हनुमानगढ़ में साथी को बचाने कूदे तीन बच्चे, नहर के तेज बहाव में डूबकर गंवाई जान, दो निकले सगे भाई हनुमानगढ़ के रावतसर इलाके में भेड़ चराने गए तीन बच्चों की कुंभाराम आर्य लिफ्ट नहर में डूबकर मौत हो गई, इनमें दो सगे भाई भी शामिल थे। एक बच्चे को बचाने के लिए पानी में उतरे बाकी बच्चे भी तेज बहाव में समा गए। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक साथ भेड़ चराने गए तीन बच्चों की नहर में डूबने से मौत हो गई है। रावतसर थाना क्षेत्र की इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है, क्योंकि मरने वालों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। भेड़ चराने गए थे बच्चे, कुंभाराम आर्य लिफ्ट नहर के पास हुआ हादसा बताया जा रहा है कि हादसा कुंभाराम आर्य लिफ्ट नहर के किनारे हुआ, जहां गांव के कुछ बच्चे हमेशा की तरह अपनी भेड़ें चराने पहुंचे थे। गांवों में बच्चों का मवेशियों के साथ खेत-खलिहानों और नहरों के आसपास जाना आम बात मानी जाती है, इसलिए किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह मामूली सी दिनचर्या इतनी भयावह त्रासदी में बदल जाएगी। नहर का तेज बहाव और पानी की असली गहराई का सही अंदाजा बच्चों को नहीं था, और यही लापरवाही आगे चलकर तीन जिंदगियां लील गई। कुछ ही पलों में हालात इतने बिगड़ गए कि बच्चे संभल नहीं पाए। एक बच्चे को बचाने उतरे बाकी दो, तीनों गहरे पानी में समाए जानकारी के मुताबिक, भेड़ चराते-चराते बच्चों में से एक अचानक पैर फिसलने से नहर में जा गिरा। उसे डूबता देख बाकी साथी घबरा गए, लेकिन बिना कुछ सोचे-समझे उसकी जान बचाने के लिए वे भी एक के बाद एक पानी में कूद पड़े। नहर का जलस्तर ज्यादा और बहाव तेज होने के कारण वे खुद को संभाल नहीं पाए। नतीजा यह हुआ कि जिस बच्चे को बचाने के लिए दूसरे बच्चे पानी में उतरे थे, वे सभी मिलकर गहरे पानी में डूब गए। इस पूरी घटना में तीन बच्चों की जान चली गई, और आसपास मौजूद लोग कुछ कर पाते इससे पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था। मृतकों में दो सगे भाई, एक बच्चे को ग्रामीणों ने बचाया मरने वाले बच्चों की पहचान 17 साल के बजरंग, 14 साल के सुनील और 15 साल के कौर पाल के तौर पर हुई है। इनमें बजरंग और कौर पाल आपस में सगे भाई बताए जा रहे हैं, यानी एक ही परिवार ने अपने दो बेटों को इस हादसे में खो दिया है। हादसे के वक्त आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने फुर्ती दिखाते हुए 14 साल के रामचंद्र नाम के एक और बच्चे को पानी से बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। अगर ग्रामीण समय पर वहां न पहुंचते तो यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता था। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से निकाले शव, एसपी खुद पहुंचे मौके पर घटना की खबर मिलते ही रावतसर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर तीनों बच्चों के शव नहर से बाहर निकलवाए गए। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर रावतसर के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य खुद रावतसर के लिए रवाना हो गए और हालात का जायजा लेने पहुंचे। रावतसर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन हालात में यह हादसा हुआ। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। इसका आप पर असर इस हादसे के बाद नहरों और खुले जलस्रोतों के पास बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। • भारत में: देशभर के ग्रामीण इलाकों में बच्चे अक्सर मवेशी चराने के दौरान नहरों और तालाबों के करीब जाते हैं। यह घटना दिखाती है कि बिना सुरक्षा घेरे वाली नहरें कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं, इसलिए अभिभावकों को बच्चों को अकेले जल स्रोतों के पास न भेजने की सलाह दी जाती है। • हनुमानगढ़ में: रावतसर क्षेत्र के परिवार अब कुंभाराम आर्य लिफ्ट नहर के पास मवेशी चराने को लेकर ज्यादा सतर्क रहेंगे, और स्थानीय प्रशासन पर नहर के खतरनाक हिस्सों पर चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा लगाने का दबाव बढ़ सकता है। • बचाव का सही तरीका जरूरी: यह हादसा सिखाता है कि तैरना न आने पर सीधे पानी में कूदने की बजाय रस्सी, डंडा या तुरंत बड़ों को बुलाकर मदद लेनी चाहिए, क्योंकि जल्दबाजी में बचाने वाला भी डूब सकता है। • पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया: तीनों शव रावतसर के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखे गए हैं और पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद ही परिवार को शव सौंपे जाएंगे, जिससे परिवार को प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना होगा। सवाल-जवाब 1. यह हादसा कहां हुआ? यह हादसा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रावतसर थाना क्षेत्र में कुंभाराम आर्य लिफ्ट नहर के पास हुआ। 2. हादसे में कितने बच्चों की मौत हुई? नहर में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। 3. मृतकों की पहचान क्या है? मृतकों की पहचान 17 वर्षीय बजरंग, 14 वर्षीय सुनील और 15 वर्षीय कौर पाल के रूप में हुई है। 4. क्या मृतकों में कोई भाई-बहन थे? हां, बजरंग और कौर पाल आपस में सगे भाई बताए जा रहे हैं। 5. हादसा कैसे हुआ? एक बच्चा फिसलकर नहर में गिर गया, उसे बचाने के लिए बाकी बच्चे भी पानी में कूदे और तेज बहाव में तीनों डूब गए। 6. क्या कोई बच्चा बच पाया? हां, ग्रामीणों ने 14 वर्षीय रामचंद्र नाम के बच्चे को समय रहते पानी से बाहर निकालकर बचा लिया। 7. शवों का क्या हुआ? पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव नहर से निकालकर रावतसर के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए हैं, जहां पोस्टमार्टम हो रहा है। 8. पुलिस प्रशासन की क्या भूमिका रही? रावतसर पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य भी खुद रावतसर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। https://trendkia.com/rajasthan/hanumangarh-men-sathi-ko-bachane-kude-tina-bachche-nahara-ke-teja-bahava-men-dubakara-gnvai-jana-do-nikale-sage-bhai-28607 TrendKia — Har trend, sabse pehle.