# जयपुर धमाके के दोषी मोहम्मद सरवर आज़मी उर्फ ढिल्ला पप्पू की रिहाई की अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

> 2008 के जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्रकैद काट रहे दोषी मोहम्मद सरवर आज़मी उर्फ ढिल्ला पप्पू को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने से इनकार कर दिया है, अब उसे जेल में ही सजा पूरी करनी होगी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jayapura-dhamake-ke-doshi-mohammad-sarwar-azmi-urpha-dhilla-pappu-ki-rihai-ki-arji-supreme-court-ne-thukarai-28869 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर ब्लास्ट, सुप्रीम कोर्ट, उम्रकैद, मोहम्मद सरवर आज़मी, 2008 जयपुर धमाका, आतंकी हमला

राजस्थान की राजधानी जयपुर में साल 2008 में हुए सीरियल बम धमाकों के एक दोषी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने मोहम्मद सरवर आज़मी उर्फ ढिल्ला पप्पू की रिहाई की मांग वाली अर्जी ठुकरा दी है। आज़मी को इस मामले में उम्रकैद की सजा मिली हुई है और अदालत के ताज़ा आदेश के बाद अब उसे जेल में ही रहना होगा।

## 2008 में जयपुर में क्या हुआ था
13 मई 2008 को जयपुर के अलग-अलग हिस्सों में साइकिलों पर रखे बमों के जरिए सिलसिलेवार धमाके किए गए थे। इन धमाकों में 71 लोगों की जान चली गई थी और 185 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह राजस्थान के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमलों में गिना जाता है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर बाद में मुकदमा चलाया गया।

## 17 साल तक चली कानूनी लड़ाई
जयपुर की जिला अदालत ने साल 2019 में इस मामले की सुनवाई पूरी कर आरोपियों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि मार्च 2023 में राजस्थान हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया, जिससे धमाकों में जान गंवाने वाले परिवारों को गहरा झटका लगा। मामले की सुनवाई के दौरान करीब 1293 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अप्रैल 2025 में शीर्ष अदालत ने 17 साल बाद पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाते हुए 4 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

## अब सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया
मोहम्मद सरवर आज़मी उर्फ ढिल्ला पप्पू उन्हीं दोषियों में से एक है जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी थी। आज़मी ने रिहाई की मांग को लेकर अदालत का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अर्जी को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि उसे उम्रकैद की सजा पूरी करनी होगी। अदालत ने उसे किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।

## आगे क्या
इससे पहले मई 2026 में भी दोषियों की एक ऐसी ही अर्जी नामंजूर की जा चुकी है, जिसमें अदालत ने साफ कहा था कि दोषियों को जेल में ही उम्रकैद की सजा काटनी होगी। हर साल धमाकों की बरसी पर पीड़ित परिवार इंसाफ की उम्मीद के साथ इस मामले को याद करते हैं, हालांकि मामले में कानूनी प्रक्रिया अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

## इसका आप पर असर
यह फैसला जयपुर धमाकों के पीड़ित परिवारों के लिए काफी मायने रखता है, भले ही यह सीधे किसी आम पाठक की जेब या रोजमर्रा की जिंदगी को न छुए।

- **भारत में:** आतंकी हमलों जैसे गंभीर मामलों में दोषियों को बार-बार राहत न मिलना देशभर की अदालतों के लिए एक मिसाल बनता है। इससे आतंकवाद से जुड़े मामलों में सजा पर टिके रहने का संदेश जाता है।
- **जयपुर और राजस्थान में:** 2008 धमाकों में अपनों को खोने वाले जयपुर के परिवारों के लिए यह फैसला उम्मीद की तरह है कि दोषियों को सजा से बचने का मौका नहीं मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों और अदालत की कार्रवाई पर भरोसा मजबूत होता है।
- **कानूनी प्रक्रिया:** यह फैसला दिखाता है कि भले ही निचली अदालतों के फैसले पलटते रहें, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद गंभीर मामलों में अंतिम फैसला ही मायने रखता है। इससे पीड़ितों को यह भरोसा मिलता है कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भी इंसाफ मिल सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. मोहम्मद सरवर आज़मी कौन है?
वह 2008 के जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले का एक दोषी है, जिसे उर्फ ढिल्ला पप्पू के नाम से भी जाना जाता है।

### 2. सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
अदालत ने आज़मी की रिहाई की अर्जी ठुकरा दी और कहा कि उसे उम्रकैद की सजा पूरी करनी होगी।

### 3. 2008 के जयपुर धमाकों में कितने लोग मारे गए थे?
इन धमाकों में 71 लोगों की जान गई थी और 185 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

### 4. मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है?
2019 में जिला अदालत ने फांसी की सजा दी, 2023 में हाईकोर्ट ने सभी को बरी किया, और अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने 4 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

### 5. आज़मी को उम्रकैद की सजा कब मिली थी?
उसे अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

### 6. क्या इससे पहले भी दोषियों की अर्जी खारिज हुई है?
हां, मई 2026 में भी दोषियों की एक अर्जी नामंजूर की जा चुकी है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._