जयपुर के बस्सी में मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा टीम का छापा, 125 किलो संदिग्ध मिल्क केक नष्ट जयपुर ग्रामीण के बस्सी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत कई मिठाई दुकानों पर छापे मारे। शर्मा मिष्ठान भंडार से ₹180 प्रति किलो में खरीदकर ₹360 में बेचा जा रहा 125 किलो मिलावटी मिल्क केक मौके पर नष्ट किया गया। आगामी त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के जयपुर ग्रामीण स्थित बस्सी क्षेत्र में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। क्षेत्र में 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने बस्सी के मुख्य बाजार में अचानक सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न मिष्ठान भंडारों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और घटिया सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले विक्रेताओं पर लगाम लगाई जा सके। तुंगा रोड पर शर्मा मिष्ठान भंडार में भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब बस्सी के तुंगा रोड पर स्थित शर्मा मिष्ठान भंडार की जांच करने पहुंची, तो वहां भारी मात्रा में संदिग्ध मिल्क केक बरामद किया गया। जयपुर द्वितीय के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष मित्तल ने जानकारी दी कि शर्मा मिष्ठान भंडार के संचालक द्वारा यह मिल्क केक अलवर से अत्यंत कम कीमत पर मंगवाया गया था। इसे महज ₹180 प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा था और फिर काउंटर पर आम ग्राहकों को ₹360 प्रति किलोग्राम की दोगुनी कीमत पर बेचा जा रहा था। सामग्री की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर टीम ने तत्काल नमूना एकत्र किया और दुकान में रखे तीन बड़े कार्टन को जब्त किया। इन कार्टन में कुल 60 पैकेट रखे हुए थे, जिनमें लगभग 125 किलोग्राम मिलावटी व दूषित मिल्क केक मौजूद था। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टीम ने इस पूरे 125 किलोग्राम मिल्क केक को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट करवा दिया, जिससे यह दूषित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सामग्री बाजार में ग्राहकों तक न पहुंच सके। बाजार की अन्य दुकानों पर सैंपलिंग और प्रयोगशाला जांच खाद्य सुरक्षा टीम ने बस्सी मुख्य बाजार की अन्य प्रमुख मिठाई दुकानों पर भी गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान श्री अम्बे जोधपुर मिष्ठान भंडार से मिल्क केक का सैंपल संग्रहित किया गया। इसके बाद टीम ने लाल जी जोधपुर मिष्ठान भंडार का रुख किया, जहां स्वच्छता और स्टॉक का जायजा लेने के बाद मिल्क केक, मावा बर्फी और गुलाब जामुन के नमूने एकत्रित किए गए। एकत्र किए गए इन सभी खाद्य नमूनों को आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत यदि नमूनों में किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। मिठाई विक्रेताओं को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश इस पूरी कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा दल में शामिल अधिकारी सुशील चोटवानी, राजेश नागर और रिमिका माथुर मौजूद रहे। टीम ने बाजार के सभी मिठाई व्यवसायियों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिठाइयों में किसी भी प्रकार के सिंथेटिक या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फूड कलर का न्यूनतम या शून्य उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा दुकान परिसरों में पूर्ण साफ-सफाई बनाए रखने, सभी खाद्य पदार्थों को मक्खियों और धूल से बचाने के लिए सही तरीके से ढककर रखने तथा मिठाइयों के निर्माण में केवल उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित मावे का ही उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि त्योहारों तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा। इसका आप पर असर त्योहारों के सीजन में मिलावटी मिठाइयों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई से ग्राहकों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिलने की उम्मीद बढ़ी है। • जयपुर और राजस्थान में: बस्सी तथा जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के मिठाई खरीदारों को दूषित व मिलावटी मिठाइयों के सेवन से होने वाली बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी। स्थानीय लोग त्योहारों के दौरान केवल लाइसेंस प्राप्त और प्रमाणित दुकानों से ही मिठाइयां खरीदने के प्रति सतर्क रहेंगे। • भारत भर में: देश भर के उपभोक्ताओं को त्योहारी सीजन में ब्रांडेड और विश्वसनीय विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्रियां खरीदने की सलाह दी जाती है। बाजार से मावा बर्फी या मिल्क केक खरीदते समय गुणवत्ता की जांच करना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। • स्थानीय दुकानदारों के लिए: बस्सी बाजार के सभी मिठाई विक्रेताओं को अब स्वच्छता मानकों और खाद्य गुणवत्ता का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द होने का जोखिम रहेगा। • स्वास्थ्य सुरक्षा: कम कीमत वाले संदिग्ध मावे या मिल्क केक से बचना खाद्य विषाक्तता से बचाव करेगा। इससे लोगों में त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। सवाल-जवाब 1. बस्सी में खाद्य सुरक्षा टीम ने किस दुकान पर 125 किलो मिल्क केक नष्ट करवाया? तुंगा रोड स्थित शर्मा मिष्ठान भंडार पर 125 किलो संदिग्ध और मिलावटी मिल्क केक मौके पर नष्ट करवाया गया। 2. मिल्क केक को कितनी कीमत पर खरीदकर बेचा जा रहा था? शर्मा मिष्ठान भंडार द्वारा अलवर से ₹180 प्रति किलो में मिल्क केक मंगवाकर ग्राहकों को ₹360 प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा था। 3. किन अन्य मिठाई दुकानों से सैंपल लिए गए? टीम ने श्री अम्बे जोधपुर मिष्ठान भंडार से मिल्क केक तथा लाल जी जोधपुर मिष्ठान भंडार से मिल्क केक, मावा बर्फी और गुलाब जामुन के सैंपल लिए। 4. खाद्य सुरक्षा टीम में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे? इस कार्रवाई टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील चोटवानी, राजेश नागर और रिमिका माथुर शामिल थे। 5. लैब रिपोर्ट आने के बाद क्या कार्रवाई की जाएगी? राज्य खाद्य प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-ke-bassi-men-milavatakhoron-para-khadya-suraksha-tima-ka-chhapa-125-kilo-sndigdha-milka-keka-nashta-23462 TrendKia — Har trend, sabse pehle.