{
  "type": "article",
  "title": "जयपुर के 52 प्रत्याशी चुनाव तो लड़ेंगे, पर अपने पक्ष में वोट नहीं डाल सकेंगे",
  "summary": "राजस्थान निकाय चुनाव में जयपुर के 52 प्रत्याशियों ने वार्ड बदलकर दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिससे मतदान वाले दिन वे अपने ही नाम को वोट नहीं दे पाएंगे और अपने वार्ड में किसी और प्रत्याशी के पक्ष में बटन दबाना होगा।",
  "content": "राजस्थान के निकाय चुनाव में जयपुर से इस बार एक अनोखा वाकया सामने आया है। राजधानी के 52 प्रत्याशी ऐसे हैं जो मैदान में उतरे तो हैं, लेकिन मतदान वाले दिन अपने नाम के आगे बटन नहीं दबा पाएंगे। वजह साफ है, इन प्रत्याशियों ने अपना पुराना वार्ड छोड़कर किसी और वार्ड से किस्मत आजमाने का फैसला किया, जबकि इनका वोट अब भी पुराने वार्ड की सूची में ही दर्ज है। नतीजा यह कि जिस वार्ड से ये चुनाव लड़ रहे हैं, वहां के मतदाता तो इन्हें वोट देंगे, मगर खुद ये अपने वोट का इस्तेमाल किसी और प्रत्याशी के हक में करने पर मजबूर होंगे।\n\nवार्ड बदलने की नौबत क्यों आई\nइसकी जड़ में जयपुर में हुआ नया परिसीमन है। पहले नगर निगम के दोनों हिस्सों को मिलाकर कुल 250 वार्ड हुआ करते थे। परिसीमन के बाद यह संख्या घटकर 150 रह गई, यानी वार्डों की सीमाएं पूरी तरह बदल गईं। इस उलटफेर में कई नेताओं और दावेदारों का बरसों पुराना असर वाला इलाका दो या तीन नए वार्डों में बंट गया। जिन जगहों पर आरक्षण की स्थिति बदली या राजनीतिक गणित उलझा, वहां के दावेदारों ने जीत की गुंजाइश देखते हुए पड़ोसी वार्ड से चुनाव लड़ना ज्यादा मुनासिब समझा। इसी वजह से आज ऐसे 52 चेहरे मैदान में हैं जिनका पता एक वार्ड में है, मगर पर्चा दूसरे वार्ड से भरा गया है।\n\nअपने ही घर के वार्ड में देना होगा किसी और को वोट\nआम तौर पर चुनाव लड़ने वाला हर उम्मीदवार अपने नाम के सामने खुद वोट डालना एक तरह की परंपरा और भावनात्मक पल मानता है। लेकिन जयपुर के इन 52 प्रत्याशियों के लिए इस बार यह मुमकिन नहीं होगा। मतदान के दिन ये अपने घर वाले वार्ड के बूथ पर जाएंगे जरूर, लेकिन वहां की सूची में इनका नाम उम्मीदवार के तौर पर नहीं, बल्कि सामान्य वोटर के तौर पर दर्ज मिलेगा। यानी इन्हें उसी बूथ पर किसी और पार्टी या निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में बटन दबाना होगा। असल मुकाबला जिस वार्ड से ये लड़ रहे हैं, वहां का नतीजा पूरी तरह उस वार्ड के मतदाताओं के रुख पर टिका है, इन्हें अपने पुराने वार्ड के नतीजे पर कोई सीधा असर डालने का मौका नहीं मिलेगा।\n\nकुछ नाम जिनकी चर्चा तेज है\nवार्ड 137 से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद रईस मैदान में हैं, लेकिन उनका वोट वार्ड 136 की सूची में दर्ज बताया जा रहा है। कुछ ऐसा ही मामला वार्ड 9 का भी है, जहां भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों से जुड़े प्रत्याशियों के वोट किसी और वार्ड में दर्ज हैं। वार्ड 130 से भाजपा प्रत्याशी सूरज शर्मा चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि वे खुद वार्ड 132 के मतदाता हैं। इसी वार्ड में मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी राकेश मीणा का नाम वार्ड 131 की मतदाता सूची में दर्ज है। यानी ये दोनों प्रत्याशी भी अपने ही चुनाव में खुद को वोट नहीं दे पाएंगे।\n\nनए वार्ड में पुरानी पकड़ की परीक्षा\nपरिसीमन के बाद सीमाएं बदलने से कई ऐसे नेताओं की मुश्किलें बढ़ी हैं, जिनकी किसी खास इलाके में बरसों पुरानी पकड़ रही है। अब उन्हें नए वार्ड में जाकर मतदाताओं से नए सिरे से पहचान बनानी पड़ रही है। वहीं कुछ प्रत्याशियों ने अपने पुराने सामाजिक और राजनीतिक संपर्कों के भरोसे नए वार्ड में दांव खेलना बेहतर समझा है। इससे यह भी साफ होता है कि परिसीमन सिर्फ नक्शे पर लकीरें खींचने का काम नहीं है, बल्कि यह जमीनी राजनीति की पूरी बिसात बदल देता है। पार्टियों के स्थानीय संगठन को भी नए सिरे से यह तय करना पड़ रहा है कि किस वार्ड में किस चेहरे को उतारा जाए और पुराने वफादार कार्यकर्ताओं का साथ किस तरह हासिल किया जाए।\n\nअब निगाहें 9 और 11 सितंबर पर\nजयपुर में मतदान 9 और 11 सितंबर को होना है। सबकी दिलचस्पी इसी बात में है कि दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ रहे ये प्रत्याशी वहां के मतदाताओं का कितना भरोसा जीत पाते हैं, क्योंकि इनका अपना वोट तो पहले से ही किसी और के खाते में जाना तय है। फिलहाल जयपुर निकाय चुनाव में यह 52 प्रत्याशियों वाला मामला चुनावी हलकों में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\nइस स्थिति का सबसे बड़ा असर उन वोटरों पर पड़ेगा जिन्हें यह पता नहीं कि परिसीमन के बाद उनका नाम किस वार्ड की सूची में दर्ज हुआ है।\n\n• भारत में: परिसीमन के बाद वार्ड या क्षेत्र बदलना देश के किसी भी शहर में हो सकता है। ऐसे में हर वोटर को चुनाव से पहले अपनी मतदाता सूची और वार्ड नंबर जरूर जांच लेना चाहिए, ताकि मतदान के दिन कोई असमंजस न हो।\n• जयपुर में: जयपुर के जिन इलाकों में वार्ड बदले हैं, वहां के वोटरों को 9 और 11 सितंबर को मतदान से पहले यह पक्का करना होगा कि वे सही बूथ और सही वार्ड की सूची में वोट डाल रहे हैं।\n• प्रत्याशियों के लिए: जिन 52 प्रत्याशियों का वोट दूसरे वार्ड में है, उनकी जीत पूरी तरह नए वार्ड के मतदाताओं पर निर्भर करेगी। उन्हें प्रचार के लिए एकदम नए इलाके में भरोसा बनाना होगा।\n• राजनीतिक दलों के लिए: भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों को अपने ऐसे उम्मीदवारों के लिए अलग रणनीति बनानी होगी, क्योंकि उनका अपना वोट भी नए वार्ड के नतीजे में नहीं जुड़ेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह पूरी स्थिति जयपुर में हुए नए वार्ड परिसीमन की सीधी उपज है, जिसने शहर के राजनीतिक नक्शे को ही बदल दिया।\n\n• वार्डों की संख्या घटी: नगर निगम के दोनों क्षेत्रों में पहले 250 वार्ड थे, जो परिसीमन के बाद घटकर 150 रह गए। इससे पुरानी सीमाएं टूटीं और कई इलाके नए वार्डों में जुड़ गए।\n• राजनीतिक समीकरण बदले: कुछ जगहों पर आरक्षण की स्थिति बदल गई तो कहीं पुराना जनाधार दो-तीन वार्डों में बंट गया, जिससे कई दावेदारों की जीत की संभावनाएं घट गईं।\n• रणनीतिक फैसला: ऐसे प्रत्याशियों ने अपनी जीत की गुंजाइश और पुराने राजनीतिक नेटवर्क को देखते हुए जानबूझकर दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने का फैसला किया, भले ही उनका वोट पुराने वार्ड में ही दर्ज रह गया हो।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जयपुर में कितने प्रत्याशी ऐसे हैं जो खुद को वोट नहीं दे पाएंगे?\nजयपुर में ऐसे 52 प्रत्याशी हैं जो चुनाव तो लड़ रहे हैं, लेकिन अपने ही नाम के आगे वोट नहीं डाल पाएंगे।\n\n2. ये प्रत्याशी खुद को वोट क्यों नहीं दे पाएंगे?\nक्योंकि इन्होंने वार्ड बदलकर दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि इनका वोट अब भी पुराने वार्ड की सूची में दर्ज है।\n\n3. जयपुर में वार्डों की संख्या क्यों बदली?\nनए परिसीमन के बाद जयपुर नगर निगम के दोनों क्षेत्रों में वार्डों की संख्या 250 से घटकर 150 रह गई।\n\n4. वार्ड 137 और वार्ड 130 में क्या मामला है?\nवार्ड 137 से भाजपा प्रत्याशी मोहम्मद रईस का वोट वार्ड 136 में है, जबकि वार्ड 130 से भाजपा प्रत्याशी सूरज शर्मा वार्ड 132 के और निर्दलीय राकेश मीणा वार्ड 131 के मतदाता हैं।\n\n5. जयपुर में मतदान कब होगा?\nजयपुर निकाय चुनाव के लिए मतदान 9 और 11 सितंबर को होगा।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-ke-52-pratyashi-chunava-to-larenge-para-apane-paksha-men-vota-nahin-dala-sakenge-29439",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-08",
  "tags": [
    "जयपुर निकाय चुनाव",
    "राजस्थान निकाय चुनाव 2026",
    "वार्ड परिसीमन",
    "मतदान 9 सितंबर",
    "जयपुर नगर निगम",
    "प्रत्याशी वोटर लिस्ट"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}