जयपुर में सचिन पायलट ने संभाली स्टीयरिंग, एक ही गाड़ी में साथ निकले कांग्रेस के शीर्ष नेता पंचायत चुनाव की अहम बैठक से पहले जयपुर में सचिन पायलट ने सुखजिंदर सिंह रंधावा, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली के साथ कार ड्राइव की, जिसके बाद सियासी गलियारों में एकजुटता के संदेश की चर्चा शुरू हो गई। राजस्थान की राजनीति में जयपुर की सड़कों पर एक अलग सियासी दृश्य देखने को मिला, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट खुद कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ जयपुर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पायलट ने खुद गाड़ी का स्टीयरिंग थामा। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पहुंचे थे। इसके बाद ये सभी नेता एक ही गाड़ी में बैठकर आगे के सफर के लिए रवाना हुए। इस सफर में सचिन पायलट ड्राइविंग सीट पर मौजूद थे, जबकि उनके बराबर वाली अगली सीट पर प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा बैठे। गाड़ी की पिछली सीट पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और विधायक रफीक खान साथ बैठे नजर आए। हवाई अड्डे से निकलकर इन पांचों नेताओं का काफिला सीधे होटल क्लार्क्स आमेर पहुंचा, जहां सभी ने एक साथ नाश्ता किया। सोशल मीडिया पर पायलट के गाड़ी चलाने का यह वीडियो और तस्वीरें तेजी से प्रसारित हो गईं। नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद एकजुटता का संदेश हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा था। उस हार के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेताओं के बीच तल्खी की बातें फिर से उठने लगी थीं। निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी से एक प्रतिशत से भी कम वोटों के अंतर से पीछे रह गई थी। चुनावी नतीजों के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि अगर सटीक रणनीति बनाई जाती तो परिणाम बेहतर हो सकते थे। उस बयान को गोविंद सिंह डोटासरा पर परोक्ष हमले के रूप में देखा गया था। ऐसे माहौल के बीच पायलट के हाथ में स्टीयरिंग और पीछे डोटासरा का बैठना राजनीतिक नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है। होटल क्लार्क्स आमेर में नाश्ते पर सियासी मंथन होटल क्लार्क्स आमेर में हुई इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में नाश्ता कूटनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एक बड़ी आधिकारिक बैठक से पहले शीर्ष नेताओं का अनौपचारिक अंदाज में एक साथ बैठना कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता दिखाने की कोशिश मानी जा रही है। पार्टी को हालिया चुनाव में मामूली अंतर से मिली हार के बाद अंदरूनी मतभेदों को थामना जरूरी हो गया था, ताकि आने वाले चुनावी मुकाबलों में इसका नकारात्मक असर न पड़े। जयपुर वॉर रूम में पंचायत चुनाव की बड़ी रणनीति बैठक यह पूरा घटनाक्रम जयपुर में कांग्रेस की एक बड़ी संगठनात्मक बैठक से ठीक पहले सामने आया है। राज्य में जल्द ही पंचायत चुनाव होने वाले हैं, जिनकी तैयारी के लिए कांग्रेस के वॉर रूम में यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस मंथन में शामिल होने के लिए ही सचिन पायलट और सुखजिंदर सिंह रंधावा विशेष रूप से जयपुर पहुंचे हैं। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, वरिष्ठ नेता भंवर जितेंद्र सिंह और करीब 20 प्रमुख नेता मौजूद रहकर रणनीति को अंतिम रूप देंगे। कांग्रेस पहले ही घोषणा कर चुकी है कि आगामी पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट युवा प्रत्याशियों को दिए जाएंगे, जिसके चलते उम्मीदवारों के चयन और चुनावी अभियान का खाका तैयार किया जा रहा है। इसका आप पर असर राजस्थान में पंचायत चुनावों से पहले मुख्य विपक्षी दल के शीर्ष नेताओं का एक मंच पर आना चुनावी तैयारियों और टिकट बंटवारे की प्रक्रिया को तेज करेगा। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल अपने राज्य संगठनों में गुटबाजी पाटने और एकजुट होकर स्थानीय चुनाव लड़ने का संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पार्टी कैडर में संवाद और समन्वय का सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है। • राजस्थान में: आगामी पंचायत चुनावों के लिए 50 फीसदी युवा उम्मीदवारों की घोषणा के चलते जमीनी स्तर पर नए चेहरों को टिकट मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं को अब वॉर रूम में तय होने वाली रणनीतियों के आधार पर सक्रिय होना होगा। • राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए: निकाय चुनाव में एक प्रतिशत से कम मतों के अंतर से मिली हार के बाद शीर्ष नेताओं की एकजुटता कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का काम करेगी। अब बूथ और मंडल स्तर पर चुनावी तैयारी में जुटने के स्पष्ट निर्देश मिलने की उम्मीद है। • पंचायती राज प्रत्याशियों के लिए: पार्टी की ओर से तय युवा कोटा लागू होने पर स्थानीय स्तर पर सक्रिय युवाओं को अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल दावेदारों को संगठन की नई गाइडलाइंस का इंतजार करना होगा। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम राजस्थान निकाय चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस के भीतर उभरी असहजता और आगामी पंचायत चुनावों की रणनीतिक जरूरतों के कारण सामने आया है। • निकाय चुनाव की करीबी हार: नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी बीजेपी से एक प्रतिशत से भी कम वोटों के अंतर से पिछड़ गई थी। इस नजदीकी हार ने संगठन की चुनावी रणनीति और समन्वय की कमियों को उजागर कर दिया। • आंतरिक बयानबाजी की पृष्ठभूमि: निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बेहतर रणनीति से नतीजे बदले जा सकते थे। इस टिप्पणी को प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर परोक्ष प्रहार माना गया, जिससे गुटबाजी की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। • पंचायत चुनावों की तैयारी: ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनाव सिर पर हैं और पार्टी ने 50 फीसदी युवा प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है। वॉर रूम में 20 दिग्गज नेताओं की बैठक से ठीक पहले एकजुटता दिखाना जरूरी था ताकि टिकट बंटवारे और प्रचार पर साझा सहमति बन सके। सवाल-जवाब 1. जयपुर में गाड़ी कौन चला रहा था और उसमें कौन-कौन सवार थे? सचिन पायलट खुद गाड़ी चला रहे थे, उनके बगल में सुखजिन्दर सिंह रंधावा बैठे थे, जबकि पीछे गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली और विधायक रफीक खान मौजूद थे। 2. हवाई अड्डे से निकलने के बाद सभी नेता कहां गए? हवाई अड्डे से रवाना होकर सभी नेता होटल क्लार्क्स आमेर पहुंचे, जहां उन्होंने एक साथ नाश्ता किया। 3. जयपुर में कांग्रेस नेताओं की यह बैठक किस विषय पर बुलाई गई है? यह बैठक आगामी पंचायत चुनावों की रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस के वॉर रूम में बुलाई गई है। 4. पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस ने क्या घोषणा कर रखी है? कांग्रेस पार्टी ने पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट युवा प्रत्याशियों को देने का ऐलान किया है। 5. निकाय चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोटों का क्या अंतर था? नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी बीजेपी से एक प्रतिशत से भी कम वोटों के अंतर से पीछे रही थी। 6. जयपुर वॉर रूम की बैठक में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं? इस बैठक में अशोक गहलोत, सचिन पायलट, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, भंवर जितेंद्र सिंह और करीब 20 प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। https://trendkia.com/rajasthan/jayapura-men-sachin-pilot-ne-snbhali-stiyaringa-eka-hi-gari-men-satha-nikale-congress-ke-shirsha-neta-44476 TrendKia — Har trend, sabse pehle.