त्योहारों और निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने कसी कमर, मंदिरों के पास बदलेगा रूट जयपुर में आने वाले त्योहारों और स्थानीय चुनावों को देखते हुए यातायात पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रमुख मंदिरों और कलेक्ट्रेट के आसपास रूट में बदलाव किया जाएगा। राजस्थान के सबसे बड़े शहर जयपुर में आने वाले धार्मिक पर्वों और स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए यातायात विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहर के मुख्य मंदिरों और सरकारी कार्यालयों के आसपास भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रमुख मंदिरों के आसपास रहेगा विशेष ट्रैफिक डायवर्जन आगामी जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे बड़े त्योहारों के दौरान शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। इस स्थिति से निपटने के लिए यातायात अधिकारियों ने रणनीति तैयार की है जिसके तहत गोविंद देवजी मंदिर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, अक्षरधाम मंदिर और इस्कॉन मंदिर के आसपास के रास्तों में बदलाव किया जाएगा। भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए इन इलाकों में रूट डायवर्जन लागू होगा। इसके अलावा वाहन चालकों की सुविधा के लिए तय स्थानों पर अस्थायी पार्किंग जोन विकसित किए जा रहे हैं जिससे सड़कों पर अनावश्यक वाहन खड़े न हों और जाम की समस्या से बचा जा सके। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर नामांकन के दौरान कड़े इंतजाम त्योहारों के उल्लास के बीच शहर में स्थानीय निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो रही है जिसके मद्देनजर जिला कलेक्ट्रेट के इर्द-गिर्द सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के खास प्रबंध किए गए हैं। नामांकन दाखिल करने आने वाले प्रत्याशियों और समर्थकों के कारण कलेक्ट्रेट मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ सकता है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जरूरत पड़ने पर इस मार्ग पर भी ट्रैफिक का डायवर्जन किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कलेक्ट्रेट आने वाले सभी लोग अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में ही खड़े करें ताकि यातायात व्यवस्था में कोई बाधा उत्पन्न न हो। यातायात व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और त्वरित कार्रवाई टीमों को शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में तैनात किया गया है। यदि किसी भी मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनती है तो तुरंत कार्रवाई के लिए क्रेन और अतिरिक्त जवानों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंच सकें। उच्च अधिकारियों ने डयूटी पर तैनात कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे आम जनता के साथ संयमित और सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखें और यह सुनिश्चित करें कि शहर में यातायात बिना किसी रुकावट के लगातार चलता रहे। इसका आप पर असर जयपुर में आगामी त्योहारों और चुनावों के चलते यात्रा करने वाले आम नागरिकों को जाम और बदले हुए रास्तों का सामना करना पड़ सकता है। • भारत में: इसका सीधा असर देशस्तर पर नहीं बल्कि जयपुर के स्थानीय निवासियों और वहां आने वाले पर्यटकों पर पड़ेगा जिन्हें आवागमन के दौरान अतिरिक्त समय लेकर चलना होगा। • जयपुर में: गोविंद देवजी मंदिर, मोती डूंगरी, इस्कॉन मंदिर, अक्षरधाम और कलेक्ट्रेट जाने वाले लोगों को रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ेगा। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे असुविधा से बचने के लिए केवल निर्धारित अस्थायी पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सवाल-जवाब 1. जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था क्यों बढ़ाई गई है? आगामी त्योहारों और स्थानीय निकाय चुनावों के नामांकन के कारण जयपुर में यातायात व्यवस्था बढ़ाई गई है। 2. किन मंदिरों के आसपास विशेष ट्रैफिक व्यवस्था रहेगी? गोविंद देवजी मंदिर, मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर, इस्कॉन मंदिर और अक्षरधाम मंदिर के आसपास विशेष व्यवस्था होगी। 3. कलेक्ट्रेट के पास ट्रैफिक डायवर्जन क्यों किया जा रहा है? निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कलेक्ट्रेट मार्ग पर डायवर्जन किया जाएगा। 4. याचिकाकर्ताओं और नागरिकों के लिए क्या अपील की गई है? पुलिस ने अपील की है कि सभी नागरिक अपने वाहन केवल निर्धारित अस्थायी पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। 5. याचिका या जाम की स्थिति से निपटने के लिए क्या तैयारी है? क्रेन और त्वरित कार्रवाई टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है जो सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचेंगी। https://trendkia.com/rajasthan/jaipur-traffic-police-prepares-special-routes-and-parking-near-temples-for-upcoming-festivals-and-local-body-elections-24474 TrendKia — Har trend, sabse pehle.