# जयपुर निकाय चुनाव: तबेलेनुमा स्कूल विवाद वाले रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में हारी बीजेपी, कांग्रेस के सुरेश मीणा जीते

> राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के परिणामों में जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड नंबर 61 चर्चा का केंद्र बन गया है, जहां कुछ समय पहले बच्चों को तबेले जैसी जगह में पढ़ाने का मामला सुर्खियों में आया था। इस बहुचर्चित वार्ड में भाजपा उम्मीदवार को शिकस्त मिली है और कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत हासिल की है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/jayapura-nikaya-chunava-tabelenuma-skula-vivada-vale-ramapura-knvarapura-varda-men-hari-bjp-kangresa-ke-suresh-mina-jite-32308 · **Language:** Hindi
**Tags:** जयपुर निकाय चुनाव, रामपुरा कंवरपुरा वार्ड, सुरेश मीणा, राजस्थान चुनाव, जयपुर नगर निगम

राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में निकाय चुनाव 2026 के नतीजे खासे चर्चा में बने हुए हैं। इसी क्रम में जयपुर का रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड भी लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस वार्ड के चुनावी परिणाम इसलिए भी अहम माने जा रहे हैं क्योंकि कुछ समय पहले यह इलाका अपनी व्यवस्थाओं और एक जर्जर स्कूल को लेकर सुर्खियों में छाया रहा था। यहां के चुनावी रण में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को पराजय का मुंह देखना पड़ा है।

## कांग्रेस के सुरेश मीणा ने दर्ज की जीत
वार्ड नंबर 61 से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुरेश मीणा ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी रामलाल मीणा को 438 मतों के अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की है। रामपुरा-कंवरपुरा क्षेत्र जयपुर नगर निगम के दायरे में आता है। नए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह इलाका पहली बार नगर निगम क्षेत्र का हिस्सा बनाया गया था। यही वजह है कि यहां पहली मर्तबा नगर निगम के चुनाव संपन्न हुए हैं और इस पहले ही मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी की यह विजय राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई है।

## तबेलेनुमा स्कूल का विवाद रहा था सुर्खियों में
यह वही रामपुरा-कंवरपुरा इलाका है जिसका सरकारी स्कूल इस साल अगस्त महीने में अपनी बेहद जर्जर और दयनीय हालत के चलते मीडिया और आम जनता के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया था। स्कूल भवन की स्थिति इतनी खराब थी कि नौनिहालों को पढ़ाई के लिए अस्थायी रूप से किसी पशुओं के बाड़े जैसी जगह में बैठाया जा रहा था, जिसकी तस्वीरें और खबरें व्यापक स्तर पर सामने आई थीं। हालात का जायजा लेने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक, विवाद और धक्का-मुक्की जैसी घटनाएं भी देखने को मिली थीं।

इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ प्रांतीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय फलक पर इस क्षेत्र की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया था और स्कूल के लिए नए भवन के निर्माण तथा अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

## चुनाव परिणाम और पुराना मुद्दा
चुनाव आयोग द्वारा नतीजे घोषित किए जाने के बाद वार्ड नंबर 61 का यह परिणाम इसलिए भी खास तवज्जो पा रहा है क्योंकि मतदान से ठीक पहले यह इलाका बदहाल स्कूल के मुद्दे को लेकर काफी लंबे समय तक चर्चाओं में रहा था। इस विजय के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चुनावी नतीजों और स्कूल से जुड़े उस पुराने विवाद का जिक्र एक बार फिर छिड़ गया है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि केवल चुनावी परिणामों के आधार पर ही स्कूल से जुड़े उस विवाद को इस हार-जीत का एकमात्र सीधा कारण मान लेना उचित नहीं होगा।

## इसका आप पर असर
जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड नंबर 61 के निकाय चुनाव परिणामों का स्थानीय स्तर पर सीधा असर क्षेत्र के विकास कार्यों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर पड़ेगा।

- **भारत में:** देश भर के शहरी निकायों में बुनियादी ढांचे, विशेषकर ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में परिवर्तित होने वाले इलाकों में स्कूलों और शिक्षा की स्थिति को लेकर राजनीतिक दलों की जवाबदेही तय होती है।
- **जयपुर में:** वार्ड नंबर 61 के निवासियों को अब नवनिर्वाचित पार्षद सुरेश मीणा से अपने क्षेत्र के बुनियादी विकास, नए परिसीमन के बाद शहरी सुविधाओं के विस्तार और जर्जर स्कूल के सुधार कार्यों को गति देने की उम्मीद होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में बीजेपी की हार और कांग्रेस की जीत के पीछे स्थानीय मुद्दे और पहली बार हुए निगम चुनाव की नई राजनीतिक गतिशीलता मुख्य कारण रहे।

- **नया परिसीमन क्षेत्र:** यह इलाका नए परिसीमन के बाद पहली बार नगर निगम क्षेत्र का हिस्सा बना था, जिससे यहां पारंपरिक चुनावी समीकरणों के बजाय स्थानीय और तात्कालिक मुद्दों ने मतदाताओं को अधिक प्रभावित किया।
- **स्कूल विवाद का प्रभाव:** अगस्त महीने में बच्चों को तबेले जैसी जगह में पढ़ाने और सीजेपी कार्यकर्ताओं तथा ग्रामीणों के बीच हुए विवाद ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं के प्रति स्थानीय स्तर पर असंतोष को उजागर किया था।
- **कम अंतर से मुकाबला:** वार्ड नंबर 61 में कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश मीणा ने बीजेपी प्रत्याशी रामलाल मीणा को 438 मतों के अंतर से शिकस्त दी, जो कड़े मुकाबले और स्थानीय मतदाताओं के ध्रुवीकरण को दर्शाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. जयपुर के किस वार्ड में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है?
जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड नंबर 61 में बीजेपी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है।

### 2. वार्ड नंबर 61 से चुनाव किसने जीता है?
इस वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश मीणा ने जीत दर्ज की है।

### 3. सुरेश मीणा ने कितने वोटों से जीत हासिल की है?
सुरेश मीणा ने बीजेपी प्रत्याशी रामलाल मीणा को 438 वोटों के अंतर से हराया है।

### 4. यह इलाका किस कारण से कुछ समय पहले सुर्खियों में आया था?
रामपुरा-कंवरपुरा का सरकारी स्कूल जर्जर होने के कारण बच्चों को तबेले जैसी जगह में पढ़ाए जाने को लेकर यह इलाका सुर्खियों में आया था।

### 5. यह घटना कब सामने आई थी जब स्कूल को लेकर विवाद हुआ था?
स्कूल की खराब स्थिति को लेकर यह मामला अगस्त महीने में सामने आया था।

### 6. इस वार्ड में पहली बार क्या हुआ था?
नए परिसीमन के बाद यह इलाका पहली बार नगर निगम क्षेत्र का हिस्सा बना था और यहां पहली बार नगर निगम चुनाव हुए थे।

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