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  "title": "जयपुर के कालख सागर बांध में पानी तो आया, लेकिन सीवरेज के दूषित और बदबूदार पानी ने बढ़ाई किसानों की चिंता",
  "summary": "जयपुर के कालख सागर बांध में पानी भरने से किसानों में सिंचाई की उम्मीद जगी है, लेकिन एसटीपी और बारिश का दूषित पानी आने से आसपास के गांवों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।",
  "content": "जयपुर के कालख सागर बांध में दो साल पहले पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीण तरस रहे थे, लेकिन अब स्थिति यह है कि इस बांध में करीब 10 फीट पानी जमा हो चुका है। बारिश के पानी के साथ-साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी से आ रहे पानी की वजह से बांध का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि किसानों के लिए यह जलभराव राहत की उम्मीद लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही करीब 20 गांवों के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बांध में जमा पानी का रंग हरा हो चुका है और उससे लगातार तेज दुर्गंध उठ रही है, जो स्थानीय आबादी के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है।\n\nक्षमता और जलभराव का दायरा\nकालख सागर बांध की कुल भराव क्षमता लगभग 26 फीट है, और फिलहाल इसमें करीब 10 फीट पानी मौजूद है। यह पानी लगभग दो किलोमीटर की लंबाई और 100 से 500 मीटर की चौड़ाई में फैल चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति केवल बारिश की वजह से नहीं है, बल्कि इसमें एसटीपी का गंदा पानी भी लगातार मिल रहा है। पानी के दूषित होने के कारण इसका रंग पूरी तरह हरा नजर आने लगा है और इससे उठने वाली बदबू के कारण आसपास रहना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, बांध के नजदीक मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है।\n\nरास्तों पर असर और आवागमन में बाधा\nबांध में पानी बढ़ने का असर केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीणों के दैनिक जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। कालख को खेजड़ावास से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले करीब दो महीने से जलभराव के कारण पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। रास्ते बंद होने की वजह से आसपास के कई गांवों के निवासियों को रोजाना आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का यह भी मानना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही, तो अन्य रास्ते और नजदीकी बस्तियां भी इसकी चपेट में आ सकती हैं।\n\nभूजल और जोबनेर जलापूर्ति पर मंडराता खतरा\nग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि यदि यह दूषित पानी लंबे समय तक बांध में रुका रहा, तो यह रिसकर आसपास के भूजल को भी प्रदूषित कर देगा। जोबनेर नगरपालिका क्षेत्र में होने वाली पानी की सप्लाई की गुणवत्ता को लेकर भी अब सवाल खड़े होने लगे हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने मांग रखी है कि बांध के पानी के साथ-साथ क्षेत्र के भूजल के नमूने भी लिए जाएं और उनकी उच्चस्तरीय प्रयोगशालाओं में जांच कराई जाए ताकि स्थिति का सही आकलन हो सके।\n\nसूखे से लेकर उम्मीद और नई चिंताओं तक का सफर\nकालख सागर का मौजूदा नजारा दो साल पहले की उस तस्वीर से बिल्कुल अलग है जब यह पूरी तरह सूखा हुआ था और पूरे इलाके में भयंकर जल संकट ने विकराल रूप ले लिया था। अब बांध में पानी पहुंचने से किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई और गिरते भूजल स्तर के सुधरने की आस बंधी है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि बांध में पानी का होना इस क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन सीवरेज का गंदा पानी इस पूरी राहत को संकट में बदल रहा है। यही वजह है कि ग्रामीण प्रशासन से लगातार यह मांग कर रहे हैं कि बांध में केवल साफ पानी का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और एसटीपी के दूषित पानी की आवक पर तुरंत और स्थायी रोक लगाई जाए।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: जल स्रोतों में सीवरेज का पानी मिलने और उससे फैलने वाली बीमारियों का यह मामला देश के कई अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों की एक आम पर्यावरणीय समस्या को उजागर करता है।\n\nजयपुर में: कालख सागर बांध के आसपास के करीब 20 गांवों के निवासियों और किसानों को दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरों और भूजल प्रदूषण का सीधा सामना करना पड़ रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कालख सागर बांध में कितना पानी भर चुका है?\nकालख सागर बांध की कुल क्षमता 26 फीट है, और वर्तमान में इसमें लगभग 10 फीट पानी भर चुका है।\n\n2. बांध का पानी दूषित क्यों हो रहा है?\nबारिश के पानी के साथ-साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से आ रहे गंदे पानी के मिलने के कारण बांध का पानी दूषित और हरा हो गया है।\n\n3. इस जलभराव से कितने गांवों के लोग प्रभावित हैं?\nबांध में दूषित पानी भरने और दुर्गंध उठने से आसपास के करीब 20 गांवों के ग्रामीण चिंतित और प्रभावित हैं।\n\n4. ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मुख्य मांग की है?\nग्रामीणों ने मांग की है कि बांध और भूजल के नमूनों की उच्चस्तरीय प्रयोगशाला में जांच कराई जाए और एसटीपी के गंदे पानी की आवक पर रोक लगाई जाए।\n\n5. कौनसा मुख्य मार्ग जलभराव के कारण बंद है?\nकालख को खेजड़ावास से जोड़ने वाला मार्ग जलभराव के कारण पिछले लगभग दो महीने से पूरी तरह बंद है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-25",
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    "कालख सागर बांध",
    "जयपुर न्यूज",
    "भूजल प्रदूषण",
    "जोबनेर",
    "सिंचाई संकट"
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  "site": "TrendKia"
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