जवाहर कला केंद्र में पुस्तक मेला शुरू, 5 लाख किताबों पर 75 फीसदी तक की रियायत जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित पुस्तक उत्सव में 5 लाख से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं, जहां पाठकों को 75 प्रतिशत तक की भारी छूट और निशुल्क प्रवेश मिल रहा है। साहित्य और पुस्तकों के प्रति गहरी रुचि रखने वाले पाठकों के लिए गुलाबी नगर में एक विशेष पुस्तक मेले का आयोजन शुरू हो चुका है। जवाहर कला केंद्र के साउथ विंग परिसर में सजे जयपुर बुक फेस्टिवल में पाठकों के लिए विविध विषयों तथा विभिन्न भाषाओं की 5 लाख से भी अधिक पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। मेले का प्रमुख आकर्षण यहां पुस्तकों पर दी जा रही भारी रियायत है, जहां पाठक 50 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक की छूट पर अपनी पसंदीदा किताबें खरीद सकते हैं। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए शहर भर से बड़ी तादाद में पुस्तक प्रेमी केंद्र में पहुंच रहे हैं। यहां हिंदी साहित्य, रोचक कहानियों और उपन्यासों से लेकर वैश्विक स्तर पर सराहे गए लेखकों की कृतियां एक ही छत के नीचे जुटाई गई हैं। मेले में किसी भी आगंतुक से कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जा रहा है और यह पूरा आयोजन अक्टूबर के अंत तक निरंतर चलेगा। हर विधा और प्रमुख लेखकों की समृद्ध श्रृंखला जयपुर बुक फेस्टिवल की सबसे बड़ी खूबी यहां मौजूद किताबों की असीम विविधता और विस्तृत दायरा है। परिसर में फिक्शन और नॉन-फिक्शन के साथ-साथ बिजनेस, मैनेजमेंट, बायोग्राफी, हेल्थकेयर, मोटिवेशन, सेल्फ हेल्प, दर्शन और इतिहास जैसे गंभीर व ज्ञानवर्धक विषयों का विशाल संकलन सजाया गया है। इसके अतिरिक्त हिंदी साहित्य, लोकगाथाओं, कालजयी कहानियों और उपन्यासों का भी अत्यंत समृद्ध संग्रह उपलब्ध है, जिसे लेकर युवा पाठकों के बीच असाधारण उत्साह देखा जा रहा है। मेले के स्टॉल्स पर देश-दुनिया के विख्यात रचनाकारों और बेस्टसेलर सूची में शुमार किताबों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। पाठक यहां एपीजे अब्दुल कलाम, जॉन एलिया, सद्गुरु और आचार्य प्रशांत जैसी जानी-मानी शख्सियतों की विचारोत्तेजक पुस्तकें आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आगंतुक अपनी बौद्धिक रुचि और व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुसार मनोरंजन, ज्ञानवर्धन और जीवन में नई दिशा देने वाली प्रेरणादायी पुस्तकों का चयन कर रहे हैं। बच्चों के लिए रंग-बिरंगी दुनिया और किलो के भाव पुस्तकें यह पुस्तक मेला केवल वयस्कों और शोधार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में अध्ययन की रुचि जगाने के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। बाल पाठकों के लिए रंग-बिरंगे चित्रों, मनमोहक कहानियों और दिमागी गतिविधियों से भरपूर पुस्तकों का अनूठा संग्रह प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल युग में जब बच्चे अधिकांश समय मोबाइल स्क्रीन और ऑनलाइन सामग्री में बिता रहे हैं, यह आयोजन उन्हें कागजी पन्नों की रचनात्मक दुनिया की ओर वापस मोड़ने का उपयोगी मंच प्रदान कर रहा है। अभिभावक भी अपने बच्चों की आयु वर्ग और मानसिक अभिरुचि के अनुरूप पुस्तकों का चयन कर रहे हैं। इसके साथ ही, अधिक संख्या में पुस्तकें लेने के इच्छुक पाठकों के लिए वजन के हिसाब से किताबें खरीदने की विशेष सुविधा भी दी गई है। किलो के भाव से किताबें खरीदने के इस विकल्प से लोग बेहद कम खर्च में कई पुस्तकें अपने घर ले जा रहे हैं। अक्टूबर माह के अंत तक निशुल्क प्रवेश का मौका जवाहर कला केंद्र में सजे इस मेले में आने वाले लोगों को न केवल खरीदारी करने बल्कि विभिन्न विधाओं की किताबों को करीब से देखने और अपना निजी पुस्तकालय समृद्ध करने का शानदार अवसर मिल रहा है। यह पूरा आयोजन अक्टूबर माह के अंत तक जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी सुविधानुसार यहां पहुंच सकें। परिसर में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, जिससे सभी वर्गों के साहित्य प्रेमी बिना किसी वित्तीय रुकावट के इस ज्ञान उत्सव में शामिल होकर अपनी मनपसंद किताबों का आनंद ले सकते हैं। इसका आप पर असर जयपुर के पुस्तक प्रेमियों को कम खर्च में विशाल घरेलू लाइब्रेरी बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत डालने का सीधा अवसर मिल रहा है। • भारत में: साहित्य और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजनों से पूरे देश में पठन संस्कृति और भौतिक पुस्तकों के प्रति जागरूकता मजबूत होती है। दूर-दराज के पाठक भी जयपुर प्रवास के दौरान देश-विदेश के विख्यात लेखकों की रचनाएं रियायती दरों पर प्राप्त कर सकते हैं। • जयपुर में: शहर के निवासियों के लिए जवाहर कला केंद्र में बिना किसी प्रवेश टिकट के 5 लाख से अधिक किताबों का संग्रह उपलब्ध है। पाठक अक्टूबर के अंत तक 50 से 75 प्रतिशत छूट और वजन के हिसाब से किताबें खरीदकर भारी बचत कर सकते हैं। • छात्रों और युवाओं के लिए: प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रबंधन और प्रेरणादायक विषयों की तैयारी करने वाले युवा बेहद किफायती दामों पर उच्च स्तरीय अध्ययन सामग्री जुटा सकते हैं। इससे उन्हें महंगी मानक पुस्तकों के लिए बड़ा बजट खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। • अभिभावकों के लिए: स्क्रीन पर अधिक समय बिताने वाले बच्चों को चित्रों और कहानियों वाली किताबों से जोड़ने का व्यावहारिक विकल्प मिल रहा है। माता-पिता बच्चों की उम्र के हिसाब से प्रेरक पुस्तकें चुनकर उनके मानसिक विकास को गति दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ जयपुर में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करने और सभी वर्गों तक सस्ती पुस्तकें पहुंचाने के उद्देश्य से इस वृहद पुस्तक मेले का आयोजन किया गया है। • सीधा कारण: जवाहर कला केंद्र के साउथ विंग में पुस्तक प्रेमियों को एक ही स्थान पर लाखों कृतियां और भारी छूट उपलब्ध कराने के लिए यह उत्सव आयोजित हुआ है। यहां पाठकों को 50 से 75 प्रतिशत तक की सीधी बचत और मुफ्त प्रवेश दिया जा रहा है। • पृष्ठभूमि और मांग: डिजिटल युग में स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के बीच भौतिक पुस्तकों को लोकप्रिय बनाए रखने और पाठकों को आकर्षित करने के लिए ऐसी पहल की जाती है। हिंदी साहित्य और वैश्विक बेस्टसेलर्स की बढ़ती मांग ने इस विशाल संकलन को मंच दिया। • किफायती खरीदारी का मॉडल: भारी मात्रा में पुस्तकें खरीदने वाले पाठकों को आकर्षित करने के लिए वजन यानी किलो के भाव किताबें बेचने का अभिनव तरीका अपनाया गया है। इससे पाठक कम बजट में अधिक संख्या में विविध विषयों की पुस्तकें जुटा पाते हैं। सवाल-जवाब 1. जयपुर में यह पुस्तक मेला किस स्थान पर आयोजित हो रहा है? यह पुस्तक मेला जयपुर स्थित जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के साउथ विंग परिसर में आयोजित किया जा रहा है। 2. मेले में कितनी पुस्तकें उपलब्ध हैं और कितना डिस्काउंट मिल रहा है? मेले में 5 लाख से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिन पर 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। 3. क्या पुस्तक मेले में जाने के लिए कोई प्रवेश शुल्क देना होगा? नहीं, इस पुस्तक मेले में सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। 4. जयपुर बुक फेस्टिवल कब तक चलेगा? यह पुस्तक मेला अक्टूबर माह के अंत तक निरंतर चलेगा। 5. मेले में किन प्रमुख हस्तियों और लेखकों की पुस्तकें मिल रही हैं? मेले में एपीजे अब्दुल कलाम, जॉन एलिया, सद्गुरु और आचार्य प्रशांत जैसे चर्चित रचनाकारों की कृतियां उपलब्ध हैं। 6. क्या मेले में वजन के हिसाब से भी किताबें खरीदी जा सकती हैं? हां, जो पाठक एक साथ कई किताबें खरीदना चाहते हैं, उनके लिए किलो यानी वजन के हिसाब से किताबें खरीदने का विकल्प मौजूद है। https://trendkia.com/rajasthan/jawahar-kala-kendra-men-pustaka-mela-shuru-5-lakha-kitabon-para-75-phisadi-taka-ki-riyayata-45269 TrendKia — Har trend, sabse pehle.