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  "title": "जयपुर में पानी भरे गड्ढे में डूबे दो मासूम भाई-बहन, पानी की सतह पर तैरती चप्पलों से पिता को लगा पता",
  "summary": "जयपुर के जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान की नींव के गड्ढे में भरे पानी में गिरने से 11 वर्षीय बच्ची और उसके 7 साल के भाई की मौत हो गई।",
  "content": "राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। जयसिंहपुरा खोर थाना इलाके के सड़वा मोड़ स्थित दरियावाली गली में घर के पास खेलने निकले दो मासूम भाई-बहन निर्माणाधीन मकान की नींव के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। इस दर्दनाक हादसे में 11 वर्षीय बच्ची और उसके 7 साल के छोटे भाई की डूबने से जान चली गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।\n\nखेल-खेल में हादसे का शिकार हुए दोनों मासूम\nप्राप्त जानकारी के अनुसार 11 वर्षीय आलिया और उसका छोटा भाई मोहम्मद अयान (7 वर्ष) गुरुवार को अपने घर से बाहर खेलने के लिए निकले थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे अपने घर के पास ही स्थित एक निर्माणाधीन मकान के भूखंड पर चले गए। पुलिस प्रशासन के मुताबिक उक्त भूखंड पर बुधवार को ही जेसीबी मशीन की मदद से नींव निर्माण के लिए कई गहरे गड्ढे खोदे गए थे। इलाके में हुई मूसलाधार बारिश के कारण इन खोदे गए गड्ड़ों में भारी मात्रा में पानी भर गया था। खेलते समय दोनों मासूमों का पैर फिसल गया या वे अनजाने में पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर पड़े। कुछ देर बाद वहाँ से गुजर रहे एक राहगीर की नज़र पानी में पड़े बच्चों पर पड़ी तो उसने तुरंत शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई।\n\nकाम पर जाते समय पिता ने देखीं पानी में तैरती चप्पलें\nदोपहर के लगभग 2 बजे बच्चों के पिता लियाकत हुसैन अपने दैनिक काम पर जाने के लिए घर से निकले थे। जब वे रास्ते से गुजर रहे थे, तो उन्होंने निर्माणाधीन मकान के पास लोगों की भारी भीड़ जमा देखी। उत्सुकतावश जब वे भीड़ के बीच पहुँचे और पानी से भरे गड्ढे की तरफ देखा तो उन्हें पानी की सतह पर अपने बच्चों की चप्पलें तैरती हुई दिखाई दीं। यह देखते ही पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बिना एक पल का विलंब किए पड़ोसियों की सहायता से दोनों बच्चों को पानी के गहरे गड्ढे से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही रोते-बिलखते परिजन भी भागते हुए घटनास्थल पर पहुँच गए।\n\nअस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया\nपानी से बाहर निकालने के बाद परिजनों और पड़ोसियों ने दोनों बच्चों की सांसें वापस लाने का भरपूर प्रयास किया। मौके पर ही बच्चों को सीपीआर (CPR) देकर होश में लाने की कोशिश की गई और तुरंत उन्हें नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया। हालाँकि अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने दोनों मासूम भाई-बहन का परीक्षण करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए SMS अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम संपन्न होने के बाद दोनों बच्चों के पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिए गए।\n\nसुरक्षा लापरवाही के आरोपों के बीच परिवार में मातम\nपीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का रहने वाला है। पिता लियाकत हुसैन जयपुर में रहकर मजदूरी का काम करते हैं और अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। रक्षाबंधन से ठीक पहले घर के दो मासूम बच्चों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने मकान मालिक और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नींव के लिए खोदे गए गड्ढों में बार-बार बारिश का पानी एकत्र हो रहा था, लेकिन इसके बावजूद वहाँ सुरक्षा का कोई घेरा नहीं लगाया गया और न ही पानी निकालने के कोई ठोस इंतजाम किए गए। फिलहाल जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस पूरे मामले की विस्तृत कानूनी जाँच कर रही है।\n\nइसका आप पर असर\nयह दुखद दुर्घटना बारिश के मौसम में निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों और खुले गड्ढों के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाती है।\n\n• भारत भर में: मानसून के दौरान निर्माण स्थलों पर बच्चों की आवाजाही रोकने और गहरे गड्ढों को ढकने के सख्त सुरक्षा नियम लागू किए जाने चाहिए। भवन निर्माण में संलग्न ठेकेदारों और मकान मालिकों को अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग करनी होगी।\n• जयपुर और राजस्थान में: जयपुर नगर निगम और स्थानीय पुलिस को रिहायशी क्षेत्रों में बिना सुरक्षा प्रबंधों के चल रहे निर्माण कार्यों की जांच करनी होगी। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करके ही ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।\n• नागरिक सुरक्षा उपाय: यदि आपके पड़ोस या रास्ते में कोई पानी से भरा खुला गड्ढा दिखे, तो बच्चों को वहाँ जाने से रोकें और तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।\n• आपातकालीन प्राथमिक उपचार: जलभराव वाले गड्ढों में डूबने पर समय रहते सीपीआर (CPR) देना और बिना देर किए निकटतम चिकित्सा केंद्र पहुँचाना अमूल्य जानें बचा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जयपुर में यह दर्दनाक हादसा किस जगह पर हुआ?\nयह हादसा जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाना इलाके के सड़वा मोड़ स्थित दरियावाली गली में एक निर्माणाधीन मकान पर हुआ।\n\n2. डूबने से किन मासूम बच्चों की मौत हुई?\nइस हादसे में 11 वर्षीय बच्ची आलिया और उसके 7 वर्षीय छोटे भाई मोहम्मद अयान की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।\n\n3. बच्चों के पिता को दुर्घटना का पता कैसे चला?\nदोपहर 2 बजे काम पर जाते समय पिता लियाकत हुसैन ने भीड़ देखी और गड्ढे के पानी में बच्चों की तैरती चप्पलें देखकर उन्हें बाहर निकाला।\n\n4. इस मामले में पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?\nपुलिस ने SMS अस्पताल में दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और सुरक्षा लापरवाही के आरोपों की जांच कर रही है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-28",
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