# जयपुर में तेल डलवाकर भागने वाले दो युवक धरे गए, शहर के 20 से अधिक फ्यूल स्टेशनों पर की थी धोखाधड़ी

> जयपुर में वाहनों में ईंधन भरवाकर बिना पैसे दिए रफूचक्कर होने वाले दो युवकों को पुलिस ने पकड़ा है। दोनों मौज-मस्ती के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदातों को अंजाम देते थे।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-men-tela-dalavakara-bhagane-vale-do-yuvaka-dhare-gae-shahara-ke-20-se-adhika-phyula-steshanon-para-ki-thi-dhokhadhari-55098 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर क्राइम, पेट्रोल पंप धोखाधड़ी, बिंदायका थाना, राजस्थान पुलिस, फर्जी नंबर प्लेट, अंकित वर्मा, विशाल मेहरा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल पंप कर्मियों को चकमा देकर बिना भुगतान किए भागने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बिंदायका थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने एक संयुक्त अभियान के तहत दो युवकों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित वर्मा और विशाल मेहरा के रूप में हुई है। प्राथमिक पड़ताल के मुताबिक, इन दोनों ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में स्थित 20 से भी ज्यादा पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने के बाद बिना पैसे चुकाए गाड़ी भगाने की वारदातों को अंजाम दिया था। अब पुलिस दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर अन्य मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

## फर्जी नंबर प्लेट लगाकर पुलिस को देते थे चकमा
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। वे किसी भी फ्यूल स्टेशन पर पहुंचते, अपनी गाड़ी की टंकी में ईंधन भरवाते और जैसे ही कर्मचारी पैसे मांगने आता, वे अचानक गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर मौके से रफूचक्कर हो जाते थे। शहर के मामा पेट्रोल पंप और ढाका फिलिंग स्टेशन सहित दर्जनों प्रतिष्ठानों पर ऐसी धोखाधड़ी की गई थी। इस तरह की हरकतों की वजह से पेट्रोल पंप संचालकों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि कई बार यह घाटा कर्मचारियों की जेब पर पड़ता था।

पुलिस तफ्तीश में यह सनसनीखेज तथ्य भी सामने आया कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए अपने वाहनों पर चोरी की नंबर प्लेट लगा लेते थे। फर्जी और चोरी की नंबर प्लेटों की वजह से सीसीटीवी कैमरों में फुटेज आने के बावजूद उनकी वास्तविक पहचान कर पाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। हालांकि, साइबर सेल, तकनीकी साक्ष्यों और धरातलीय सूचनाओं के सटीक विश्लेषण के बाद पुलिस आखिरकार आरोपियों के ठिकाने तक पहुंचने में कामयाब रही।

## शहर के कई इलाकों में फैला रखा था नेटवर्क
इन दोनों युवकों ने शहर के किसी एक कोने तक खुद को सीमित नहीं रखा था, बल्कि कई थाना क्षेत्रों में सिलसिलेवार तरीके से वारदातें की थीं। जानकारी के अनुसार, मानसरोवर, सोडाला, सीकर रोड और वैशाली नगर के अलावा बिंदायका, हरमाड़ा तथा करणी विहार क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंपों को इन्होंने अपना निशाना बनाया था। राजधानी के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर स्थित 20 से अधिक पंपों पर लगातार हो रही इन घटनाओं से पेट्रोल पंप एसोसिएशन और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया था।

## मौज-मस्ती और सैर-सपाटे के लिए रची साजिश
शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे केवल घूमने-फिरने और मौज-मस्ती करने के शौक को पूरा करने के लिए पेट्रोल पंपों पर इस तरह की ठगी करते थे। वे बिना कोई खर्च किए लंबी दूरी तय करना चाहते थे, जिसके चलते उन्होंने यह गैरकानूनी रास्ता चुना। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इन वारदातों में कुल कितने दोपहिया या चौपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया गया था और आरोपी वाहनों पर लगाने के लिए चोरी की नंबर प्लेटें कहां से लाते थे।

डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण (आईपीएस) ने प्रकरण की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बिंदायका थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम की त्वरित कार्रवाई से यह सफलता मिली है। पुलिस को पूरी संभावना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ से शहर और आसपास के इलाकों में हुई ऐसी अन्य कई अनसुलझी वारदातों का पर्दाफाश होगा तथा चोरी की नंबर प्लेट सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया जा सकेगा।

## इसका आप पर असर
जयपुर में पेट्रोल पंपों पर तेल डलवाकर भागने वाले गिरोह की गिरफ्तारी से ईंधन स्टेशन कर्मियों को राहत मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था सख्त होगी।

- **जयपुर में:** शहर के पेट्रोल पंपों पर अब देर रात और व्यस्त समय में तेल भरवाने से पहले भुगतान लेने या वाहनों पर कड़ी निगरानी रखने का नियम सख्ती से लागू हो सकता है। यदि आप जयपुर के पंपों पर ईंधन भरवाते हैं, तो कर्मियों द्वारा एडवांस पेमेंट या डिजिटल भुगतान पहले मांगने पर सहयोग करें।
- **भारत में:** देश भर के ईंधन रिटेलर्स के बीच ऐसे मामलों को रोकने के लिए नंबर प्लेट स्कैनिंग और सीसीटीवी निगरानी को लेकर सतर्कता बढ़ेगी। आम वाहन चालकों को भी अपने वाहनों की नंबर प्लेट सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है ताकि चोरी की प्लेट का दुरुपयोग न हो सके।
- **पंप कर्मचारियों पर असर:** ऐसी ठगी की वारदातों में कमी आने से ग्राउंड स्टाफ को अपनी जेब से होने वाले अनचाहे वित्तीय नुकसान से सुरक्षा मिलेगी। पंप डीलर अपने कर्मचारियों को संदेहास्पद नंबर प्लेट और तेज भागने वाले वाहनों की तुरंत सूचना देने के लिए प्रशिक्षित करेंगे।
- **वाहन सुरक्षा:** यदि किसी नागरिक की वाहन नंबर प्लेट खो जाती है या चोरी होती है, तो तुरंत पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराना बेहद जरूरी हो गया है। समय पर एफआईआर दर्ज कराने से आपके वाहन नंबर का इस्तेमाल ऐसे आपराधिक कृत्यों में होने पर आपकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम युवाओं द्वारा मौज-मस्ती के लिए बिना खर्च किए घूमने की प्रवृत्ति और चोरी की नंबर प्लेटों के सहारे पहचान छिपाने की सोची-समझी योजना का परिणाम था।

- **वारदात का मुख्य कारण:** आरोपियों ने केवल सैर-सपाटे और मौज-मस्ती के खर्च से बचने के लिए ईंधन भरवाकर बिना पैसे दिए भागने का गैरकानूनी रास्ता अपनाया था। वे ईंधन पर कोई पैसा खर्च नहीं करना चाहते थे और आसानी से बच निकलने को एक आसान खेल समझ रहे थे।
- **पहचान छिपाने की व्यवस्था:** आरोपियों ने अपने वाहनों पर चोरी की नंबर प्लेटें लगा रखी थीं, जिससे पेट्रोल पंपों के सीसीटीवी कैमरों में उनकी वास्तविक पहचान दर्ज नहीं हो पा रही थी। इसी तकनीकी बचाव के भरोसे वे बार-बार शहर के अलग-अलग इलाकों में वारदात करने की हिम्मत जुटा सके।
- **पुलिस की संयुक्त कार्रवाई:** बिंदायका थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद तकनीकी डेटा और रूट मैपिंग के आधार पर संयुक्त पड़ताल शुरू की, जिसके जरिए दोनों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता मिली।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर में पेट्रोल पंपों पर धोखाधड़ी करने के आरोप में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने अंकित वर्मा और विशाल मेहरा नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है।

### 2. आरोपियों ने कुल कितने पेट्रोल पंपों को निशाना बनाया था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने जयपुर शहर के 20 से अधिक पेट्रोल पंपों पर बिना पैसे दिए तेल भरवाकर भागने की वारदातें की थीं।

### 3. आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाते थे?
आरोपी अपने वाहनों पर चोरी की नंबर प्लेट लगा लेते थे, ताकि सीसीटीवी फुटेज में उनकी सही पहचान न हो सके।

### 4. इस कार्रवाई को पुलिस की किन टीमों ने अंजाम दिया?
यह कार्रवाई बिंदायका थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने संयुक्त रूप से की।

### 5. आरोपियों ने शहर के किन प्रमुख इलाकों में वारदातें की थीं?
आरोपियों ने मानसरोवर, सोडाला, सीकर रोड, वैशाली नगर, बिंदायका, हरमाड़ा और करणी विहार सहित कई क्षेत्रों में वारदातें कीं।

### 6. पूछताछ में आरोपियों ने वारदातों का क्या कारण बताया?
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे केवल घूमने-फिरने और मौज-मस्ती करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे।

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