# जयपुर के जवाहर कला केंद्र में स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर शुरू, मिल रही हैं देश भर की खास साड़ियां

> जयपुर के जवाहर कला केंद्र में स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर का आयोजन किया जा रहा है, जहां नवरात्रि और दिवाली के त्योहारों को देखते हुए देश भर के बुनकरों और कारीगरों की साड़ियां, सूट और हस्तशिल्प उत्पाद किफायती दामों पर उपलब्ध हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-ke-jawahar-kala-kendra-men-swadeshi-art-and-craft-fair-shuru-mila-rahi-hain-desha-bhara-ki-khasa-sariyan-47257 · **Language:** Hindi
**Tags:** जवाहर कला केंद्र, स्वदेशी फेयर जयपुर, राजस्थानी साड़ियां, दिवाली शॉपिंग, हस्तशिल्प मेला, नवरात्रि बाजार

जयपुर शहर में नवरात्रि और दिवाली के आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए खरीदारी का माहौल काफी गर्म हो गया है। शहर के तमाम हिस्सों में अलग-अलग प्रदर्शनियों और मेलों का सिलसिला शुरू हो चुका है, जहां लोग बड़े उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं। इस त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा मांग नए कपड़ों और पारंपरिक परिधानों की देखी जा रही है। इसी कड़ी में जयपुर के प्रसिद्ध जवाहर कला केंद्र में आयोजित स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर महिलाओं के बीच भारी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां बड़ी संख्या में खरीदार पहुंच रहे हैं।

## देशभर के बुनकरों की कला एक ही छत के नीचे
इस मेले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए कुशल बुनकर और दस्तकार अपने हाथों से बुने हुए और तैयार किए गए बेहतरीन परिधान लेकर पहुंचे हैं। यहां आने वाले ग्राहकों को एक ही छत के नीचे कई राज्यों की पारंपरिक साड़ियां, सूट और अन्य वस्त्र खरीदने का सुनहरा मौका मिल रहा है। मेले के भीतर कपड़ों की 20 से अधिक विशेष स्टॉल सजाई गई हैं, जहां महिलाएं अपनी पसंद और जेब के हिसाब से खरीदारी करने में जुटी हुई हैं।

## कर्नाटक से लेकर बनारस तक की साड़ियों का विशाल संग्रह
स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर में देश के कोने-कोने से बेहतरीन वैरायटी लाई गई है। यहां कर्नाटक की शानदार सिल्क कॉटन साड़ियां, मशहूर बनारसी सूट और साड़ियां, लोकप्रिय जयपुरी ब्लॉक प्रिंट साड़ियां, पारंपरिक कलमकारी और कांथा वर्क वाली साड़ियां उपलब्ध हैं। इसके अलावा दक्षिण की शान कांजीवरम साड़ियां, ठंड के लिहाज से कश्मीरी शॉल और कलकत्ता की खूबसूरत बुटीक साड़ियां भी यहां बिक रही हैं। इन सबके साथ राजस्थान के तमाम इलाकों के स्थानीय पारंपरिक परिधान भी ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। इस मेले में कई राज्यों के बुनकर खुद अपनी कलाकृतियां बेच रहे हैं। दुकानदारों और आयोजकों के मुताबिक, इन कपड़ों पर जीएसटी नहीं लगने के कारण ग्राहकों को बाजार से काफी कम कीमत पर बेहतरीन सामान मिल रहा है।

## परिधानों के साथ आभूषण और गृह सज्जा का सामान
इस मेले में केवल कपड़ों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि महिलाओं के श्रृंगार और साज-सज्जा से जुड़ी कई आकर्षक स्टॉल भी लगाई गई हैं। इसके अलावा दीपावली के पर्व पर घरों को सजाने के लिए काम आने वाले विभिन्न सजावटी सामान भी यहां आसानी से मिल रहे हैं। त्योहारों के मद्देनजर कपड़े, गहने और होम डेकोरेशन का सामान एक ही जगह पर मिल जाने के कारण यह मेला लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक कला से जोड़ना है।

## अक्टूबर तक खुला है मेला और प्रवेश पूरी तरह मुफ्त
जवाहर कला केंद्र में चल रहा यह स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर अक्टूबर महीने तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। मेले में खरीदारी का समय सुबह 11 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। दिन के समय की तुलना में शाम और रात के वक्त यहां खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी अच्छी खासी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले में आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग समेत अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि इस मेले में प्रवेश के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, यानी एंट्री बिल्कुल फ्री है। ऐसे में जो लोग त्योहारों के लिए पारंपरिक साड़ियां, सूट, ज्वैलरी या सजावट का सामान खरीदने की सोच रहे हैं, वे इस जगह का रुख कर सकते हैं।

## इसका आप पर असर
त्योहारों के सीजन में यह मेला स्थानीय खरीदारों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।

- **जयपुर में:** स्थानीय निवासियों को कर्नाटक, बनारस और कांजीवरम जैसी देश भर की प्रसिद्ध साड़ियां और हस्तशिल्प उत्पाद बिना शहर से बाहर जाए एक ही जगह पर मिल रहे हैं।
- **बचत और बजट:** कपड़ों पर जीएसटी नहीं लगने और प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क होने के कारण खरीदार कम कीमत में अपनी पसंद की पारंपरिक चीजें और सजावट का सामान खरीद पा रहे हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहारों के मौसम में कपड़े और सजावट के सामान की अचानक बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिए ऐसे मेलों का आयोजन किया जाता है।

- **त्योहारी मांग:** नवरात्रि और दिवाली के दौरान पहनावे और घर की सजावट की परंपरा के कारण हस्तशिल्प मेलों की प्रासंगिकता बढ़ जाती है।
- **शिल्पकारों को मंच:** देश भर के बुनकरों और दस्तकारों को अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का एक बड़ा व्यावसायिक अवसर मिलता है।

## सवाल-जवाब

### 1. स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
यह मेला जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित किया जा रहा है।

### 2. इस मेले में प्रवेश के लिए कितना शुल्क है?
मेले में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है।

### 3. मेले में किस समय तक खरीदारी की जा सकती है?
मेले का समय सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक रखा गया है और यह अक्टूबर महीने तक चलेगा।

### 4. मेले में मुख्य रूप से क्या-क्या सामान मिल रहा है?
यहाँ देश भर की खास साड़ियां, सूट, कश्मीरी शॉल, ज्वैलरी और घर की सजावट का सामान मिल रहा है।

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