जयपुर में बुजुर्ग शिक्षक की दर्दनाक मौत ने अपनों की बेरुखी पर उठाए गंभीर सवाल जयपुर के एक फ्लैट में 90 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल का शव तीन दिन तक पड़ा रहा। इस दुखद घटना ने पारिवारिक विवादों और अकेलेपन जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं को उजागर किया है। जयपुर में सामने आई एक बेहद दुखद घटना ने पारिवारिक रिश्तों और महानगरीय अकेलेपन की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है। जीवन भर अनगिनत छात्रों का मार्गदर्शन करने वाले एक 90 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल का अंत बहुत ही दर्दनाक परिस्थितियों में हुआ। हरिश्चंद्र नाम के यह बुजुर्ग त्रिवेणी नगर इलाके में स्थित बालाजी रेजिडेंसी के फ्लैट नंबर 201 में बिल्कुल अकेले अपना जीवन बिता रहे थे। उनकी मृत्यु हो गई और लगभग तीन दिन तक बाहरी दुनिया को इसकी भनक भी नहीं लगी। जब उनके बंद फ्लैट से तेज दुर्गंध बाहर आने लगी, तब जाकर पड़ोसियों और पुलिस को इस अनहोनी का पता चला। अंदर का दृश्य इतना भयानक था कि पूरी इमारत के लोग सहम गए। दुर्गंध से हुआ शक और पुलिस की कार्रवाई इस पूरी घटना का घटनाक्रम बुजुर्ग व्यक्ति के गहरे अकेलेपन को दर्शाता है। सोसायटी में रहने वाले लोगों ने पिछले कुछ दिनों से हरिश्चंद्र को अपने फ्लैट से बाहर आते या जाते हुए नहीं देखा था। शुरुआत में किसी भी पड़ोसी ने उनके इस तरह गायब रहने पर विशेष ध्यान नहीं दिया। लेकिन जैसे ही फ्लैट के अंदर से एक अजीब और तेज बदबू आनी शुरू हुई, लोगों की चिंता बढ़ गई। इसी इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहने वाली सोशल प्रोटेक्शन एंड वेलफेयर काउंसिल की स्टेट प्रेसिडेंट हीरल राठौड़ को किसी अनिष्ट की आशंका हुई। उन्होंने बिना समय बर्बाद किए शिप्रा पथ पुलिस थाने में संपर्क किया और स्थिति की पूरी जानकारी दी। दरवाजा तोड़ने पर दिखा दिल दहलाने वाला मंजर सूचना मिलने के तुरंत बाद जब पुलिस की टीम बालाजी रेजिडेंसी पहुंची, तो उन्होंने पाया कि फ्लैट अंदर से पूरी तरह लॉक था। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक बाहर से आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई हलचल या जवाब नहीं मिला। अंततः पुलिस को दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। फ्लैट के अंदर जाते ही उन्हें बाथरूम के पास हरिश्चंद्र का शव जमीन पर पड़ा हुआ मिला। पुलिस के शुरुआती आकलन के अनुसार बुजुर्ग की मौत लगभग तीन दिन पहले ही हो चुकी थी और इसी वजह से शव काफी खराब स्थिति में पहुंच गया था। जांच दल को मृत शरीर के सिर पर चोट के स्पष्ट निशान भी मिले हैं। फिलहाल यह अंदेशा जताया जा रहा है कि वह अचानक गिर गए होंगे। पुलिस का कहना है कि मौत की एकदम सटीक वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। संपत्ति विवाद और परिवार की दूरियां पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर हरिश्चंद्र के परिवार से जुड़ी कई निराशाजनक बातें सामने आईं। पुलिस ने तुरंत उनके बच्चों को इस दुखद घटना की सूचना दी। तहकीकात में यह पता चला कि मृतक का एक बेटा समीर जयपुर में ही निवास करता है, जबकि उनकी दो बेटियां दिल्ली और बेंगलुरु में अपने परिवारों के साथ रहती हैं। बेटा एक ही शहर में होने के बावजूद अपने वृद्ध पिता से अलग रह रहा था। शुरुआती जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि परिवार के बीच एक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह के कारण पिता और बच्चों के बीच शारीरिक और भावनात्मक दूरियां काफी बढ़ गई थीं। बेटे समीर ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि कुछ निजी कारणों के चलते उसकी अपने पिता से कई दिनों से कोई मुलाकात नहीं हुई थी। खबर मिलने के बाद मंगलवार को परिवार के सभी सदस्य जयपुर पहुंचे और हरिश्चंद्र का अंतिम संस्कार किया गया। सोसायटी में पसरा सन्नाटा और पड़ोसियों का दर्द इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरी आवासीय सोसायटी में उदासी और सन्नाटा पसर गया है। पड़ोसी गहरे सदमे में हैं और आपस में यही चर्चा कर रहे हैं कि अगर वक्त रहते किसी ने बुजुर्ग का हालचाल जान लिया होता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। शव के कई दिनों तक पड़े रहने के कारण उठने वाली दुर्गंध इतनी ज्यादा थी कि फ्लैट के आसपास रहने वाले कुछ परिवारों को कुछ समय के लिए अपने घर खाली करने पड़े। शिप्रा पथ थाने के जांच अधिकारी गुमान सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि परिवार को मौके पर बुलाकर सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि मौत के असली कारणों और परिस्थितियों से पर्दा उठ सके। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटना देश भर में अकेले रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सख्त जरूरत को रेखांकित करती है। • जयपुर में: स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटियों को अपने आसपास अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के नियमित संपर्क में रहने की व्यवस्था करनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. जयपुर के इस फ्लैट में मृत पाए गए व्यक्ति कौन थे? वह 90 वर्षीय हरिश्चंद्र थे, जो पेशे से एक रिटायर्ड प्रिंसिपल थे। 2. पुलिस को शव के बारे में कैसे पता चला? फ्लैट से तेज बदबू आने पर पांचवीं मंजिल की एक पड़ोसी हीरल राठौड़ ने पुलिस को सूचना दी। 3. बुजुर्ग हरिश्चंद्र के परिवार में कौन-कौन हैं? उनका एक बेटा जयपुर में और दो बेटियां दिल्ली तथा बेंगलुरु में रहती हैं। 4. शुरुआती जांच में मौत का क्या कारण माना जा रहा है? पुलिस को उनके सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे उनके गिरकर घायल होने की आशंका जताई जा रही है। 5. परिवार बुजुर्ग से अलग क्यों रह रहा था? पुलिस जांच के अनुसार, संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के कारण परिवार में दूरियां आ गई थीं। https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-men-bujurga-shikshaka-ki-dardanaka-mauta-ne-apanon-ki-berukhi-para-uthae-gnbhira-savala-10074 TrendKia — Har trend, sabse pehle.