# गुजरात में किसानों को 100 करोड़ की जमीन वापस दिलाने वाले आईपीएस विजय सिंह गुर्जर की कहानी, सिपाही से पुलिस अधीक्षक तक का सफर

> गुजरात के राजकोट ग्रामीण क्षेत्र में सूदखोरों के शिकंजे से 55 किसानों की 522 बीघा जमीन मुक्त कराकर आईपीएस विजय सिंह गुर्जर ने नजीर पेश की है। दिल्ली पुलिस के सिपाही से 2018 बैच के गुजरात कैडर के अधिकारी बने विजय के इस काम की राज्य के उपमुख्यमंत्री ने भी सार्वजनिक तारीफ की है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/gujarat-men-kisanon-ko-100-karora-ki-jamina-vapasa-dilane-vale-ips-vijay-singh-gurjar-ki-kahani-sipahi-se-sp-taka-ka-saphara-49042 · **Language:** Hindi
**Tags:** विजय सिंह गुर्जर, आईपीएस विजय सिंह गुर्जर, राजकोट पुलिस, गुजरात पुलिस, हर्ष संघवी, झुंझुनूं, सूदखोरी

गुजरात के राजकोट ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने अवैध सूदखोरी और जमीन कब्जाने वाले गिरोहों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाकर दर्जनों पीड़ित किसानों को राहत पहुंचाई है। राजकोट ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विजय सिंह गुर्जर के नेतृत्व में हुई इस व्यापक कार्रवाई के तहत 55 कृषि फार्मों से जुड़ी कुल 522 बीघा जमीन को अवैध कब्जे और फर्जी कागजातों से मुक्त कराया गया है। इस पूरी संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये आंका गया है। साहूकारों के चंगुल में फंसे किसानों को उनके कानूनी दस्तावेज और जमीन के भौतिक अधिकार लौटाए जाने की इस पहल को राज्य स्तर पर काफी सराहना मिल रही है।

## सूदखोरी के जाल में उलझे थे 55 खेत और 522 बीघा जमीन
राजकोट ग्रामीण पुलिस को पिछले कुछ समय से स्थानीय किसानों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि निजी वित्तीय लेनदेन और ब्याज पर उधार देने वाले लोग उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। कर्ज की रकम पर मनमाना चक्रवृद्धि ब्याज लगाकर किसानों पर अनुचित वित्तीय दबाव बनाया जा रहा था। जब किसान ब्याज और मूलधन चुकाने में असमर्थ होते, तो आरोपी उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा कर लेते थे। कई मामलों में डरा-धमकाकर या कानूनी अज्ञानता का फायदा उठाकर जमीन की रजिस्ट्री भी अपने नाम करवा ली गई थी।

पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम ने जब मामले की गहन पड़ताल की, तो 55 अलग-अलग खेतों की 522 बीघा कृषि भूमि इस फर्जीवाड़े की गिरफ्त में पाई गई। इस पूरी जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 100 करोड़ रुपये है। पुलिस टीम ने राजस्व अभिलेखों, एग्रीमेंट पेपर्स और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच की। इसके बाद गैर-कानूनी तरीके से कब्जाई गई जमीन और उसके दस्तावेज मूल किसानों को वापस दिलाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

## उपमुख्यमंत्री ने की खुले मंच से प्रशंसा
किसानों को जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कागजात वापस सौंपने के लिए आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी ने राजकोट ग्रामीण पुलिस और एसपी विजय सिंह गुर्जर की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग ने जिन किसानों की जमीन और सम्मान वापस लौटाया है, उनसे मिलने वाली दुआएं किसी भी अन्य कार्य से बढ़कर हैं।

हर्ष संघवी ने पुलिस अधीक्षक की तारीफ करते हुए कहा, “विजय सिंह गुर्जर चाहे जितने भी मंदिरों में चले जाएं, उन्हें इतना आशीर्वाद कहीं नहीं मिलेगा, जितना आज इन किसानों से मिला है।” गृह मंत्री ने आगे कहा कि राजकोट पुलिस और विजय सिंह गुर्जर द्वारा किया गया यह कार्य प्रशासनिक इतिहास में एक मिसाल के रूप में दर्ज किया जाएगा।

## दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल से आईपीएस तक की अनूठी यात्रा
सूदखोरों के खिलाफ इस बड़े ऑपरेशन की अगुवाई करने वाले आईपीएस अधिकारी विजय सिंह गुर्जर की अपनी जीवन यात्रा भी संघर्ष और सफलता की एक मिसाल है। वह मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील स्थित देवीपुरा बणी गांव के रहने वाले हैं। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे विजय ने ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों को नजदीक से देखा और समझा था।

विजय सिंह गुर्जर ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली पुलिस में एक सिपाही के रूप में की थी। नौकरी के दौरान कठिन दिनचर्या के बावजूद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए। वह 2018 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में राजकोट ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात हैं। झुंझुनूं जिले के अपने पैतृक गांव से निकलकर भारतीय पुलिस सेवा में पहचान बनाने और अब आम किसानों को न्याय दिलाने तक के उनके सफर पर उनके गृह जिले में भी गर्व व्यक्त किया जा रहा है।

## इसका आप पर असर
राजकोट पुलिस की इस कार्रवाई से प्रभावित किसानों और कानून व्यवस्था दोनों पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

- **भारत में:** देश भर के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से चल रहे सूदखोरी और जमीन हड़पने के धंधे पर लगाम लगाने के लिए यह कार्रवाई एक मिसाल बनेगी।
- **राजकोट में:** पीड़ित 55 किसान परिवारों को उनकी करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की 522 बीघा जमीन का मालिकाना हक और कानूनी दस्तावेज वापस मिल गए हैं।
- **वित्तीय सुरक्षा:** अनधिकृत ब्याज दरों और जबरन रजिस्ट्री के चक्रव्यूह में फंसे किसानों को कर्ज के बोझ और कानूनी संकट से सीधी राहत मिली है।
- **पुलिस में जनविश्वास:** आम नागरिकों और किसानों के प्रति पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत हुआ है।

## ऐसा क्यों हुआ
राजकोट ग्रामीण इलाके में किसानों की जमीन वापस दिलाने के लिए पुलिस को विशेष कार्रवाई करनी पड़ी। इसके प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

- **सूदखोरी का जाल:** स्थानीय साहूकारों ने जरूरतमंद किसानों को ऊंचे ब्याज पर पैसे दिए और फिर ब्याज पर ब्याज जोड़कर उन पर अनुचित दबाव बनाया।
- **अवैध कब्जा और रजिस्ट्री:** कर्ज न चुका पाने की स्थिति में सूदखोरों ने किसानों की 522 बीघा कृषि भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और कुछ मामलों में जबरन अपने नाम रजिस्ट्री भी करा ली।
- **किसानों की शिकायतें और जांच:** प्रताड़ित किसानों ने जब पुलिस प्रशासन से मदद मांगी, तो राजकोट ग्रामीण पुलिस ने शिकायतों की पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया।

## सवाल-जवाब

### 1. आईपीएस विजय सिंह गुर्जर वर्तमान में किस पद पर कार्यरत हैं?
वह गुजरात कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में राजकोट ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

### 2. राजकोट ग्रामीण पुलिस ने किसानों की कितनी जमीन वापस दिलाई?
पुलिस ने 55 खेतों की लगभग 522 बीघा जमीन वापस दिलाई, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपये है।

### 3. गुजरात के किस मंत्री ने आईपीएस विजय सिंह गुर्जर की सार्वजनिक रूप से सराहना की?
गुजरात के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने आईपीएस विजय सिंह गुर्जर और उनकी टीम के काम की प्रशंसा की।

### 4. विजय सिंह गुर्जर ने अपने करियर की शुरुआत किस पद से की थी?
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली पुलिस में एक कॉन्स्टेबल के रूप में की थी और बाद में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बने।

### 5. विजय सिंह गुर्जर मूल रूप से कहां के निवासी हैं?
वह राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील स्थित देवीपुरा बणी गांव के निवासी हैं।

## प्रेरणा और सबक
विजय सिंह गुर्जर का सफर कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उनकी जीवन यात्रा से मिलने वाले मुख्य सबक:

- **सीमित संसाधनों से बड़ी सफलता:** एक साधारण किसान परिवार और सिपाही के पद से शुरुआत करके देश की शीर्ष सेवा में पहुंचना यह साबित करता है कि पृष्ठभूमि कभी आपकी क्षमता को सीमित नहीं कर सकती।
- **जनसेवा को प्राथमिकता:** पद संभालने के बाद आम नागरिकों और संकटग्रस्त किसानों के अधिकारों की रक्षा करना ही प्रशासनिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य है।
- **अन्याय के खिलाफ ठोस कार्रवाई:** कमजोर वर्गों को डराने-धमकाने वाले अवैध तंत्र और सूदखोरों के खिलाफ कानून का प्रभावी इस्तेमाल समाज में व्यापक बदलाव ला सकता है।

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