हनुमानगढ़ नगर परिषद पार्षद सुमित रिणवा पर पुलिस का शिकंजा, हिस्ट्रीशीट खोलकर घोषित किया नकद इनाम हनुमानगढ़ में पूर्व सभापति और वर्तमान पार्षद सुमित रिणवा की हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ ही पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 100 रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुराने मारपीट और पुलिस हिरासत से कर्मचारी को ले जाने के मामलों में नामजद पार्षद फिलहाल फरार हैं। राजस्थान के हनुमानगढ़ में नगर परिषद के वर्तमान पार्षद और पूर्व सभापति सुमित रिणवा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला पुलिस ने आपराधिक मामलों के रिकॉर्ड के आधार पर उनकी हिस्ट्रीशीट खोल दी है। सुमित रिणवा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह एक पुराने मारपीट के मामले में फरार चल रहे हैं और पुलिस टीमें उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। स्थानीय राजनीति में सुमित रिणवा का रसूख माना जाता है, क्योंकि उनकी पत्नी मंजू रिणवा वर्तमान में हनुमानगढ़ नगर परिषद की सभापति हैं। पुलिस अधीक्षक ने घोषित किया 100 रुपये का इनाम हनुमानगढ़ के पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने फरार चल रहे सुमित रिणवा की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 100 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुमित रिणवा पर दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त काफी लंबी है, जिसके चलते जिला पुलिस प्रशासन ने उनकी हिस्ट्रीशीट तैयार कर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। पुलिस हिरासत से कर्मचारी को ले जाने का गंभीर आरोप सुमित रिणवा पर टाउन थाना क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। यह पूरा मामला नगर परिषद के प्रशासनिक रिकॉर्ड और फाइलों में कथित वित्तीय अनियमितताओं व गड़बड़ी की जांच से जुड़ा हुआ है। टाउन थाना पुलिस नगर परिषद के दस्तावेजों की जांच कर रही थी। इसी जांच के सिलसिले में लेखा अधिकारी मालचन्द सहित कुछ अन्य कर्मचारियों को पूछताछ के लिए टाउन थाने बुलाया गया था। पूछताछ की प्रक्रिया के दौरान लेखा अधिकारी मालचन्द की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके तुरंत बाद सुमित रिणवा अपने साथी अमित माहेश्वरी और कुछ अन्य लोगों के साथ थाने पहुंचे और मालचन्द को वहां से लेकर चले गए थे। टाउन थाने में दर्ज हुआ था सरकारी कार्य में बाधा का मुकदमा पुलिस का स्पष्ट आरोप है कि सुमित रिणवा और उनके सहयोगियों ने पुलिस हिरासत से लेखा अधिकारी मालचन्द को जबरन बाहर निकाला था। थाने के भीतर से किसी संदिग्ध या पूछताछ के दायरे में आए कर्मचारी को इस तरह ले जाना कानून का उल्लंघन माना गया, जिसके बाद टाउन थाने में सुमित रिणवा, अमित माहेश्वरी और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस हिरासत से कर्मचारी को जबरन ले जाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद से ही वह पुलिस के रडार पर चल रहे थे। पुराने मारपीट मामले में लगातार चल रहे हैं फरार हिरासत से कर्मचारी को छुड़ाने के मामले के अलावा सुमित रिणवा पर पहले का एक मारपीट का मामला भी दर्ज है। इस पुराने मारपीट मामले में भी वह लंबे समय से फरार चल रहे हैं और अदालत या जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं। आधा दर्जन से अधिक मामलों में नामजद होने और कानूनी प्रक्रिया से बचने के कारण पुलिस ने अब उनकी हिस्ट्रीशीट खोलकर शिकंजा कस दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में लगाए गए आरोपों और कानूनी स्थिति का निर्धारण आगे की अदालती प्रक्रिया और जांच के आधार पर किया जाएगा। स्थानीय राजनीति और विधायक गणेश राज बंसल गुट से जुड़ाव हनुमानगढ़ की स्थानीय राजनीति में सुमित रिणवा एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। वह खुद पूर्व में नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं और वर्तमान में पार्षद पद पर काबिज हैं। वहीं, उनकी पत्नी मंजू रिणवा मौजूदा समय में नगर परिषद की सभापति के पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। राजनीतिक हलकों में सुमित रिणवा को विधायक गणेश राज बंसल गुट का करीबी माना जाता है। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण जिला पुलिस द्वारा हिस्ट्रीशीट खोले जाने और इनाम की घोषणा किए जाने के बाद से नगर परिषद और स्थानीय सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद ही दोनों प्रमुख मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसका आप पर असर इस कार्रवाई से स्थानीय नगर परिषद प्रशासन और जनसाधारण के बीच जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेंगे। • भारत में: जन प्रतिनिधियों पर दर्ज आपराधिक मामलों में पुलिस द्वारा हिस्ट्रीशीट खोलने से प्रशासनिक जवाबदेही को बल मिलता है। यह कदम संकेत देता है कि राजनीतिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया सामान्य नियमों के तहत लागू होती है। • हनुमानगढ़ में: नगर परिषद के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े व्यक्ति पर कार्रवाई होने से परिषद के प्रशासनिक कामकाज और जांच प्रक्रिया पर जनता का ध्यान केंद्रित होगा। परिषद के कर्मचारी और स्थानीय नागरिक नगर पालिका से जुड़ी फाइलों और विकास कार्यों के मामलों में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर सकते हैं। • नागरिकों पर प्रभाव: नगर परिषद से जुड़े प्रशासनिक मामलों और पुरानी फाइलों की जांच आगे बढ़ने से स्थानीय प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ने की संभावना है। आम लोग अपने क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों और जन समस्याओं को लेकर पार्षदों और अधिकारियों पर अधिक निगरानी रख सकेंगे। • कानूनी कार्रवाई: फरार आरोपी पर नकद इनाम घोषित होने से स्थानीय पुलिस तंत्र को सूचना मिलने में तेजी आ सकती है। इससे शहर में कानून व्यवस्था और लंबित मामलों के निस्तारण को गति मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ हनुमानगढ़ जिला पुलिस द्वारा पार्षद सुमित रिणवा के खिलाफ यह सख्त कदम उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गिरफ्तारी से बचने और पुलिस जांच में हस्तक्षेप करने के चलते उठाया गया है। • लगातार फरार रहना: सुमित रिणवा के खिलाफ पुराने मारपीट मामले में गिरफ्तारी वारंट या तलाश जारी थी, लेकिन वह पेश नहीं हो रहे थे। लगातार फरार रहने की स्थिति ने पुलिस को उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने और इनाम घोषित करने के लिए बाध्य किया। • पुलिस हिरासत में दखल: नगर परिषद की फाइलों में गड़बड़ी की जांच के दौरान टाउन थाने से लेखा अधिकारी मालचन्द को जबरन ले जाने की घटना ने मामले को तूल दिया। सरकारी जांच और पुलिस अभिरक्षा में इस प्रकार के हस्तक्षेप को पुलिस ने गंभीर अपराध माना। • मुकदमों की लंबी फेहरिस्त: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रिणवा के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। बार-बार कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों की लगातार निगरानी रखने के लिए पुलिस नियमावली के तहत हिस्ट्रीशीट खोली जाती है। सवाल-जवाब 1. सुमित रिणवा कौन हैं? सुमित रिणवा हनुमानगढ़ नगर परिषद के वर्तमान पार्षद और पूर्व सभापति हैं, जिनकी पत्नी मंजू रिणवा मौजूदा समय में नगर परिषद की सभापति हैं। 2. पुलिस ने सुमित रिणवा की हिस्ट्रीशीट क्यों खोली है? सुमित रिणवा के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पुराने मारपीट के मामले में फरार चल रहे हैं, जिसके कारण पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट खोली है। 3. सुमित रिणवा की गिरफ्तारी पर कितना इनाम घोषित किया गया है? हनुमानगढ़ के पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने सुमित रिणवा की गिरफ्तारी के लिए 100 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। 4. टाउन थाने में सुमित रिणवा के खिलाफ क्या मामला दर्ज हुआ था? टाउन थाने में सुमित रिणवा और उनके साथियों पर आरोप लगा था कि वे नगर परिषद की फाइलों की जांच के दौरान पूछताछ के लिए बुलाए गए लेखा अधिकारी मालचन्द को पुलिस हिरासत से जबरन ले गए थे। 5. सुमित रिणवा किस राजनीतिक गुट से जुड़े माने जाते हैं? सुमित रिणवा को स्थानीय राजनीति में विधायक गणेश राज बंसल गुट से जुड़ा हुआ माना जाता है। https://trendkia.com/rajasthan/hanumanagarha-nagara-parishada-parshada-sumit-rinwa-para-pulisa-ka-shiknja-histrishita-kholakara-ghoshita-kiya-nakada-inama-47382 TrendKia — Har trend, sabse pehle.