी रोशन के रूप में की गई है। एक दांपत्य जोड़े की मादक पदार्थों के ऐसे संगठित काले धंधे में सीधी भागीदारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर काफी आश्चर्य जताया जा रहा है। गोगामेड़ी पुलिस और नोहर की डीएसटी टीम ने आपसी तालमेल का परिचय देते हुए इस गिरोह को भागने का कोई मौका नहीं दिया। सप्लाई चेन और बड़े नेटवर्क की गहराई से पड़ताल वर्तमान में गोगामेड़ी थाना पुलिस तीनों आरोपियों मनजीत, नेहा और रोशन को रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह सुराग जुटाने का प्रयास कर रहे हैं कि 60 लाख रुपये मूल्य की यह नशीली खेप मूल रूप से किस स्रोत से खरीदी गई थी और इसे हनुमानगढ़ या उसके निकटवर्ती किन ठिकानों पर खपाने की तैयारी थी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे जिले में नशा तस्करों के विरुद्ध यह सख्त धरपकड़ अभियान आगे भी बिना किसी ढिलाई के निरंतर जारी रहेगा। इसका आप पर असर इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की अवैध खेप की आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है। • हनुमानगढ़ में: जिले के संवेदनशील इलाकों में नशे की खेप पहुंचने से पहले ही रोक ली गई है। इसके चलते स्थानीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलने वाले वितरण नेटवर्क पर कड़ा प्रहार हुआ है। • भारत में: सीमावर्ती और अंतरराज्यीय तस्करी मार्गों पर पुलिस निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। आम नागरिक अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को देकर ऐसे अपराधों पर रोक लगाने में सहयोग कर सकते हैं। • कानूनी कार्रवाई: एनडीपीएस मामलों में पकड़े गए आरोपियों पर गैर-जमानती प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इससे संगठित तस्करी गिरोहों और उनके पैडलरों के खिलाफ कड़ी मिसाल कायम होगी। • सामुदायिक सतर्कता: परिवारों और स्थानीय समाज के लिए अपने युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है। अगर किसी व्यक्ति में नशे के लक्षण दिखें, तो तुरंत नशामुक्ति परामर्श केंद्रों से संपर्क किया जाना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई पुलिस की नशा मुक्ति मुहिम और एक सटीक खुफिया सूचना के समय पर मिलने के कारण संभव हो सकी। • गोपनीय इनपुट: पुलिस को एक कार में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ ले जाने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर त्वरित रणनीति तैयार कर संदिग्ध वाहन की पहचान की गई। • संयुक्त टीम का गठन: गोगामेड़ी पुलिस स्टेशन और नोहर की जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने मिलकर साझा नाकाबंदी की थी। दोनों टीमों के तालमेल ने आरोपियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया। • अवैध मांग और मुनाफा: हेरोइन और चिट्टे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत तस्करों को ऐसे जोखिम भरे अपराधों के लिए आकर्षित करती है। आरोपी इस खेप को स्थानीय स्तर पर बेचकर भारी मुनाफा कमाने की फिराक में थे। • आगे की जांच: पुलिस अब रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है ताकि सप्लायर और डिलीवरी पॉइंट्स का पता लगाया जा सके। इस जांच से जुड़े अन्य साथियों और गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है। सवाल-जवाब 1. गोगामेड़ी में पुलिस ने कितनी मात्रा में हेरोइन बरामद की? पुलिस ने कार की तलाशी लेकर कुल 283 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) जब्त की है। 2. जब्त की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत क्या है? बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। 3. इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है? पुलिस ने मनजीत, उसकी पत्नी नेहा और उनके तीसरे साथी रोशन को गिरफ्तार किया है। 4. इस कार्रवाई को किन पुलिस टीमों ने मिलकर अंजाम दिया? गोगामेड़ी थाना पुलिस और नोहर की जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। 5. पुलिस अब इस मामले में क्या जांच कर रही है? पुलिस पूछताछ के जरिए यह पता लगा रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था। https://trendkia.com/rajasthan/gogamedi-men-60-lakha-rupaye-ke-chitte-ke-satha-dnpati-sameta-tina-taskara-giraphtara-kara-bhi-jabta-44737 TrendKia — Har trend, sabse pehle.