जयपुर और जोधपुर नगर निगम चुनावों के नतीजे आज, वोटों की गिनती जारी राजस्थान में हुए नगरीय निकाय चुनावों के तहत जयपुर और जोधपुर नगर निगम के लिए मतगणना शुरू हो चुकी है। दो चरणों में संपन्न हुए मतदान के बाद आज साफ होगा कि किस दल का कब्जा जमता है। राजस्थान के स्थानीय निकायों के चुनावी रण के बाद आज मतगणना का महत्वपूर्ण दिन आ गया है, जहां पूरे सूबे की निगाहें जयपुर और जोधपुर नगर निगम के परिणाम परिणामों पर टिकी हुई हैं। इससे पहले प्रदेश भर में दो अलग-अलग चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई गई थी, जो नौ सितंबर और ग्यारह सितंबर को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई थी। आज सुबह से ही निर्धारित मतगणना केंद्रों पर मतों की गिनती का काम तेजी से चल रहा है, और शुरुआती दौर के आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला बनता दिख रहा है। जयपुर में रोचक मुकाबला और निर्दलीयों की चुनौती राज्य की राजधानी जयपुर में इस बार चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांचक मोड़ पर आ पहुंचा है। यहां के अलग-अलग वार्डों में स्थानीय मतदाताओं ने बुनियादी मुद्दों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है, जिनमें साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था और सड़कों की जर्जर हालत जैसे विषय सबसे आगे रहे। मुख्य दलों ने अपने बागी नेताओं को समझाने के तमाम प्रयास किए थे, लेकिन कई वार्डों में खड़े निर्दलीय उम्मीदवार दोनों बड़ी पार्टियों के समीकरण को पूरी तरह से उलझाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मतगणना स्थलों के बाहर समर्थकों का भारी मजमा लगा हुआ है और हर नए चक्र के परिणाम के साथ जीत की खुशी और हार की मायूसियां देखने को मिल रही हैं। जोधपुर में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर राजस्थान की राजनीतिक गतिविधियों के अहम केंद्र माने जाने वाले जोधपुर शहर के चुनावी नतीजे भी आज ही घोषित हो रहे हैं। इस महत्वपूर्ण नगर निगम पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। यहाँ भी मुकाबला कई जगहों पर त्रिकोणीय रूप लेता नजर आ रहा है, जहाँ निर्दलीय प्रत्याशी सत्ता की चाबी अपने हाथ में रख सकते हैं। क्षेत्रीय विधायकों और प्रांतीय स्तर के बड़े नेताओं की राजनीतिक साख इस चुनाव से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है, और जैसे-जैसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें खुल रही हैं, प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इस बार पूरे राजस्थान में कुल तीन सौ नौ नगरीय निकायों के लिए चुनाव कराए गए थे। इस विस्तृत चुनाव प्रक्रिया में दस नगर निगम शामिल हैं, जिनके नाम जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर, अलवर, पाली और भीलवाड़ा हैं, साथ ही इकतालीस नगर परिषद और दो सौ अड़तालीस नगरपालिकाएं भी इसमें शामिल थीं। पूरे प्रदेश के कुल दस हजार दो सौ पैंतालीस वार्डों के लिए नौ और ग्यारह सितंबर को मत डाले गए थे। पहले चरण में नौ सितंबर के दिन एक सौ बासठ निकायों के पांच हजार चार सौ पच्चीस वार्डों में मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण के तहत ग्यारह सितंबर को एक सौ सैंतालीस निकायों के चार हजार आठ सौ बीस वार्डों में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतदाताओं का उत्साह और प्रशासनिक तैयारियां इन स्थानीय चुनावों में आम जनता ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई है, जिसमें महिलाओं और युवाओं का उत्साह विशेष रूप से देखने लायक था। अधिक मतदान प्रतिशत को अक्सर किसी बड़े बदलाव या स्पष्ट जनादेश का संकेत माना जाता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बढ़ा हुआ यह मतदान प्रतिशत कई स्थापित दिग्गजों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। जयपुर और जोधपुर के शहरी मतदाताओं ने मुख्य रूप से विकास और सुशासन के मुद्दों को केंद्र में रखकर अपने वोट डाले हैं। वार्ड स्तर पर जीत और हार का फासला बहुत कम रहने की पूरी संभावना है, जिसके कारण कुछ इलाकों से पुनः मतगणन की मांग भी उठ सकती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और परिणामों के बाद किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या हंगामे से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसका आप पर असर इन चुनावों के परिणाम आने के बाद शहरी क्षेत्रों में स्थानीय विकास कार्यों, सड़क निर्माण और सफाई व्यवस्था से जुड़े फैसलों पर सीधा असर पड़ेगा। • भारत में: राज्य स्तर पर स्थानीय निकायों के इन बड़े नतीजों का असर आम जनता के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामों और बुनियादी सुविधाओं पर पड़ता है। • जयपुर और जोधपुर में: स्थानीय नागरिकों को अपने वार्ड से जुड़े विकास कार्यों और समस्याओं के समाधान के लिए अब नए पार्षदों और बोर्ड के गठन का इंतजार करना होगा। ऐसा क्यों हुआ इन चुनावों का आयोजन राज्यभर के शहरी स्थानीय निकायों के कार्यकाल पूरा होने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए किया गया था। • दो चरणों में मतदान: चुनाव आयोग ने सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए मतदान प्रक्रिया को नौ और ग्यारह सितंबर को दो अलग-अलग चरणों में विभाजित किया था। • बड़े पैमाने पर निकाय चुनाव: राज्य के कुल तीन सौ नौ नगरीय निकायों में एक साथ चुनाव कराए जाने के कारण मतगणना की प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर आयोजित करना पड़ा। सवाल-जवाब 1. जयपुर और जोधपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना कब हो रही है? मतगणना चौदह सितंबर को सुबह से शुरू हो चुकी है। 2. मतदान कितने चरणों में संपन्न हुआ था? मतदान नौ और ग्यारह सितंबर को दो चरणों में संपन्न हुआ था। 3. राजस्थान में कुल कितने नगरीय निकायों के लिए चुनाव हुए थे? राजस्थान में कुल तीन सौ नौ नगरीय निकायों के लिए चुनाव हुए थे। 4. किन पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है? भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। https://trendkia.com/rajasthan/jayapura-aura-jodhapura-nagara-nigama-chunavon-ke-natije-aja-voton-ki-ginati-jari-32058 TrendKia — Har trend, sabse pehle.