जयपुरी अल्फाम चिकन का दीवाना हुआ पूरा देश, संजय दत्त से इरफान पठान तक यहां चख चुके हैं स्वाद जयपुर के रामगंज बाजार में स्थित काबुल चिकन का अल्फाम चिकन अपने अनोखे स्वाद और बिना तेल के पकाने के तरीके के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इस लजीज व्यंजन को चखने के लिए संजय दत्त और इरफान पठान जैसी बड़ी हस्तियां भी यहां आ चुकी हैं। जयपुर अपनी शानदार संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ अपने लाजवाब खानपान के लिए भी पूरी दुनिया में एक खास पहचान रखता है। शहर में सिर्फ मिठाइयां, कचौड़ी और समोसे ही नहीं, बल्कि मांसाहारी व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए भी दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। ऐतिहासिक चारदीवारी इलाके के बाजारों में मिलने वाले चिकन, मटन और फिश के जायके ने खाने के शौकीनों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। इसी परम्परा के बीच रामगंज बाजार में स्थित काबुल चिकन का अल्फाम चिकन इन दिनों शहरवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहाँ की इस लोकप्रिय दुकान पर तैयार होने वाला अल्फाम चिकन अपने स्वाद के साथ-साथ इसे बनाने की अनूठी शैली के लिए बेहद प्रसिद्ध है। इस खास व्यंजन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश की कई जानी-मानी फिल्मी हस्तियां और सितारे भी यहाँ के जायके का लुत्फ उठा चुके हैं। सामान्य चिकन व्यंजनों की तुलना में यहाँ की विधि बिल्कुल अलग होती है, जिसकी वजह से इसका स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ जाता है। इस बेहतरीन रेसिपी की खासियत लोगों को इतनी भाती है कि यह सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहती है और इसे देखने मात्र से ही लोगों के मुँह में पानी आ जाता है। अफगानिस्तान और बलोचिस्तान से जुड़ी है रेसिपी इस प्रसिद्ध दुकान पर काम करने वाले कारीगर बताते हैं कि यह अनोखी रेसिपी मूल रूप से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बलोचिस्तान क्षेत्र से ताल्लुक रखती है, जो देश के कई अन्य बड़े शहरों में भी काफी पसंद की जाती है। इसी प्राचीन और खास व्यंजन को जयपुर में अल्फाम चिकन के नाम से परोसा जाने लगा, जो बहुत ही अलग तरीके से तैयार किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें चिकन के टुकड़े नहीं किए जाते हैं, बल्कि पूरे साबुत मुर्गे को ही पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे तैयार करने में कई घंटे का समय लगता है और धीमी आंच पर इसकी सिकाई की जाती है, जिससे चिकन अंदर तक पक जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार के तेल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता है, जो इसे सेहत के लिहाज से भी खास बनाता है। केवल पारंपरिक पिसे हुए मसालों और धीमी आग पर पकाने की गुप्त विधि ही इसके असली स्वाद को बाहर लाती है। यही कारण है कि यह दुकान खाने के शौकीनों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इस अनोखी शैली के वीडियो और तस्वीरें देखकर दूर-दूर से लोग इस लजीज व्यंजन का स्वाद चखने के लिए सीधे दुकान तक खिंचे चले आते हैं। सिनेमा जगत से लेकर खेल जगत के दिग्गज हैं मु मुरीद इस छोटी सी दिखने वाली दुकान के व्यंजनों का जादू केवल आम लोगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश की कई दिग्गज हस्तियां भी इसकी दीवानी हैं। यहाँ के कर्मचारियों के अनुसार, बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता संजय दत्त और सोहेल खान के अलावा क्रिकेट जगत के कई बड़े नाम जैसे इरफान पठान, शिखर धवन, यूसुफ पठान और राशिद खान जैसी मशहूर शख्सियतें भी यहाँ आकर इस चिकन का स्वाद चख चुकी हैं। जब भी ये बड़े सितारे जयपुर आते हैं, तो इस सादगी भरी दुकान पर बैठकर इस खास रेसिपी का आनंद लेना नहीं भूलते। इसके अलावा दुनिया भर के जाने-माने फूड ब्लॉगर और खाने के दीवाने यहाँ लगातार आते रहते हैं, जिससे इस दुकान की ख्याति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुकी है। शाम ढलते ही इस दुकान पर खाने वालों की इतनी लंबी कतारें लग जाती हैं कि ग्राहकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अगर इस लजीज व्यंजन की कीमत की बात की जाए, तो कोई भी शौकीन मात्र 500 रुपये में इस बेहतरीन अल्फाम चिकन का भरपूर आनंद ले सकता है। इसका आप पर असर जयपुर के इस प्रसिद्ध व्यंजन का सीधा असर स्थानीय खानपान बाजार और खाने के शौकीनों की जेब पर पड़ता है, जो उचित दाम पर बेहतरीन स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं। • भारत में: देश भर के फूड लवर्स और पर्यटकों के लिए यह जगह जयपुर यात्रा के दौरान एक लोकप्रिय डेस्टिनेशन बन जाती है। • जयपुर में: स्थानीय निवासियों और चारदीवारी बाजार आने वाले पर्यटकों को शाम के समय इस लोकप्रिय दुकान पर खाने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। • लागत और बजट: खाने के शौकीन केवल 500 रुपये के किफायती खर्च में इस अनोखे अल्फाम चिकन का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं। • पर्यटन को बढ़ावा: इस तरह की पारंपरिक और अनोखी रेसिपी शहर में फूड टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा देती है। ऐसा क्यों हुआ यह अनोखा व्यंजन अपनी पारंपरिक जड़ों और खास पकाने की तकनीक के कारण लोकप्रियता हासिल कर रहा है। • पारंपरिक विधि: यह रेसिपी अफगानिस्तान और बलोचिस्तान के पारंपरिक तरीकों से प्रेरित है जो इसे सामान्य व्यंजनों से अलग बनाती है। • बिना तेल का इस्तेमाल: इस रेसिपी में बिल्कुल भी तेल का प्रयोग न होना इसे स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों के बीच भी लोकप्रिय बनाता है। • धीमी आंच की सिकाई: चिकन को कई घंटों तक धीमी आग पर पकाने से मसालों का स्वाद अंदर तक समा जाता है। • सोशल मीडिया का प्रभाव: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के कारण देश-विदेश से लोग यहाँ पहुँचने लगे हैं। सवाल-जवाब 1. जयपुर में यह प्रसिद्ध अल्फाम चिकन कहाँ मिलता है? यह प्रसिद्ध अल्फाम चिकन जयपुर के चारदीवारी बाजार के रामगंज बाजार में स्थित काबुल चिकन पर मिलता है। 2. इस अल्फाम चिकन की कीमत कितनी है? यहाँ मिलने वाले इस खास अल्फाम चिकन की कीमत मात्र 500 रुपये है। 3. इस चिकन को तैयार करने की क्या खासियत है? इस रेसिपी में चिकन के टुकड़े नहीं किए जाते बल्कि पूरे साबुत चिकन को बिना किसी तेल के धीमी आंच पर कई घंटों तक पकाया जाता है। 4. कौन-सी मशहूर हस्तियां यहाँ आ चुकी हैं? संजय दत्त, इरफान पठान, शिखर धवन, युसूफ पठान, राशिद खान और सोहेल खान जैसी हस्तियां यहाँ आ चुकी हैं। 5. यह रेसिपी मूल रूप से कहाँ से है? यह खास रेसिपी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बलोचिस्तान इलाके से संबंधित है। https://trendkia.com/rajasthan/jayapura-ke-alfam-chicken-ka-divana-hua-pura-desha-sanjay-dutt-se-irfan-pathan-taka-yahan-chakha-chuke-hain-svada-38922 TrendKia — Har trend, sabse pehle.