जयपुर रियल एस्टेट में जोरदार तेजी, नवरात्र के पखवाड़े में सरकार को मिला 450 करोड़ का राजस्व श्राद्ध पक्ष के सुस्त दौर के बाद जयपुर के प्रॉपर्टी बाजार में नवरात्र के दौरान जबरदस्त उछाल आया है, जिससे राज्य सरकार को महज 15 दिन में 450 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। श्राद्ध पक्ष के दौरान सुस्त पड़े जयपुर के प्रॉपर्टी बाजार में नवरात्र की शुरुआत के साथ ही अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई है। त्योहारी सीजन के इस दौर में राजधानी जयपुर के भीतर जमीन और मकानों की खरीद-फरोख्त में तीन गुना तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। शहर के तमाम सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में पिछले 15 दिनों के भीतर संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन और लोन से जुड़े मामलों में अप्रत्याशित उछाल आया है, जिससे राज्य सरकार के खजाने को भी जबरदस्त फायदा हुआ है। पंजीयन और राजस्व के आंकड़े नवरात्रि के इन 15 दिनों के समय अंतराल में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में लगभग 9,000 प्रॉपर्टी दस्तावेजों का पंजीकरण संपन्न हुआ है। इसके साथ ही करीब 6,000 लोन दस्तावेजों की भी रजिस्ट्री कराई गई है। इन आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में प्रतिदिन औसतन 1,000 दस्तावेजों का पंजीकरण दर्ज किया गया है। संपत्तियों की इस बंपर खरीद-फरोख्त की बदौलत राजस्थान सरकार को करीब 450 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व प्राप्त हुआ है। शहरी विस्तार और विशेषज्ञों की राय राजस्थान स्टांप वेंडर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश झालानी और एडवोकेट देवेंद्र यादव का कहना है कि जयपुर का तेजी से होता हुआ शहरी विस्तार, और इसे एक प्रमुख एजुकेशन, मेडिकल तथा कोचिंग हब के रूप में पहचान मिलना इस बंपर उछाल का मुख्य कारण है। श्राद्ध पक्ष के मुकाबले नवरात्र के इन 15 दिनों के दौरान प्रॉपर्टी बाजार में यह उछाल पूरे 200 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है। टियर-2 शहरों में रियल एस्टेट का नया केंद्र देशभर के रियल एस्टेट परिदृश्य में जयपुर अब एक तेजी से उभरते हुए टियर-2 शहर के रूप में स्थापित हो चुका है। क्रेडाई और रियल एस्टेट रिसर्च फर्म ‘लाइसेस फोरास’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में बीते 5 वर्षों के दौरान 5.3 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि यानी CAGR दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में जयपुर के भीतर कुल 9,758 नई आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई थी, जो कि वर्ष 2025 में बढ़कर 10,271 तक पहुंच गई। अन्य महानगरों की तुलना में किफायती निवेश क्रेडाई राजस्थान के अध्यक्ष रवींद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, देश के दूसरे बड़े महानगरों के मुकाबले आज के समय में जयपुर में घर खरीदना काफी किफायती और फायदे का सौदा साबित हो रहा है। मौजूदा समय में जयपुर शहर के अंदर 1,000 वर्गफुट के एक फ्लैट की औसत कीमत लगभग 64.3 लाख रुपये के आसपास है। हालांकि यह कीमत अहमदाबाद शहर से थोड़ी अधिक जरूर है, लेकिन बेंगलुरु, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे बड़े आईटी महानगरों की तुलना में यह बेहद किफायती है। यही प्रमुख वजह है कि स्थानीय खरीदारों के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से आने वाले बाहरी निवेशक भी जयपुर के रियल एस्टेट सेक्टर में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। इसका आप पर असर जयपुर के प्रॉपर्टी बाजार में आई इस बंपर तेजी का सीधा असर घर खरीदारों, निवेशकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। • राजस्थान में: राज्य सरकार के खजाने को केवल 15 दिनों में 450 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। • जयपुर में: स्थानीय खरीदारों के लिए प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि टियर-2 शहरों में मांग लगातार मजबूत हो रही है। • निवेशकों के लिए: बेंगलुरु और गुरुग्राम जैसे महानगरों की तुलना में किफायती होने के कारण बाहरी निवेशकों को जयपुर में बेहतर रिटर्न की उम्मीद है। • आवास बाजार में: आवासीय इकाइयों की बिक्री बढ़कर 10,271 तक पहुंच गई है, जिससे नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तेजी से लॉन्च होने की संभावना है। ऐसा क्यों हुआ श्राद्ध पक्ष के दौरान प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती रहने और नवरात्र जैसे शुभ त्योहारों के आगमन से बाजार में यह भारी उछाल आया है। • त्योहारी सीजन: नवरात्र के दौरान लोग नई संपत्ति खरीदना शुभ मानते हैं, जिसके कारण सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में दस्तावेजों का पंजीकरण तीन गुना तक बढ़ गया। • शहरी विस्तार: जयपुर का तेजी से होता हुआ शहरीकरण और इसे शिक्षा, चिकित्सा तथा कोचिंग हब के रूप में मान्यता मिलना मांग को लगातार बढ़ा रहा है। • किफायती विकल्प: महानगरों के मुकाबले जयपुर में 1,000 वर्गफुट फ्लैट की औसत कीमत 64.3 लाख रुपये होना खरीदारों को आकर्षित कर रहा है। • आवासीय वृद्धि: पिछले पांच वर्षों में 5.3% की सीएजीआर और साल 2025 में 10,271 नई इकाइयों की बिक्री ने बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है। सवाल-जवाब 1. जयपुर में प्रॉपर्टी बाजार में यह उछाल किस दौरान देखने को मिला? यह उछाल नवरात्र के पहले 15 दिनों के दौरान देखने को मिला। 2. नवरात्र के 15 दिनों में सरकार को कितना राजस्व प्राप्त हुआ? राज्य सरकार को इस अवधि में करीब 450 करोड़ रुपये का बड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। 3. कितने प्रॉपर्टी और लोन दस्तावेजों का पंजीकरण हुआ? सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में लगभग 9,000 प्रॉपर्टी दस्तावेजों और 6,000 लोन दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। 4. साल 2025 में जयपुर में कितनी आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई? साल 2025 में जयपुर में कुल 10,271 नई आवासीय इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई। 5. जयपुर में 1,000 वर्गफुट के फ्लैट की औसत कीमत कितनी है? जयपुर में 1,000 वर्गफुट के फ्लैट की औसत कीमत लगभग 64.3 लाख रुपये है। https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-real-estate-sees-massive-surge-with-450-crore-revenue-in-15-days-of-navratra-52446 TrendKia — Har trend, sabse pehle.