{
  "type": "article",
  "title": "गणेश उत्सव से पहले हैदराबाद में बड़ा ऐलान, श्रद्धालुओं को मुफ्त मिलेंगी मिट्टी की मूर्तियां",
  "summary": "हैदराबाद में आगामी गणेश उत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन ने चार लाख मिट्टी की मूर्तियां मुफ्त बांटने का फैसला किया है। इसके लिए शहर के अलग-अलग निगमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।",
  "content": "हैदराबाद में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। ग्यारह दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत शहर और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को कुल चार लाख पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि जलस्रोतों को जहरीले केमिकल और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बचाया जा सके।\n\n \n\nतीन नगर निगमों को सौंपी गई वितरण की कमान\n\nनागरिकों को बिना किसी परेशानी के ये प्रतिमाएं आसानी से मिल सकें, इसके लिए हैदराबाद के तीन प्रमुख नगर निगमों ने मिलकर कमान संभाली है। कुल चार लाख मूर्तियों में से आधी यानी दो लाख प्रतिमाओं का वितरण अकेले हैदराबाद नगर निगम द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा, शेष बची हुई दो लाख प्रतिमाओं को बांटने की जिम्मेदारी मलकाजगिरि नगर निगम और साइबराबाद नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से पूरी की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक ये मूर्तियां पहुंच सकें।\n\n \n\nअलग-अलग आकारों में तैयार की गई हैं प्रतिमाएं\n\nश्रद्धालुओं की अलग-अलग आवश्यकताओं और पूजा पंडालों या घरों की जगह को ध्यान में रखते हुए इन मूर्तियों को तीन अलग-अलग आकारों में गढ़ा गया है। इनमें आठ इंच, एक फुट और डेढ़ फुट की मूर्तियां शामिल हैं। प्रशासन का साफ तौर पर मानना है कि रासायनिक रंगों और प्लास्टर ऑफ पेरिस के बजाय मिट्टी से बनी इन प्रतिमाओं का उपयोग करने से स्थानीय झीलों के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने में बहुत मदद मिलेगी।\n\n \n\nविसर्जन के लिए चिन्हित किए गए पच्चीस जल निकाय\n\nएम. पद्मनाभ रेड्डी के अनुसार, ग्यारह दिवसीय इस उत्सव के समापन पर मूर्तियों के सुगम और व्यवस्थित विसर्जन के लिए पूरे शहर में पच्चीस प्रमुख जल निकायों और विशेष कृत्रिम तालाबों की पहचान करके उन्हें संवारा जा रहा है। मूर्तियों के आकार और उनके वजन को ध्यान में रखकर ही विसर्जन स्थलों का निर्धारण किया जाएगा, जिससे प्रमुख झीलों पर अनुचित दबाव न पड़े और सुरक्षा के सभी कड़े मानकों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।\n\n \n\nपिछले साल दो लाख से अधिक मूर्तियों का हुआ था विसर्जन\n\nबीते वर्ष दो हजार पच्चीस के दौरान ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में दो लाख सात हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ था। इनमें से लगभग पचास हजार मूर्तियों को ऐतिहासिक हुसैनसागर में विसर्जित किया गया था, जबकि अन्य सभी प्रतिमाओं को सरूरनगर, कुकटपल्ली, कापरा, आईडीएल और सफिलगुडा जैसे महत्वपूर्ण जल निकायों में प्रवाहित किया गया था। उस समय सुरक्षा व्यवस्था, सुचारू यातायात और भारी भीड़ के प्रबंधन के लिए पचास हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।\n\n \n\nप्रशासन और विभागों के बीच चल रहा है समन्वय\n\nइस बार भी गणेश उत्सव को पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के वास्ते तीनों नगर निगमों, पुलिस विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीच आपसी तालमेल के साथ तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस मिट्टी से बनी मूर्तियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विसर्जन के दौरान सभी जलस्रोतों की स्वच्छता और उनकी सुरक्षा को पूरी तरह से बरकरार रखना है।\n\nइसका आप पर असर\nइस पहल से हैदराबाद और आसपास के इलाकों के उन श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा जो हर साल गणेश उत्सव मनाते हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना पूजा करना चाहते हैं।\n\n• हैदराबाद में: स्थानीय नागरिकों को बाजार से पैसे खर्च करके मिट्टी की मूर्तियां खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि नगर निगम द्वारा उन्हें ये मूर्तियां पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।\n\n• पर्यावरण पर असर: प्लास्टर ऑफ पेरिस और जहरीले रंगों के बजाय मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग से शहर के जलस्रोतों और झीलों में होने वाला प्रदूषण काफी हद तक कम हो जाएगा।\n\n• विसर्जन की सुविधा: प्रशासन द्वारा पच्चीस प्रमुख जल निकायों और कृत्रिम तालाबों को विशेष रूप से तैयार किए जाने से मूर्ति विसर्जन के दौरान लगने वाले जाम और भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।\n\n• सुरक्षा और प्रबंधन: पिछले साल की तरह इस बार भी विसर्जन स्थलों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध और पुलिस बल की तैनाती रहने से किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हो सकेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हैदराबाद में कितनी मुफ्त मिट्टी की मूर्तियां बांटी जाएंगी?\nहैदराबाद और उसके आसपास के इलाकों में कुल चार लाख मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं मुफ्त में वितरित की जाएंगी।\n\n2. मुफ्त मूर्तियां बांटने की जिम्मेदारी किन निगमों को दी गई है?\nइन मूर्तियों के वितरण की जिम्मेदारी हैदराबाद नगर निगम, मलकाजगिरि नगर निगम और साइबराबाद नगर निगम को सौंपी गई है।\n\n3. मिट्टी की ये मूर्तियां कितने अलग-अलग आकारों में उपलब्ध होंगी?\nश्रद्धालुओं की जरूरत के अनुसार ये मूर्तियां आठ इंच, एक फुट और डेढ़ फुट के तीन अलग-अलग आकारों में तैयार की गई हैं।\n\n4. उत्सव के समापन पर मूर्तिक विसर्जन के लिए कितने जल निकाय तय किए गए हैं?\nमूर्तियों के व्यवस्थित विसर्जन के लिए शहरभर में पच्चीस प्रमुख जल निकायों और कृत्रिम तालाबों की पहचान की गई है।\n\n5. गत वर्ष दो हजार पच्चीस में कितनी प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ था?\nपिछले साल ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में दो लाख सात हजार से अधिक गणेश प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन किया गया था।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/haidarabada-men-ganesha-utsava-se-pahale-bara-ailana-shraddhaluon-ko-muphta-milengi-mitti-ki-murtiyan-25778",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-01",
  "tags": [
    "गणेश चतुर्थी",
    "हैदराबाद",
    "मिट्टी की मूर्तियां",
    "पर्यावरण संरक्षण",
    "गणेश विसर्जन"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}