# मोती डूंगरी गणेश मंदिर के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने जारी की नई गाइडलाइन, गणेश चतुर्थी पर कई रास्ते रहेंगे बंद

> जयपुर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर के आसपास भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष डायवर्जन और नई गाइडलाइन लागू की है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-traffic-police-issues-new-guidelines-for-moti-dungri-temple-ahead-of-ganesh-chaturthi-31733 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर ट्रैफिक पुलिस, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, गणेश चतुर्थी, यातायात गाइडलाइन, जयपुर समाचार

गणेश चतुर्थी के पवित्र त्योहार के अवसर पर राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर के ऐतिहासिक और लोकप्रिय मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस पावन पर्व पर लाखों भक्तों के पहुंचने की पूरी उम्मीद है। इसी भारी भीड़ को सुव्यवस्थित करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने रूट में बड़े बदलाव किए हैं ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।

 

## नो-व्हीकल जोन और प्रतिबंधित मार्ग

श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और सड़क पर जाम की समस्या से निपटने के लिए मंदिर के आसपास के मुख्य रास्तों को पूरी तरह से वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। त्रिमूर्ति सर्किल से जेडीए चौराहा तक किसी भी प्रकार के वाहन के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा, आरबीआई तिराहे से मंदिर तक जाने वाली तख्तेशाही रोड और धर्मसिंह सर्किल से मंदिर तक के मार्ग को भी पूरी तरह नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। इन तमाम प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल पैदल चलने वाले दर्शनार्थियों को ही आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।

 

## अतिरिक्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था

दूर-दराज के इलाकों से अपने वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। मंदिर के पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर कुल 15 नए पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इन विशाल पार्किंग क्षेत्रों में कुल 3880 दोपहिया वाहन और 3240 चारपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात बाधित नहीं होगा।

 

## बुजुर्गों और महिलाओं के लिए निशुल्क ई-रिक्शा

पार्किंग स्थलों से मंदिर की दूरी तय करने में वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों को किसी तरह की शारीरिक थकान या परेशानी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी निर्धारित पार्किंग स्थानों से मोती डूंगरी मंदिर के समीप तक निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा चलाई जाएगी, जिसका लाभ उठाकर लोग आसानी से आवाजाही कर सकेंगे।

 

## डिजिटल तकनीक और आपातकालीन मार्ग

यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाते हुए पुलिस विभाग ने शहर के प्रमुख चौराहों पर खास QR कोड प्रदर्शित किए हैं। इन कोड्स को स्कैन करके लोग डायवर्जन, नो-व्हीकल जोन और नजदीकी पार्किंग की लाइव जानकारी अपने फोन पर पा सकेंगे। इसके साथ ही, एम्बुलेंस और दमकल गाड़ियों जैसी आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन के लिए एक अलग सुरक्षित कॉरिडोर भी बनाया गया है।

## इसका आप पर असर
गणेश चतुर्थी के दौरान जयपुर की यात्रा करने वाले नागरिकों और स्थानीय निवासियों को नए ट्रैफिक नियमों और डायवर्जन का सीधा असर देखने को मिलेगा।

  - **भारत में:** देश के अन्य हिस्सों से जयपुर आने वाले श्रद्धालुओं को त्योहार के दौरान बदले हुए रूटों और पार्किंग व्यवस्था की अग्रिम जानकारी रखनी होगी।

  - **जयपुर में:** शहरवासियों और दर्शनार्थियों को मोती डूंगरी क्षेत्र के पास निजी वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिससे उन्हें पैदल चलना होगा या निशुल्क ई-रिक्शा का उपयोग करना पड़ेगा।

  - **पार्किंग की स्थिति:** वाहन चालकों को मंदिर से दूर बनाए गए 15 नए पार्किंग स्थलों पर अपने वाहन खड़े करने होंगे, जिससे सड़कों पर जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

  - **तकनीकी सुविधा:** आम नागरिक चौराहों पर लगे QR कोड को स्कैन करके अपने फोन पर तुरंत ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

  - **आपातकालीन सेवाएं:** एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सेवाओं के लिए अलग से सुरक्षित कॉरिडोर तय किए गए हैं, जिससे मरीजों और जरूरतमंदों को परेशानी नहीं होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने के कारण यातायात प्रबंधन की विशेष आवश्यकता पड़ती है।

  - **भारी भीड़ का दबाव:** पर्व के दिन शहर के सबसे प्राचीन मंदिर में लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना के चलते सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है।

  - **जाम की रोकथाम:** मंदिर के आसपास के तंग रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही रोकने से मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहती है।

  - **वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा:** दूर स्थित पार्किंग स्थलों से मंदिर तक की लंबी दूरी तय करने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को राहत देने के लिए विशेष परिवहन की जरूरत होती है।

  - **प्रशासनिक तैयारी:** हर साल होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन मिलकर पहले से ही व्यापक सुरक्षा और रूट प्लान तैयार करते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर में गणेश चतुर्थी पर कौन सा मंदिर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है?
जयपुर का प्राचीन और प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर इस अवसर पर मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है।

### 2. यातायात पुलिस ने मंदिर के पास के किन मार्गों को नो-व्हीकल जोन घोषित किया है?
त्रिमूर्ति सर्किल से जेडीए चौराहा, आरबीआई तिराहे से तख्तेशाही रोड और धर्मसिंह सर्किल से मंदिर तक के मार्ग को नो-व्हीकल जोन बनाया गया है।

### 3. श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए कितनी नई पार्किंग बनाई गई हैं?
प्रशासन ने मंदिर के 5 किलोमीटर के दायरे में कुल 15 नए पार्किंग स्थल तैयार किए हैं।

### 4. पार्किंग स्थलों से मंदिर तक जाने के लिए क्या विशेष सुविधा दी गई है?
श्रद्धालुओं के लिए सभी चिन्हित पार्किंग स्थलों से मंदिर तक निशुल्क ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

### 5. लोग ट्रैफिक और डायवर्जन की जानकारी कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
नागरिक प्रमुख चौराहों पर लगे विशेष QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करके ट्रैफिक और पार्किंग की जानकारी पा सकते हैं।

### 6. आपातकालीन वाहनों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए अलग से सुरक्षित कॉरिडोर बनाए गए हैं।

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