# जयपुर के कालख सागर बांध में पानी तो आया, लेकिन सीवरेज के दूषित और बदबूदार पानी ने बढ़ाई किसानों की चिंता

> जयपुर के कालख सागर बांध में पानी भरने से किसानों में सिंचाई की उम्मीद जगी है, लेकिन एसटीपी और बारिश का दूषित पानी आने से आसपास के गांवों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-ke-khalkh-sagar-dam-mein-pani-to-aaya-lekin-sewage-ke-dushit-aur-badbudar-pani-ne-badhai-kisanon-ki-chinta-21969 · **Language:** Hindi
**Tags:** कालख सागर बांध, जयपुर न्यूज, भूजल प्रदूषण, जोबनेर, सिंचाई संकट

जयपुर के कालख सागर बांध में दो साल पहले पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीण तरस रहे थे, लेकिन अब स्थिति यह है कि इस बांध में करीब 10 फीट पानी जमा हो चुका है। बारिश के पानी के साथ-साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी से आ रहे पानी की वजह से बांध का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि किसानों के लिए यह जलभराव राहत की उम्मीद लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही करीब 20 गांवों के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बांध में जमा पानी का रंग हरा हो चुका है और उससे लगातार तेज दुर्गंध उठ रही है, जो स्थानीय आबादी के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है।

## क्षमता और जलभराव का दायरा
कालख सागर बांध की कुल भराव क्षमता लगभग 26 फीट है, और फिलहाल इसमें करीब 10 फीट पानी मौजूद है। यह पानी लगभग दो किलोमीटर की लंबाई और 100 से 500 मीटर की चौड़ाई में फैल चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति केवल बारिश की वजह से नहीं है, बल्कि इसमें एसटीपी का गंदा पानी भी लगातार मिल रहा है। पानी के दूषित होने के कारण इसका रंग पूरी तरह हरा नजर आने लगा है और इससे उठने वाली बदबू के कारण आसपास रहना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, बांध के नजदीक मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है।

## रास्तों पर असर और आवागमन में बाधा
बांध में पानी बढ़ने का असर केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीणों के दैनिक जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। कालख को खेजड़ावास से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले करीब दो महीने से जलभराव के कारण पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। रास्ते बंद होने की वजह से आसपास के कई गांवों के निवासियों को रोजाना आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का यह भी मानना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही, तो अन्य रास्ते और नजदीकी बस्तियां भी इसकी चपेट में आ सकती हैं।

## भूजल और जोबनेर जलापूर्ति पर मंडराता खतरा
ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि यदि यह दूषित पानी लंबे समय तक बांध में रुका रहा, तो यह रिसकर आसपास के भूजल को भी प्रदूषित कर देगा। जोबनेर नगरपालिका क्षेत्र में होने वाली पानी की सप्लाई की गुणवत्ता को लेकर भी अब सवाल खड़े होने लगे हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने मांग रखी है कि बांध के पानी के साथ-साथ क्षेत्र के भूजल के नमूने भी लिए जाएं और उनकी उच्चस्तरीय प्रयोगशालाओं में जांच कराई जाए ताकि स्थिति का सही आकलन हो सके।

## सूखे से लेकर उम्मीद और नई चिंताओं तक का सफर
कालख सागर का मौजूदा नजारा दो साल पहले की उस तस्वीर से बिल्कुल अलग है जब यह पूरी तरह सूखा हुआ था और पूरे इलाके में भयंकर जल संकट ने विकराल रूप ले लिया था। अब बांध में पानी पहुंचने से किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई और गिरते भूजल स्तर के सुधरने की आस बंधी है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि बांध में पानी का होना इस क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन सीवरेज का गंदा पानी इस पूरी राहत को संकट में बदल रहा है। यही वजह है कि ग्रामीण प्रशासन से लगातार यह मांग कर रहे हैं कि बांध में केवल साफ पानी का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और एसटीपी के दूषित पानी की आवक पर तुरंत और स्थायी रोक लगाई जाए।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** जल स्रोतों में सीवरेज का पानी मिलने और उससे फैलने वाली बीमारियों का यह मामला देश के कई अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों की एक आम पर्यावरणीय समस्या को उजागर करता है।

**जयपुर में:** कालख सागर बांध के आसपास के करीब 20 गांवों के निवासियों और किसानों को दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरों और भूजल प्रदूषण का सीधा सामना करना पड़ रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. कालख सागर बांध में कितना पानी भर चुका है?
कालख सागर बांध की कुल क्षमता 26 फीट है, और वर्तमान में इसमें लगभग 10 फीट पानी भर चुका है।

### 2. बांध का पानी दूषित क्यों हो रहा है?
बारिश के पानी के साथ-साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से आ रहे गंदे पानी के मिलने के कारण बांध का पानी दूषित और हरा हो गया है।

### 3. इस जलभराव से कितने गांवों के लोग प्रभावित हैं?
बांध में दूषित पानी भरने और दुर्गंध उठने से आसपास के करीब 20 गांवों के ग्रामीण चिंतित और प्रभावित हैं।

### 4. ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मुख्य मांग की है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि बांध और भूजल के नमूनों की उच्चस्तरीय प्रयोगशाला में जांच कराई जाए और एसटीपी के गंदे पानी की आवक पर रोक लगाई जाए।

### 5. कौनसा मुख्य मार्ग जलभराव के कारण बंद है?
कालख को खेजड़ावास से जोड़ने वाला मार्ग जलभराव के कारण पिछले लगभग दो महीने से पूरी तरह बंद है।

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