जयपुर जंक्शन पर उमड़ी भारी भीड़, प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर रोक और एनसीसी कैडेट्स संभाल रहे मोर्चा दीपावली के मौके पर जयपुर रेलवे स्टेशन पर सामान्य दिनों से ढाई गुना ज्यादा यात्री पहुंच रहे हैं, जिससे निपटने के लिए रेलवे ने विशेष क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू किया है। दीपावली के पावन पर्व पर अपने घर जाने वाले लोगों का तांता जयपुर रेलवे स्टेशन पर लग गया है, जिससे वहां यात्रियों का भारी दबाव बन गया है। सामान्य दिनों के मुकाबले जंक्शन पर इस समय करीब ढाई गुना अधिक मुसाफिर पहुंच रहे हैं, जो रेलवे प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। इस स्थिति से निपटने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने एक खास क्राउड मैनेजमेंट योजना तैयार की है। स्टेशन परिसर के अंदर अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पूरी तरह से बंद कर दी गई है ताकि केवल वैध टिकट और यात्रा करने वाले लोग ही अंदर आ सकें। इसके अलावा, यात्रियों के परिजनों या ट्रेन का इंतजार करने वाले अन्य लोगों के लिए स्टेशन के बाहर ही एक अलग यात्री विश्राम स्थल का निर्माण किया गया है, जिससे परिसर के भीतर जरूरत से ज्यादा भीड़ जमा न हो सके। सहायता के लिए एनसीसी और स्काउट की तैनाती स्टेशन पर आने-जाने वाले लोगों की मदद और मार्गदर्शन के लिए एनसीसी कैडेट्स के साथ-साथ रेलवे स्काउट के सदस्यों को भी मैदान में उतारा गया है। रेलवे स्काउट द्वारा कुल तीन विशेष सहायता काउंटर शुरू किए गए हैं, जहां मुसाफिरों को उनकी ट्रेनों, समय सारणी और प्लेटफॉर्म से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां आसानी से मिल रही हैं। खासकर त्योहारी सीजन में पहली बार सफर करने वाले या दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा काफी मददगार साबित हो रही है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द और सुरक्षा कड़ी यात्री भार में अचानक आए भारी उछाल को देखते हुए रेलवे ने अपने सुरक्षा तंत्र और प्रशासनिक अमले को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है। रेलवे पुलिस बल के साथ-साथ स्टेशन प्रबंधन के कर्मचारियों की तादाद में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। व्यवस्थाओं को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए रेलवे कर्मचारियों की सभी प्रकार की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम प्लेटफॉर्म तक कर्मचारियों की अलग-अलग ड्यूटियां लगाई गई हैं ताकि यात्रियों का आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे और किसी भी एक नुक्कड़ या कोने पर जरूरत से ज्यादा भीड़ का दबाव न बने। भीड़ प्रबंधन की यह है पूरी व्यवस्था रेलवे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्टेशन के एंट्री गेट से लेकर ट्रेनों के बोर्डिंग पॉइंट तक यात्रियों की गतिशीलता बनी रहे। स्टेशन के बाहर बनाए गए विश्राम स्थल की वजह से उन लोगों को एक निश्चित स्थान मिल गया है जिन्हें अपनी गाड़ियों का इंतजार करना है। मुख्य द्वार से प्रवेश करने के बाद मुसाफिरों को सीधे उनके निर्धारित प्लेटफॉर्म की तरफ भेजने के लिए विशेष गलियारे और मार्ग तय किए गए हैं, जिससे टिकट काउंटरों और प्रवेश द्वारों पर एक साथ भारी भीड़ जमा होने की समस्या से बचा जा सके। त्योहारी सीजन में रेलवे की बड़ी परीक्षा दीपावली के समय हर साल जयपुर जंक्शन पर यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार का दबाव आम दिनों से लगभग ढाई गुना ज्यादा है। इस चुनौती से पार पाने के लिए रेलवे इस बार केवल अतिरिक्त गाड़ियों के संचालन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्टेशन के अंदर लोगों के सुरक्षित प्रवेश, उन्हें सही दिशा देने और अनपेक्षित भीड़ को नियंत्रित करने पर भी पूरा जोर दे रहा है। त्योहार के इस व्यस्त माहौल में इन सभी इंतजामों को धरातल पर सुचारू रूप से चलाए रखना जयपुर रेलवे स्टेशन प्रबंधन के लिए एक कड़ी परीक्षा बना हुआ है। इसका आप पर असर दीपावली के दौरान जयपुर रेलवे स्टेशन पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और नए सुरक्षा इंतजामों का सीधा असर आम मुसाफिरों की यात्रा पर पड़ेगा। • भारत में: त्योहारी सीजन के दौरान देश भर के बड़े रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त भीड़ देखी जा रही है, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों और सख्त प्रवेश नियमों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े स्टेशनों पर इसी तरह के विशेष नियंत्रण उपाय लागू किए हैं। • जयपुर में: जयपुर जंक्शन पर सफर करने वाले यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलेंगे और केवल यात्रा करने वाले लोगों को ही अंदर जाने दिया जाएगा। ट्रेन पकड़ने आने वाले लोगों को स्टेशन के बाहर बने नए विश्राम स्थल का उपयोग करना होगा और समय से पहले पहुंचना जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ दीपावली के अवसर पर जयपुर रेलवे स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ बढ़ने और कड़े प्रबंध करने के पीछे त्योहारी सीजन का प्रभाव और घर लौटने वाले यात्रियों का भारी दबाव मुख्य वजह है। • त्योहारी दबाव: दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान लाखों लोग अपने गृह नगर लौटते हैं, जिससे हर साल इन दिनों में रेलवे स्टेशनों पर सामान्य से कई गुना अधिक मुसाफिर इकट्ठा होते हैं। • सुरक्षा और सुगमता: भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और स्टेशन परिसर में अव्यवस्था से बचने के लिए रेलवे प्रशासन ने इस बार पहले से कहीं अधिक सख्त क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। सवाल-जवाब 1. जयपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में कितना इजाफा हुआ है? सामान्य दिनों के मुकाबले इस समय जयपुर जंक्शन पर यात्री भार करीब ढाई गुना तक पहुंच गया है। 2. क्या इस समय जयपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट मिल रहे हैं? नहीं, अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पूरी तरह से बंद कर दी गई है। 3. स्टेशन के अंदर किसे प्रवेश दिया जा रहा है? केवल ट्रेन से यात्रा करने वाले वैध टिकट धारक यात्रियों को ही स्टेशन के भीतर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। 4. ट्रेन का इंतजार करने वाले लोगों के लिए क्या व्यवस्था की गई है? यात्रियों के साथ आने वाले परिजनों और इंतजार करने वालों के लिए स्टेशन के बाहर एक अलग यात्री विश्राम स्थल बनाया गया है। 5. यात्रियों की मदद के लिए किसे तैनात किया गया है? मुसाफिरों की सहायता के लिए एनसीसी कैडेट्स और रेलवे स्काउट के सदस्यों को विशेष काउंटरों पर तैनात किया गया है। https://trendkia.com/rajasthan/jayapura-jnkshana-para-umari-bhari-bhira-pletaphorma-tikaton-ki-bikri-para-roka-aura-ncc-kaidetsa-snbhala-rahe-morcha-57403 TrendKia — Har trend, sabse pehle.