# जालोर की सब्जी मंडी में बालम ककड़ी की जबरदस्त मांग, 150 रुपये किलो तक बिक रही बाहर से लौकी जैसी दिखने वाली अनोखी फसल

> जालोर की मंडी में इन दिनों बालम ककड़ी की खूब चर्चा है, जो बाहर से लौकी की तरह दिखती है मगर अंदर हरा और केसरिया रंग लिए होती है। केवल सितंबर और अक्टूबर के 25 से 30 दिनों तक मिलने वाली इस मीठी ककड़ी के दाम 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jalore-ki-sabji-mndi-men-balam-kakdi-ki-jabaradasta-manga-150-rupaye-kilo-taka-bika-rahi-bahara-se-lauki-jaisi-dikhane-vali-anokhi-40087 · **Language:** Hindi
**Tags:** बालम ककड़ी, जालोर सब्जी मंडी, रामाराम माली, दिलीप कुमार, अनोखी सब्जी, मौसमी फसल

जालोर की स्थानीय सब्जी मंडी में इन दिनों एक बेहद दुर्लभ और अनूठी सब्जी ग्राहकों का मुख्य आकर्षण बनी हुई है। पहली नजर में देखने पर कोई भी इसे सामान्य लौकी मानकर धोखा खा सकता है, मगर इसे काटते ही इसका असली रूप सामने आ जाता है। स्थानीय स्तर पर इसे बालम ककड़ी कहा जाता है। यह पूरे बारह महीने बाजार में नजर नहीं आती, बल्कि साल के एक बेहद सीमित दौर में ही इसकी आवक होती है। यही वजह है कि इसके खास स्वाद और गुणों के मुरीद लोग पूरे साल इसके आने की राह देखते हैं और मंडी में पहुंचते ही इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।

## बाहर से लौकी का रूप और अंदर अनोखा हरा-केसरिया रंग
बालम ककड़ी की सबसे बड़ी पहचान इसका अनूठा रंग-रूप और स्वाद है। बाहर से इसका छिलका और बनावट बिल्कुल लौकी की तरह दिखाई देती है, जिससे पहली बार देखने वाले खरीदार अकसर उलझन में पड़ जाते हैं। हालांकि, चाकू लगते ही इसके अंदर दोहरे रंगों की छटा नजर आती है। इसके गूदे में एक साथ हरा और केसरिया रंग साफ दिखाई देता है। जहां आम ककड़ियां स्वाद में हल्की कसैली या फीकी होती हैं, वहीं बालम ककड़ी का स्वाद प्राकृतिक रूप से काफी मीठा होता है। एक बार इसका स्वाद चखने के बाद लोग नियमित रूप से इसे अपनी टोकरी में शामिल करने लगते हैं।

## सितंबर से अक्टूबर के बीच केवल 25 से 30 दिनों का सीमित सीजन
इस ककड़ी की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुत छोटा जीवन चक्र है। जालोर सब्जी मंडी व्यापारी अध्यक्ष रामाराम माली ने इस उपज के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि बालम ककड़ी की आवक मुख्य रूप से सितंबर महीने से शुरू होती है और यह अक्टूबर के शुरुआती कुछ हफ्तों तक ही उपलब्ध रहती है। जालोर में इस छोटे से अंतराल के दौरान खरीदार भारी संख्या में इसे लेने आते हैं, जिससे इसकी जबरदस्त बिक्री दर्ज की जाती है।

वहीं सब्जी मंडी के एक अन्य व्यापारी दिलीप कुमार ने बताया कि यह अनोखी ककड़ी बाजार में मुश्किल से 25 से 30 दिनों के लिए ही दिखाई देती है। उपलब्धता का समय बहुत कम होने के कारण इस दौरान इसकी मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है। लोग जानते हैं कि अगर इस एक महीने में इसे नहीं खरीदा गया, तो फिर इसका स्वाद चखने के लिए अगले साल के सितंबर-अक्टूबर का ही इंतजार करना पड़ेगा।

## स्वास्थ्य के लिए लाभकारी और 85 प्रतिशत तक पानी की मात्रा
व्यापारी रामाराम माली के अनुसार, बालम ककड़ी सिर्फ अपने अनोखे रूप के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी काफी गुणकारी है। इस ककड़ी में प्राकृतिक रूप से करीब 85 प्रतिशत तक पानी मौजूद होता है। ऐसे में शरीर में निर्जलीकरण यानी पानी की कमी को पूरा करने के लिए इसका सेवन बेहद उपयोगी माना जाता है।

व्यापारी दिलीप कुमार ने भी इसके औषधीय महत्व को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि यह ककड़ी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होती है। शरीर की आंतरिक नमी बनाए रखने और पेट को ठंडक पहुंचाने के लिए स्थानीय लोग इसे अपनी दैनिक खुराक में शामिल करना पसंद करते हैं।

## मंडी में 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक चल रहे दाम
मंडी में बालम ककड़ी की आवक बहुत कम समय के लिए होने के बावजूद भाव बहुत अधिक ऊंचे नहीं रहते, जिससे आम खरीदार भी इसे आसानी से खरीद पाते हैं। वर्तमान में जालोर मंडी में बालम ककड़ी के दाम करीब 100 से 150 रुपये प्रति किलो के बीच चल रहे हैं। सीमित आपूर्ति और तगड़ी मांग के चलते ग्राहक बिना मोलभाव किए इसे खरीद रहे हैं। अनोखे केसरिया-हरे रंग, मीठे स्वाद, लौकी जैसी कद-काठी और केवल महीने भर की उपलब्धता ने इसे जालोर के सब्जी बाजार की सबसे चर्चित उपज बना दिया है।

## इसका आप पर असर
जालोर मंडी में आई बालम ककड़ी का स्थानीय ग्राहकों और मौसमी फल-सब्जी पसंद करने वाले उपभोक्ताओं की खरीदारी पर सीधा असर पड़ा है।

- **जालोर में:** मंडी में आने वाले स्थानीय खरीदारों को इस अनोखी ककड़ी के लिए 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक का खर्च करना होगा। यह मौसमी उत्पाद केवल 25 से 30 दिनों के लिए ही उपलब्ध है, इसलिए जो लोग इसका स्वाद लेना चाहते हैं उन्हें अक्टूबर खत्म होने से पहले ही इसे खरीदना होगा।
- **भारत में:** देश भर के खाद्य प्रेमियों और कृषि उत्पाद में रुचि रखने वालों के लिए यह एक क्षेत्रीय दुर्लभ फसल का उत्कृष्ट उदाहरण है। सेहत के प्रति जागरूक उपभोक्ता इसे शरीर में पानी की कमी दूर करने वाले प्राकृतिक विकल्प के रूप में देख सकते हैं।
- **उपभोक्ताओं की जेब पर:** सामान्य ककड़ी के मुकाबले इसकी कीमत अधिक है, लेकिन इसके औषधीय गुणों और सीमित आपूर्ति के कारण लोग इसे प्रीमियम कीमत पर भी खरीद रहे हैं। ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से सीमित मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं ताकि बजट पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
- **स्वास्थ्य लाभ:** जो लोग पाचन समस्या या डिहाइड्रेशन से जूझ रहे हैं, वे इस 85 प्रतिशत पानी वाली ककड़ी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके सेवन से शरीर को प्राकृतिक ठंडक और जरूरी तरलता मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
जालोर की मंडी में बालम ककड़ी की आमद और इसकी ऊंची कीमत के पीछे इसकी बेहद सीमित पैदावार और प्राकृतिक विशेषताएं मुख्य कारण हैं।

- **प्राकृतिक मौसमी चक्र:** बालम ककड़ी की फसल साल भर तैयार नहीं होती और इसका उत्पादन केवल मानसून के बाद के मौसम तक सीमित रहता है। इसकी आवक केवल सितंबर से शुरू होकर अक्टूबर के कुछ हफ्तों में ही सिमट जाती है।
- **सीमित शेल्फ लाइफ और कम उपलब्धता:** यह फसल बाजार में महज 25 से 30 दिनों के लिए ही टिक पाती है। पैदावार का दायरा और समय दोनों बहुत छोटे होने की वजह से बाजार में इसकी आपूर्ति सीमित रहती है।
- **उच्च मांग और अनूठी बनावट:** बाहर से लौकी जैसी दिखने और अंदर से हरा-केसरिया रंग व मीठा स्वाद होने की वजह से खरीदारों में इसका भारी कौतूहल रहता है। मांग अधिक और आपूर्ति कम होने के चलते व्यापारियों को इसके 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक के दाम मिल रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बालम ककड़ी बाहर और अंदर से कैसी दिखती है?
बालम ककड़ी बाहर से देखने पर सामान्य लौकी जैसी नजर आती है, लेकिन इसे काटने पर इसके अंदर हरा और केसरिया रंग दिखाई देता है।

### 2. बालम ककड़ी का स्वाद सामान्य ककड़ी से किस प्रकार अलग है?
सामान्य ककड़ी की तुलना में बालम ककड़ी का स्वाद प्राकृतिक रूप से काफी मीठा होता है।

### 3. जालोर मंडी में बालम ककड़ी का भाव क्या चल रहा है?
जालोर की सब्जी मंडी में बालम ककड़ी करीब 100 से 150 रुपये प्रति किलो के दाम पर बिक रही है।

### 4. यह ककड़ी साल में कितने दिनों तक बाजार में मिलती है?
व्यापारियों के अनुसार बालम ककड़ी सितंबर से अक्टूबर के दौरान लगभग 25 से 30 दिनों के लिए ही बाजार में उपलब्ध रहती है।

### 5. सेहत के लिहाज से बालम ककड़ी में पानी की कितनी मात्रा होती है?
व्यापारी रामाराम माली के अनुसार इस ककड़ी में करीब 85 प्रतिशत तक पानी होता है, जो शरीर में पानी की कमी दूर करने में उपयोगी है।

### 6. पाचन क्रिया पर बालम ककड़ी का क्या प्रभाव पड़ता है?
व्यापारी दिलीप कुमार के अनुसार बालम ककड़ी पाचन तंत्र को ठीक रखने और शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मददगार होती है।

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