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  "title": "जयपुर ग्रामीण में रायथल-बासड़ी मार्ग का कायाकल्प शुरू, 5.25 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी पक्की सड़क",
  "summary": "जयपुर ग्रामीण के रायथल से बासड़ी तक 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जिस पर 5.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से तीन विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीणों को आवागमन में सीधी राहत मिलेगी।",
  "content": "जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक अहम सड़क परियोजना पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है। रायथल इलाके के बाशिंदों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हो रही है। इस परियोजना के अंतर्गत एमडीआर-467 के हिस्से के रूप में रायथल से बासड़ी मार्ग पर 3.5 किलोमीटर लंबी डामर सड़क बनाई जा रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई इस योजना पर लगभग 5.25 करोड़ रुपये की सरकारी राशि खर्च की जाएगी। निर्माण कार्य के आरंभ होने से क्षेत्र में वर्षों से बदहाल रास्ते से जूझ रहे ग्रामीणों को अब सुगम सफर की उम्मीद बंधी है।\n\nस्वीकृत बजट और तकनीकी रूपरेखा\nसार्वजनिक निर्माण विभाग, जालसू के सहायक अभियंता रजत शर्मा के अनुसार, रायथल-बासड़ी मार्ग के 3.5 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण के लिए 5.25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के तुरंत बाद निर्माण एजेंसी ने मौके पर पहुंचकर काम आरंभ कर दिया है। इस सड़क का ढांचा पूरी तरह तैयार होने के बाद वाहनों की आवाजाही पहले के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। इससे धूल-मिट्टी और गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और वाहन खराबी पर भी रोक लगेगी।\n\nतीन विधानसभा क्षेत्रों का साझा संपर्क मार्ग\nरायथल ग्राम पंचायत के प्रशासक भगवान सहाय यादव ने जानकारी दी कि आमेर विधायक प्रशांत शर्मा द्वारा उठाई गई मांग के आधार पर राज्य सरकार ने इस सड़क के लिए प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। यह संपर्क मार्ग केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि आमेर, झोटवाड़ा और फुलेरा विधानसभा क्षेत्रों के बीच आवागमन करने वाले हजारों ग्रामीणों की दैनिक जीवन रेखा है। इस सड़क के विधिवत तैयार होने से आसपास बसे दर्जनों गांवों के बीच आपसी संपर्क बेहतर होगा और अंतर-ग्रामीण यातायात तंत्र को मजबूती मिलेगी।\n\nएक दशक लंबा इंतजार और स्थानीय उत्साह\nस्थानीय बाशिंदे पिछले 10 वर्षों से लगातार इस मार्ग के पक्का निर्माण की मांग शासन और प्रशासन से कर रहे थे। एक दशक के लंबे अंतराल में जर्जर मार्ग की वजह से बुजुर्गों, मरीजों और स्कूली छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बजट स्वीकृति मिलने के बावजूद मौके पर कार्य शुरू होने में कुछ समय लगा, जिससे ग्रामीणों को काम आरंभ होने की प्रतीक्षा थी। अब जमीनी स्तर पर मशीनों के पहुंचने और निर्माण कार्य शुरू होने के बाद पूरे ग्रामीण अंचल में राहत और प्रसन्नता का माहौल देखा जा रहा है।\n\nकिसानों, विद्यार्थियों और स्थानीय व्यापार को लाभ\nसड़क का निर्माण पूरा होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा प्रोत्साहन मिलेगा। क्षेत्र के काश्तकारों को अपनी हरी सब्जियां, दूध और अन्य कृषि उपज नजदीकी मंडियों और बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में भारी सुविधा होगी। इसके अतिरिक्त स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों तथा शहरों में सेवारत नौकरीपेशा लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी। मुख्य राजमार्गों और संपर्क मार्गों तक निर्बाध पहुंच बनने से आम यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। यह मार्ग क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के विस्तार में एक महत्वपूर्ण धुरी साबित होगा।\n\nइसका आप पर असर\nरायथल-बासड़ी मार्ग के पक्के निर्माण से जयपुर ग्रामीण अंचल के दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और किसानों को सीधे तौर पर गड्ढामुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी।\n\n• जयपुर ग्रामीण में: रायथल और बासड़ी सहित आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों को अब धूल और गड्ढों से मुक्ति मिलेगी। दैनिक आवागमन में समय की बचत होगी और छोटे-बड़े वाहनों के कलपुर्जों की टूट-फूट से बचाव होगा।\n• स्थानीय किसानों के लिए: काश्तकार अपनी उपज और सब्जियां बिना देरी के जयपुर तथा आसपास के बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। समय पर मंडी पहुंचने से फसल के खराब होने का जोखिम कम होगा और बेहतर दाम मिल सकेंगे।\n• छात्रों और कामगारों के लिए: आमेर, झोटवाड़ा और फुलेरा क्षेत्र के संस्थानों में जाने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों का सफर सुगम होगा। खराब सड़क के कारण बसों और अन्य वाहनों की देरी की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।\n• आपातकालीन सेवाओं के लिए: गांवों में एम्बुलेंस और आपातकालीन राहत वाहन बिना किसी रुकावट के तेज गति से पहुंच सकेंगे। स्वास्थ्य आपातकाल के समय मरीजों को निकटतम अस्पतालों तक ले जाना बेहद आसान हो जाएगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nरायथल-बासड़ी मार्ग पिछले 10 वर्षों से कच्चा और क्षतिग्रस्त पड़ा था, जिससे तीन प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों के बीच आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। स्थानीय विधायक के प्रयासों और प्रशासनिक स्तर पर 5.25 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के बाद इस कार्य को शुरू किया गया।\n\n• लंबे समय से उपेक्षित मार्ग: रायथल से बासड़ी के बीच का रास्ता बीते 10 सालों से बदहाल था और ग्रामीण निरंतर इसके निर्माण की मांग उठा रहे थे। भारी वाहनों की आवाजाही और उचित रखरखाव के अभाव में यह मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका था।\n• विधायक की पहल और सरकारी मंजूरी: आमेर विधायक प्रशांत शर्मा द्वारा इस मार्ग की उपयोगिता को देखते हुए राज्य सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था। सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस 3.5 किलोमीटर सड़क के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी की।\n• एमडीआर-467 का विस्तार: लोक निर्माण विभाग ने क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने की नीति के तहत एमडीआर-467 परियोजना में इस हिस्से को शामिल किया। सहायक अभियंता द्वारा बजट आवंटन के बाद तकनीकी औपचारिकताएं पूर्ण कर निर्माण शुरू करवाया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रायथल-बासड़ी सड़क निर्माण पर कुल कितनी राशि खर्च की जाएगी?\nइस 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कुल 5.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।\n\n2. यह सड़क किस परियोजना और वर्गीकरण के तहत बनाई जा रही है?\nयह सड़क एमडीआर-467 के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की जा रही है।\n\n3. सड़क निर्माण की मांग कितने समय से चल रही थी?\nस्थानीय ग्रामीण इस मार्ग के निर्माण के लिए पिछले लगभग 10 वर्षों से लगातार मांग कर रहे थे।\n\n4. इस मार्ग से किन विधानसभा क्षेत्रों के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा?\nइस सड़क के बनने से आमेर, झोटवाड़ा और फुलेरा विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।\n\n5. इस सड़क की कुल लंबाई कितनी है?\nरायथल से बासड़ी तक बन रही इस सड़क की कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-20",
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