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  "title": "हनुमानगढ़ में कम अंक आने पर दसवीं के छात्र को पीटा, ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर दिया धरना",
  "summary": "हनुमानगढ़ जिले के नोहर उपखंड स्थित भगवान गांव में परीक्षा में कम अंक लाने पर दसवीं के छात्र की कथित तौर पर पिटाई करने के आरोप में प्रिंसिपल सुनील नोखवाल के खिलाफ ग्रामीणों और परिजनों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया।",
  "content": "हनुमानगढ़ जिले के नोहर उपखंड क्षेत्र में स्थित भगवान गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक छात्र के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद भारी तनाव पैदा हो गया। परीक्षा में अपेक्षाकृत कम अंक आने से नाराज होकर विद्यालय के प्रिंसिपल सुनील नोखवाल द्वारा दसवीं कक्षा के एक विद्यार्थी की कथित रूप से बेरहमी से पिटाई किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित घटना की जानकारी मिलते ही छात्र के परिजन, स्थानीय ग्रामीण और अन्य विद्यार्थी आक्रोशित हो उठे और उन्होंने विद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।\n\nदसवीं के छात्र पर फूटा प्रिंसिपल का गुस्सा\nपीड़ित छात्र भगवान गांव के इसी सरकारी स्कूल में कक्षा 10वीं का नियमित विद्यार्थी है। परिजनों और गांव के लोगों के अनुसार, विद्यालय में आयोजित परीक्षा के परिणाम में छात्र के कुछ अंक कम रह गए थे। इसी बात से विद्यालय के प्रिंसिपल सुनील नोखवाल बुरी तरह नाराज हो गए और उन्होंने अपना आपा खो दिया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने अपनी भड़ास निकालने के लिए नाबालिग छात्र की बेहद क्रूरतापूर्वक पिटाई कर दी। इस बेरहम प्रताड़ना के कारण छात्र के शरीर पर गहरी चोटों के निशान बन गए, जिससे पीड़ित बुरी तरह डर गया। अचानक हुई इस हिंसक घटना से आहत होकर छात्र और उसके परिजन गहरे मानसिक सदमे में चले गए हैं, वहीं इस प्रताड़ना ने अन्य अभिभावकों के बीच भी गहरी चिंता और खौफ का माहौल बना दिया है।\n\nस्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी और नारेबाजी\nइस घटना की जानकारी फैलते ही मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने एकजुट होकर भगवान गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और वहीं जमीन पर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि स्कूल जैसे विद्या के केंद्र में नाबालिग बच्चों पर ऐसा हिंसक व्यवहार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक आरोपी प्रिंसिपल के विरुद्ध सख्त और ठोस विभागीय कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी अनवरत जारी रहेगी।\n\nपुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे मौके पर\nविद्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर हंगामे और धरने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत भगवान गांव पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और परिजनों को समझाने और बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ और वे अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़े रहे।\n\nतानाशाही रवैये का आरोप और गिरफ्तारी की मांग\nधरना प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने प्रिंसिपल सुनील नोखवाल पर लंबे समय से तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी प्रिंसिपल द्वारा स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों और अन्य विद्यार्थियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने और मारपीट करने की शिकायतें आती रही हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अब किसी भी मौखिक आश्वासन को मानने के मूड में नहीं हैं। ग्रामीणों की दो टूक मांग है कि आरोपी प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से इस पद से हटाया जाए, उसका तुरंत तबादला किया जाए तथा उसके खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटना सरकारी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा, अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड पर रोक और अभिभावकों के अधिकारों से जुड़ी व्यवस्था पर सीधा प्रभाव डालती है।\n\n• हनुमानगढ़ और राजस्थान में: सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक अब शिक्षकों और संस्था प्रधानों द्वारा बच्चों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे। इसके चलते शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों पर स्कूलों में शारीरिक दंड की रोकथाम से जुड़े नियमों को कड़ाई से लागू करने का प्रशासनिक दबाव बढ़ेगा।\n• अभिभावकों के लिए: यदि किसी बच्चे को शैक्षणिक प्रदर्शन या कम अंकों के आधार पर प्रताड़ित या प्रताड़ित किया जाता है, तो अभिभावक बिना देरी किए स्थानीय शिक्षा अधिकारियों और पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे स्कूलों में बच्चों के मानसिक और शारीरिक संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।\n• विद्यार्थियों के लिए: परीक्षा में कम अंक आने पर शिक्षक द्वारा शारीरिक हिंसा का भय दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय होने से बच्चों को मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। यह कदम छात्रों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित कराने की दिशा में मदद करेगा।\n• स्कूल प्रशासन के लिए: संस्था प्रधानों और अध्यापकों को यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि परीक्षा परिणामों को लेकर विद्यार्थियों पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग गंभीर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है। इससे स्कूल परिसरों में तानाशाही रवैये पर अंकुश लगने की उम्मीद है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने परीक्षा में कम अंक लाने पर दसवीं कक्षा के एक विद्यार्थी की कथित रूप से गंभीर पिटाई कर दी, जिससे ग्रामीणों में व्यापक आक्रोश फैल गया।\n\n• तात्कालिक कारण: दसवीं कक्षा के छात्र द्वारा स्कूल परीक्षा में कम अंक प्राप्त करने पर प्रिंसिपल सुनील नोखवाल ने कथित तौर पर अपना आपा खो दिया और छात्र पर शारीरिक हमला कर दिया। इस पिटाई के कारण छात्र के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान आ गए, जिससे मामला तुरंत भड़क गया।\n• पृष्ठभूमि और पूर्व शिकायतें: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी प्रिंसिपल का रवैया लंबे समय से तानाशाही भरा रहा था और वह पहले भी छोटे बच्चों के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार करते रहे थे। पूर्व में सुधारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण ग्रामीणों में पहले से असंतोष पनप रहा था।\n• तालाबंदी और सामूहिक विरोध: पीड़ित परिवार के सदमे में आने के बाद पूरे गांव के लोग, अन्य अभिभावक और विद्यार्थी एकजुट हो गए और उन्होंने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का मानना है कि विद्या के मंदिर में ऐसी क्रूरता अस्वीकार्य है।\n• वर्तमान स्थिति और जांच: घटना के बाद स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी आरोपी प्रिंसिपल के निलंबन, तबादले और आपराधिक गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना किस स्थान और किस स्कूल की है?\nयह घटना हनुमानगढ़ जिले के नोहर उपखंड के अंतर्गत आने वाले भगवान गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की है।\n\n2. पीड़ित छात्र किस कक्षा में पढ़ता है?\nपीड़ित छात्र भगवान गांव के उक्त सरकारी स्कूल में कक्षा 10वीं का विद्यार्थी है।\n\n3. प्रिंसिपल पर छात्र की पिटाई करने का क्या आरोप है?\nआरोप है कि परीक्षा में कुछ अंक कम आने से नाराज होकर प्रिंसिपल सुनील नोखवाल ने छात्र की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसके शरीर पर चोट के निशान बन गए।\n\n4. ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्कूल पर क्या कार्रवाई की?\nनाराज ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने मंगलवार को स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठकर नारेबाजी की।\n\n5. ग्रामीणों की प्रशासन से मुख्य मांगें क्या हैं?\nग्रामीणों की मांग है कि आरोपी प्रिंसिपल को पद से हटाया जाए, उसका तुरंत तबादला किया जाए और उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए।\n\n6. हंगामे की सूचना मिलने पर मौके पर कौन पहुंचा?\nहंगामे और तालाबंदी की खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-10",
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