जयपुर समेत देशभर में चीनी के दाम 50% तक उछले, त्योहारी सीजन से पहले बिगड़ा रसोई और मिठाइयों का बजट देशभर में चीनी की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक का अचानक उछाल आया है, जिससे पैकिंग वाली चीनी 65 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। जयपुर में मंडी टैक्स और त्योहारी मांग के चलते मिठाइयों और घरेलू बजट पर भारी दबाव बन गया है। आगामी त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही देश भर में चीनी की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। हरियाली तीज के बाद शुरू होने वाले त्योहारों की तैयारी के बीच चीनी के दाम में 40 से 50 फीसदी तक की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अचानक आई तेजी के कारण जहां आम परिवारों का रसोई बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है, वहीं मिठास घोलने वाले बाजारों में भी भारी मंदी और अनिश्चितता का माहौल है। आम तौर पर 45 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिकने वाली चीनी कई जगहों पर पैकिंग के साथ 65 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड दर पर बेची जा रही है। थोक व्यापारियों की बढ़ी चिंता और मंडी टैक्स का असर चीनी के भाव में आए इस अचानक और बेतहाशा उछाल ने देश के बड़े चीनी कारोबारियों को भी हैरान कर दिया है। व्यापारिक हलकों में इस स्तर की मूल्य वृद्धि को अप्रत्याशित माना जा रहा है। राजस्थान शुगर ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण के अनुसार, चीनी के बाजार में कीमतों का इस स्तर तक पहुंचना पहली बार देखा गया है। इसके अलावा, राजस्थान के स्थानीय बाजार में कीमतों के अत्यधिक बढ़ने का एक प्रमुख कारण राज्य में लागू मंडी टैक्स भी है। यह टैक्स देश के अन्य राज्यों में नहीं लगाया जाता, जिसके चलते राजस्थान में चीनी के भाव अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक हो गए हैं। मिठाई कारोबार और पारंपरिक विक्रेताओं पर दोहरी मार कीमतों की इस मार से मिठाई विक्रेता, बूरा-बताशे और पारंपरिक मीठे पकवान बेचने वाले व्यापारी बेहद परेशान हैं। त्योहारी मांग से अच्छी बिक्री की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदारों के सामने अब उत्पादों के दाम बढ़ाने की मजबूरी पैदा हो गई है। स्वीट्स शॉप का संचालन करने वाले नवीन चौधरी ने बताया कि चीनी महंगी होने से मिठाइयों की लागत बढ़ गई है, जिससे ग्राहकों पर दाम बढ़ाने का सीधा दबाव बन रहा है। वहीं बूरा, गुड़, मीठे मखाने और बताशे बेचने वाले छोटे व्यापारियों की ग्राहकी में भारी गिरावट आई है। इन वस्तुओं के भाव लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ चुके हैं। जयपुर के प्रसिद्ध किशनपोल बाजार के मिठाई विक्रेता ओमप्रकाश शर्मा और बालासहाय जाट ने भी बढ़ती लागत पर गहरी चिंता जताई है। घरेलू बजट पर दबाव और राहत की उम्मीद त्योहारों के दौरान मिठाइयों और पकवानों की मांग सबसे अधिक होती है, लेकिन चीनी के कड़वे होते स्वाद ने आम जनता और गृहिणियों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। रसोई संचालन में चीनी की बढ़ती कीमत का असर हर दिन के बजट पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई को झेल रहे आम नागरिकों के लिए त्योहारों का खर्च संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसके बावजूद, आम लोगों और व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सरकार चीनी की कीमतों पर नियंत्रण पाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी, जिससे बाजार को स्थिरता और जनता को राहत मिल सकेगी। इसका आप पर असर चीनी की दरों में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के मासिक बजट और त्योहारी खरीदारी पर पड़ेगा। • भारत भर में: देश भर के उपभोक्ताओं को पैक्ड चीनी के लिए 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक चुकाने होंगे। इससे त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों और डिब्बाबंद मीठे सामानों के दाम 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। • जयपुर और राजस्थान में: स्थानीय मंडी टैक्स के कारण राजस्थान के निवासियों को अन्य राज्यों की तुलना में अधिक कीमत देनी होगी। जयपुर के किशनपोल बाजार और अन्य इलाकों में बताशे, बूरा और मिठाइयों के दाम लगभग डेढ़ गुना तक महंगे हो चुके हैं। सवाल-जवाब 1. जयपुर में चीनी के दाम कितने प्रतिशत तक बढ़े हैं? जयपुर और आसपास के इलाकों में चीनी के दाम में 40 से 50 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया है। 2. वर्तमान में पैक्ड चीनी किस भाव पर बिक रही है? सामान्यतः 45 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी अब पैकिंग के साथ 65 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक बेची जा रही है। 3. राजस्थान में चीनी महंगी होने की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है? व्यापारियों के अनुसार, राजस्थान में लागू मंडी टैक्स चीनी के अधिक दामों का मुख्य कारण है, जो देश के अन्य राज्यों में नहीं लगता। 4. चीनी महंगी होने से मिठाई बाजार पर क्या असर पड़ा है? मिठाइयों के दाम बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है और बूरा, बताशे तथा मीठे मखाने जैसी चीजों के भाव डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-sameta-deshabhara-men-chini-ke-dama-50-taka-uchhale-tyohari-sijana-se-pahale-bigara-rasoi-aura-mithaiyon-ka-bajata-23434 TrendKia — Har trend, sabse pehle.