# गुलाबी नगरी में सैलानियों के उमड़ने से पहले बदला आवागमन का ढांचा, आमेर और चारदीवारी के लिए लागू हुई नई व्यवस्था

> राजधानी में पर्यटन के व्यस्त दौर को देखते हुए 10 और 11 अक्टूबर को आमेर किले तथा पुराने परकोटा क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/gulabi-nagari-men-sailaniyon-ke-umarane-se-pahale-badala-avagamana-ka-dhancha-amer-aura-charadivari-ke-lie-lagu-hui-nai-vyavastha-45735 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर ट्रैफिक डायवर्जन, आमेर किला नया रूट, चारदीवारी जयपुर, रामनिवास बाग पार्किंग, जयपुर पर्यटन, ट्रैफिक एडवाइजरी

पर्यटन के चरम मौसम में राजधानी में उमड़ने वाली सैलानियों की भारी तादाद को संभालने के मकसद से प्रशासनिक अमले ने यातायात की रूपरेखा में व्यापक फेरबदल की घोषणा की है। 10 और 11 अक्टूबर की तिथियों में ऐतिहासिक आमेर इलाके तथा पुराने परकोटा क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर यह नई व्यवस्था प्रभावी रहेगी। इन दो विशेष दिनों में शहर के लोकप्रिय दर्शनीय स्थलों, आस्था केंद्रों और बाजारों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बाहरी आगंतुकों की गाड़ियों का आवागमन काफी बढ़ जाने की प्रबल संभावना है। सड़कों को अवरुद्ध होने से बचाने और आम नागरिकों समेत सभी यात्रियों का सफर सुगम रखने के लिए कई व्यस्त गलियारों का मार्ग बदला जा रहा है। परकोटा क्षेत्र के भीतर सफर करने वाले मुसाफिरों और आमेर किले की ओर कूच करने वाले आगंतुकों को तयशुदा रास्तों का ही चयन करना होगा।

सड़क सुरक्षा और यातायात संचालन से जुड़े अधिकारियों ने गाड़ी चलाने वालों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे तय नियमों का पालन करें तथा पाबंदी वाले रास्तों पर गाड़ी ले जाने की भूल न करें। सालाना पर्यटन सत्र के दौरान आमेर का किला, चारदीवारी के पारंपरिक बाजार तथा अन्य धरोहर स्थल हजारों लोगों को आकर्षित करते हैं। इससे मुख्य सड़कों पर अचानक वाहनों का अत्यधिक बोझ बढ़ जाता है और जगह-जगह गाड़ियां फंसने लगती हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए बाहरी पर्यटक बसों के ठहराव स्थल तय किए गए हैं, सामान ढोने वाले भारी वाहनों के भीतर आने के पहर निर्धारित हुए हैं और आम गाड़ियों के लिए वैकल्पिक दिशाएं तय कर दी गई हैं।

## परकोटे में बसों के ठहराव और मालवाहक वाहनों की पाबंदियां
चारदीवारी क्षेत्र की तंग गलियों और चौराहों पर जाम की नौबत न आए, इसके लिए बाहर से आने वाली बड़ी टूरिस्ट बसों का पड़ाव रामनिवास बाग के परिसर में निर्धारित कर दिया गया है। सामान लाने-ले जाने वाले व्यावसायिक वाहनों की दिन के समय एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ऐसे मालवाहक साधनों को रात के 11 बजे से लेकर सुबह के 7 बजे की समयावधि में ही चारदीवारी की सीमा में घुसने की छूट प्रदान की जाएगी। नियमित रूट परमिट से चलने वाली यात्री बसों, छोटी मिनी बसों और आम सिटी बसों के संचालन को लेकर भी लचीलापन रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समानांतर सड़कों की तरफ भेजा जा सके।

इसके अलावा पुराने बाजारों में कारोबार करने वाले व्यापारियों से भी सड़कों पर व्यक्तिगत गाड़ियां खड़ी न करने की हिदायत दी गई है। दुकानदारों और ग्राहकों से कहा गया है कि वे अपने वाहन सुरक्षित पार्किंग परिसरों में ही लगाएं। इसके लिए जेडीए के नियंत्रण वाली रामनिवास बाग भूमिगत पार्किंग, चौगान स्टेडियम के चिन्हित वाहन स्थल और आतिश मार्केट की आंतरिक पार्किंग सुविधा का उपयोग करने का परामर्श दिया गया है, जिससे व्यस्त सड़कों पर गाड़ियों की कतारें न लगें।

## चारदीवारी क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर आवागमन के नए नियम
परकोटा क्षेत्र के आंतरिक हिस्सों में यातायात के प्रवाह को संतुलित रखने के लिए कई प्रमुख बिंदुओं पर डायवर्जन के कड़े नियम लागू किए गए हैं

- **बड़ी चौपड़ से सुभाष चौक का रास्ता:** इस विशेष सड़क पर आम गाड़ियों का परिचालन दोनों ही दिशाओं से सामान्य तरीके से जारी रहेगा।
- **सुभाष चौक से बड़ी चौपड़ की ओर दिशा:** सुभाष चौक के रास्ते बड़ी चौपड़ की तरफ बढ़ने वाली गाड़ियों को सीधे जाने से रोका जाएगा। इन वाहनों को चार दरवाजा तथा घोड़ा निकास मार्ग के रास्ते घुमाते हुए रामगंज चौपड़ की तरफ मोड़ा जाएगा।
- **बांदरवाल गेट से गाड़ियों का प्रवेश:** बांदरवाल गेट की ओर से शहर के अंदर दाखिल होने वाली गाड़ियों को नगर परिषद की मोरी, सार्दुल सिंह की नाल तथा गंगौरी बाजार वाले रास्तों की ओर जाने की सुविधा दी जाएगी।
- **गंगौरी बाजार से सिटी पैलेस की सड़क:** गंगौरी बाजार से सार्दुल सिंह की नाल होते हुए ऐतिहासिक सिटी पैलेस की तरफ जाने वाली सड़क पर वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। इसलिए इस इलाके की तरफ निकलने वाले लोगों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले खुले और बंद मार्गों की सूची जांच लेने की सख्त सलाह दी गई है।

## आमेर किले की यात्रा के लिए तय किया गया विशेष कॉरिडोर
ऐतिहासिक आमेर क्षेत्र में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले सैलानियों के विशाल हुजूम को देखते हुए वहां भी एक अलग यातायात योजना अमल में लाई जाएगी। दिल्ली रोड से चलकर आमेर किले की ओर बढ़ने वाली सैलानियों की गाड़ियों को आमेर तिराहा से धोबीघाट चौराहा, रामगढ़ मोड़ और आमेर रोड के रास्ते आगे भेजा जाएगा। सामान्य आवागमन रामगढ़ मोड़ से आमेर की दिशा में निर्बाध रूप से चालू रखा जाएगा। हालांकि, जयगढ़ टी-पॉइंट से रामगढ़ मोड़ की तरफ गाड़ियों के आने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।

इस बिंदु पर जयगढ़ टी-पॉइंट से गाड़ियां केवल आमेर की दिशा में ही बढ़ सकेंगी। इसके उलट, आमेर की तरफ से रामगढ़ मोड़ की ओर गाड़ियों को लौटने की इजाजत नहीं दी जाएगी। साथ ही आमेर तिराहा से आमेर गांधी चौक की तरफ वाहनों की आवाजाही को भी रोक दिया गया है। आमेर का भ्रमण पूरा करके वापस मुख्य जयपुर शहर में लौटने वाली गाड़ियों के लिए एक लंबा घेरा तय किया गया है, जिसके तहत उन्हें आमेर तिराहा से दिल्ली रोड, गलता गेट चौराहा और ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा होते हुए शहर के भीतरी भागों में लाया जाएगा।

## प्रशासन की ओर से आगंतुकों और स्थानीय निवासियों के लिए दिशा-निर्देश
सैलानियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पुरातत्व विभाग द्वारा तैयार की जा रही परिधियों को कामचलाऊ पार्किंग के तौर पर उपयोग में लाने का विचार भी रखा गया है। इस कदम से आमेर के तंग इलाके में अतिरिक्त वाहनों को खड़ा करने के लिए सुरक्षित जगह मिल सकेगी। समूची व्यवस्था का मुख्य ध्येय यही है कि पर्यटकों की भारी भीड़ के बावजूद सड़कों पर आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहे और लोगों को घंटों जाम में न जूझना पड़े।

नागरिकों और बाहर से आए अतिथियों से आग्रह किया गया है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का आदर करें और वर्जित रास्तों पर अपनी गाड़ियां न ले जाएं। 10 और 11 अक्टूबर के दौरान आमेर और परकोटे की सैर पर निकलने वाले सैलानियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी निजी गाड़ियों के बजाय सार्वजनिक परिवहन के साधनों को प्राथमिकता दें। यदि निजी वाहन से यात्रा करना अनिवार्य हो, तो उसे अधिकृत पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें ताकि ऐतिहासिक शहर की विरासत का आनंद बिना किसी असुविधा के लिया जा सके।

## इसका आप पर असर
यह नई व्यवस्था 10 और 11 अक्टूबर को राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करने वाले स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के यात्रा समय और आवाजाही को सीधे प्रभावित करेगी।

- **जयपुर में दैनिक यात्रियों के लिए:** परकोटे के बाजारों से निकलने वाले स्थानीय लोगों को कई बंद सड़कों के चलते वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा। अपने गंतव्य पर समय पर पहुंचने के लिए कम से कम 20 से 30 मिनट का अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
- **आमेर जाने वाले पर्यटकों के लिए:** आमेर किले की ओर जाने और वहां से लौटने के रास्ते अलग-अलग कर दिए गए हैं। वापसी के लिए वाहनों को गलता गेट और ट्रांसपोर्ट नगर के लंबे चक्कर से गुजरना पड़ेगा, इसलिए उसी अनुसार योजना बनाएं।
- **स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के लिए:** चारदीवारी के बाजारों में दिन के समय मालवाहक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। व्यापारिक माल की ढुलाई केवल रात 11 बजे से सुबह 7 बजे के बीच ही की जा सकेगी।
- **निजी वाहन चालकों के लिए:** सड़कों पर वाहन पार्क करने पर पूरी मनाही है और उल्लंघन पर चालान हो सकता है। अपनी गाड़ी केवल रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम या आतिश मार्केट की तय पार्किंग में ही लगाएं।

## ऐसा क्यों हुआ
पर्यटन सत्र की शुरुआत होते ही शहर के मुख्य स्मारकों और परकोटे के ऐतिहासिक बाजारों में देश-विदेश से आने वाले वाहनों का दबाव अचानक कई गुना बढ़ गया है। संकरी सड़कों और अनियंत्रित पार्किंग के चलते गंभीर ट्रैफिक जाम की आशंका को टालने के लिए प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है।

- **सैलानियों की भारी आवक:** 10 और 11 अक्टूबर को सप्ताहांत और पर्यटन सत्र के चलते आमेर किले और चारदीवारी में वाहनों की अभूतपूर्व भीड़ जुटने का अनुमान है। संकरे रास्तों पर गाड़ियों का दबाव एक साथ बढ़ने से पूरा इलाका जाम होने का जोखिम था।
- **तंग रास्तों पर भारी वाहनों का दबाव:** चारदीवारी की पारंपरिक गलियों में बड़े टूरिस्ट वाहनों और लोडिंग ट्रकों के प्रवेश से यातायात पूरी तरह थम जाता है। इसी अड़चन को खत्म करने के लिए बड़ी बसों को बाहरी छोर पर स्थित रामनिवास बाग में रोकने और मालवाहकों पर रात का प्रतिबंध लगाने का फैसला हुआ।
- **आमेर मार्ग पर एकतरफा आवाजाही की जरूरत:** आमेर और जयगढ़ के पहाड़ी घुमावों वाली सड़कों पर दोनों तरफ से वाहनों के आमने-सामने आने से अक्सर लंबा गतिरोध पैदा हो जाता है। इस संकट को सुलझाने के लिए प्रशासन ने एकतरफा लूप व्यवस्था लागू की है ताकि गाड़ियां बिना रुके आगे बढ़ती रहें।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर में यह विशेष ट्रैफिक डायवर्जन किन तारीखों को लागू रहेगा?
यह विशेष यातायात व्यवस्था 10 और 11 अक्टूबर को आमेर और चारदीवारी क्षेत्र में लागू रहेगी।

### 2. पर्यटकों की बड़ी बसों को कहां पार्क करने का निर्देश दिया गया है?
चारदीवारी आने वाली सभी बड़ी पर्यटक बसों को रामनिवास बाग की पार्किंग में खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं।

### 3. चारदीवारी में मालवाहक वाहनों के आने का समय क्या तय किया गया है?
व्यावसायिक मालवाहक वाहन केवल रात 11 बजे से सुबह 7 बजे के बीच ही चारदीवारी क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे।

### 4. गंगौरी बाजार से सिटी पैलेस की ओर जाने वाले रास्ते पर क्या नियम रहेगा?
गंगौरी बाजार से सार्दुल सिंह की नाल होते हुए सिटी पैलेस की तरफ जाने वाला रास्ता वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।

### 5. आमेर घूमने के बाद जयपुर शहर लौटने के लिए कौन सा रास्ता तय किया गया है?
आमेर से जयपुर लौटने वाले वाहनों को आमेर तिराहा, दिल्ली रोड, गलता गेट चौराहा और ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा होते हुए शहर में आना होगा।

### 6. चारदीवारी में निजी गाड़ियां पार्क करने के लिए कौन से स्थान निर्धारित हैं?
लोग जेडीए की रामनिवास बाग भूमिगत पार्किंग, चौगान स्टेडियम के निर्धारित स्थल और आतिश मार्केट की पार्किंग का उपयोग कर सकते हैं।

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