जयपुर में वेस्ट जोन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में चमकी पाली की नीलांजना चौधरी, 4 हजार स्केटर्स के बीच जीता गोल्ड राजस्थान के पाली जिले की 9 वर्षीय छात्रा नीलांजना चौधरी ने जयपुर में आयोजित वेस्ट जोन रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता 2026-27 की वन लैप रोड रेस स्पर्धा में पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। राजस्थान के पाली जिले की नन्हीं खिलाड़ी नीलांजना चौधरी ने एक बार फिर अपनी अद्भुत प्रतिभा और गति के बल पर राज्य का नाम रोशन किया है। महज कक्षा 3 में पढ़ने वाली 9 वर्षीय नीलांजना ने जयपुर में आयोजित वेस्ट जोन रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता 2026-27 में अपनी बेहतरीन तकनीक और संतुलन का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। अरावली क्षेत्र के पाली जिले से निकलकर इस खेल मंच पर पहुंची बालिका की इस शानदार जीत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शहर को गौरवान्वित किया है। जयपुर के मैदान पर मिली इस बड़ी उपलब्धि के बाद जब वे पाली पहुंचीं, तो स्थानीय नागरिकों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार नागरिक अभिनंदन किया। जयपुर प्रतियोगिता और वन लैप रोड रेस का कठिन मुकाबला बीएसई बोर्ड की ओर से जयपुर के जगतपुरा स्थित एसआरएन इंटरनेशनल स्कूल में वेस्ट जोन रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता 2026-27 का आयोजन किया गया था। इस प्रतिष्ठित स्पर्धा में वेस्ट जोन के विभिन्न शहरों और तीन राज्यों से आए लगभग 4 हजार प्रतिभावान खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता की वन लैप रोड रेस श्रेणी में प्रतिस्पर्धियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि, पाली की नन्हीं स्केटिंग खिलाड़ी नीलांजना चौधरी ने शुरुआत से ही अपनी गति और संतुलन पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। फिनिश लाइन तक अपनी बढ़त को कायम रखते हुए उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम दर्ज कराया। पाली पहुंचने पर जोरदार स्वागत और जश्न का माहौल गोल्ड मेडल जीतकर गृह नगर पाली लौटने पर नीलांजना चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शहर के खेल प्रेमियों, शिक्षकों, परिजनों और पड़ोसियों ने फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाइयां बांटकर नन्हीं चैंपियन का हौसला बढ़ाया। स्वागत समारोह में मौजूद भंवर चौधरी, नारायण लाल चौधरी और गोविंद बी. चौधरी समेत कई गणमान्य लोगों ने नीलांजना को बधाई दी और उनके सुखद तथा उज्ज्वल खेल करियर की कामना की। नीलांजना के पिता मनीष चौधरी और माता मोना चौधरी ने बेटी की सफलता पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए इसे उनकी कड़ी मेहनत का प्रतिफल बताया। कड़ी मेहनत, समर्पण और स्वतंत्रता दिवस पर मिला राज्य स्तरीय सम्मान कम उम्र में ही स्केटिंग ट्रैक पर धाक जमाने वाली नीलांजना की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी दिनचर्या और नियमित अभ्यास का बड़ा योगदान है। वे रोजाना सुबह और शाम के समय स्केटिंग ट्रैक पर घंटों पसीना बहाती हैं। परिजनों और अपने कोच के सटीक मार्गदर्शन में उन्होंने तकनीक और गति का बेहतरीन समन्वय स्थापित किया है। उनकी इसी लगन और खेल प्रतिभा को देखते हुए पूर्व में राजस्थान सरकार द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। 15 अगस्त को आयोजित जिलास्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत ने नीलांजना को विशेष रूप से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया था। इस राज्य स्तरीय प्रोत्साहन ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूती दी। अंतरराष्ट्रीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक शानदार रहा है ट्रैक रिकॉर्ड वेस्ट जोन में मिला यह स्वर्ण पदक नीलांजना के करियर की कोई इकलौती सफलता नहीं है, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर लगातार पदक जीतती आ रही हैं। वर्ष 2026 में इंडोनेशिया के जकार्ता शहर में आयोजित इंटरनेशनल रोलर स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 1 स्वर्ण पदक और 1 कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा चेन्नई में आयोजित 25वीं राष्ट्रीय स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक और रिले रेस में रजत पदक हासिल किया था। वहीं राज्य स्तर पर उदयपुर में आयोजित रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता की 200 मीटर रेस में कांस्य पदक और 400 मीटर रेस में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। लगातार मिल रही इन उपलब्धियों ने साबित कर दिया है कि लगन और सही मार्गदर्शन हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। इसका आप पर असर पाली की 9 वर्षीय छात्रा नीलांजना चौधरी द्वारा वेस्ट जोन रोलर स्केटिंग में 4 हजार खिलाड़ियों को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीतना युवा एथलीटों और अभिभावकों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। • भारत में: यह उपलब्धि साबित करती है कि प्राथमिक स्कूली स्तर से ही सही कोचिंग और प्रोत्साहन मिलने पर भारतीय बच्चे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहरा सकते हैं। यह विभिन्न राज्यों में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देती है। • पाली (राजस्थान) में: पाली जिले में जमीनी स्तर की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय स्केटिंग ट्रैक की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और अभिभावकों में नया उत्साह जगेगा। इससे क्षेत्र के अन्य छोटे बच्चों को भी खेलों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी। सवाल-जवाब 1. नीलांजना चौधरी कौन हैं और उन्होंने कौन सा पदक जीता है? नीलांजना चौधरी राजस्थान के पाली जिले की 9 वर्षीय छात्र एथलीट हैं, जिन्होंने जयपुर में आयोजित वेस्ट जोन रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता 2026-27 में स्वर्ण पदक जीता है। 2. वेस्ट जोन रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता कहाँ आयोजित की गई थी? यह प्रतियोगिता जयपुर के जगतपुरा स्थित एसआरएन इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित की गई थी। 3. इस प्रतियोगिता में कितने खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था? इस वेस्ट जोन प्रतियोगिता में तीन राज्यों के करीब 4 हजार प्रतिभावान खिलाड़ियों ने भाग लिया था। 4. नीलांजना चौधरी के पिता और माता का नाम क्या है? नीलांजना मनीष चौधरी और मोना चौधरी की पुत्री हैं। 5. नीलांजना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या उपलब्धि रही है? वर्ष 2026 में जकार्ता (इंडोनेशिया) में आयोजित इंटरनेशनल रोलर स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 1 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक जीता था। प्रेरणा और सबक कक्षा 3 में पढ़ने वाली नीलांजना चौधरी की यह सफलता छोटे बच्चों और युवा एथलीटों के लिए कई महत्वपूर्ण सबक देती है। • उम्र बाधा नहीं होती: हौसले बुलंद हों और लगन सच्ची हो, तो 9 साल की उम्र में भी 4 हजार खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा जा सकता है। • निरंतरता ही कुंजी है: दैनिक दिनचर्या में सुबह-शाम अभ्यास की आदत ही बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक दिलाती है। • हार से सीखकर आगे बढ़ना: पूर्व की स्पर्धाओं में रजत और कांस्य पदक जीतने के बाद भी प्रयास जारी रखकर स्वर्ण पदक तक पहुंचना। https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-men-vesta-jona-rolara-sketinga-chainpiyanashipa-men-chamaki-pali-ki-nilanjana-choudhary-4-hajara-sketarsa-ke-bicha-jita-gol-23859 TrendKia — Har trend, sabse pehle.