जयपुर में मंत्री की प्रेस वार्ता में बिजली गुल: राजस्थान में दो कर्मचारी सस्पेंड, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर को चार्जशीट जयपुर में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच हुए ग्रिड फेलियर पर राजस्थान सरकार ने दो तकनीकी कर्मचारियों को निलंबित और एक वरिष्ठ अभियंता को चार्जशीट जारी की है। राजधानी जयपुर में एक केंद्रीय मंत्री की प्रेस ब्रीफिंग के बीचों-बीच बत्ती गुल हो जाना अब महज एक शर्मिंदगी भरी घटना बनकर नहीं रह गया, बल्कि इस पर विभागीय गाज भी गिर चुकी है। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RRVPNL) ने शनिवार को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप में दो तकनीकी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि संबंधित ग्रिड स्टेशन की निगरानी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी को गंभीर लापरवाही के लिए आरोप पत्र (चार्जशीट) थमाया गया है। यह कार्रवाई 11 जून 2026 को हुए उस ग्रिड फेलियर के सिलसिले में हुई, जिसने जयपुर के एक बड़े हिस्से को कुछ देर के लिए अंधेरे में डुबो दिया था। आखिर 11 जून को हुआ क्या था घटनाक्रम 11 जून का है। उस दिन जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय में एक अहम प्रेस वार्ता रखी गई थी। इसे केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर मिलकर संबोधित कर रहे थे। ठीक इसी दौरान पावर ग्रिड अचानक फेल हो गया और पूरे भाजपा मुख्यालय की बिजली ठप पड़ गई। दिलचस्प यह रहा कि अंधेरा छा जाने के बावजूद वैष्णव ने अपनी ब्रीफिंग नहीं रोकी और बिना बिजली के घने अंधेरे में ही करीब 15 मिनट तक पत्रकारों से बात करते रहे। इस वाकये ने बिजली विभाग के आला अधिकारियों के बीच खलबली मचा दी थी। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई हाई-प्रोफाइल मौके पर हुई इस बिजली कटौती को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गंभीरता से लिया। उनके सख्त निर्देश पर विभाग ने ग्रिड फेलियर की असल वजह तलाशने के लिए एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति बिठाई। शनिवार को इसी समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंपी। रिपोर्ट में हीरापुरा स्थित 400 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) के स्तर पर बड़ी तकनीकी लापरवाही और मानवीय चूक को जिम्मेदार ठहराया गया। इसी आधार पर ट्रांसमिशन यूटिलिटी ने दंडात्मक कदम उठाया। किस पर क्या गिरी गाज रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद 400 केवी जीएसएस हीरापुरा में तैनात सहायक अभियंता विपिन वर्मा और इसी ग्रिड स्टेशन के इलेक्ट्रिशियन ग्रेड-प्रथम बाबू सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, इस पूरे इलाके की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे जयपुर शहर के अधीक्षण अभियंता आरपी गुप्ता को विभाग की ओर से कड़ी चार्जशीट जारी की गई है। लगातार दबाव में रहा है ट्रांसमिशन नेटवर्क यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब बीते कुछ महीनों से राजस्थान का ट्रांसमिशन नेटवर्क बार-बार आ रहे व्यवधानों और बिजली कटौती को लेकर विपक्ष और आम जनता दोनों के निशाने पर रहा है। लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब सरकार ने स्पष्ट तौर पर कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। https://trendkia.com/rajasthan/jayapura-men-mntri-ki-presa-varta-men-bijali-gula-rajasthan-men-do-karmachari-sa-637 TrendKia — Har trend, sabse pehle.