झालावाड़ के तालाब में नाव पलटने से दो युवक लापता, मौज-मस्ती के दौरान हुआ हादसा राजस्थान के झालावाड़ में दुर्गपुरा गांव के तालाब में रविवार रात नाव पलटने से पांच में से तीन युवक तैरकर बाहर आ गए, जबकि दो गहरे पानी में लापता हो गए जिनकी तलाश जारी है। राजस्थान के झालावाड़ जिले में रविवार रात एक गंभीर हादसा सामने आया, जहां शहर के दुर्गपुरा गांव स्थित एक तालाब में आनंद लेने गए पांच दोस्तों की नाव असंतुलित होकर पलट गई। इस दुर्घटना के बाद तीन युवक तो तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन दो साथी गहरे पानी में समाकर लापता हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। नाव पलटने की वजह और शुरुआती घटनाक्रम प्राप्त विवरण के अनुसार, झालावाड़ शहर के रहने वाले पांचों युवक रविवार रात को घूमने के उद्देश्य से दुर्गपुरा गांव के तालाब पर पहुंचे थे। वहां पहुंचकर वे एक नाव पर सवार हुए और तालाब के जलक्षेत्र में सैर करने लगे। इसी बीच अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ झुककर पानी में उलट गई, जिससे सभी पांचों युवक गहरे पानी के बीच जा गिरे। तीन सुरक्षित बाहर आए, दो की तलाश जारी पानी में गिरने के तुरंत बाद तीन युवकों ने अपनी तैरने की क्षमता का इस्तेमाल किया और सुरक्षित किनारे पर लौट आए। हालांकि, उनके बाकी दो साथी पानी की गहराई में चले गए और उनका कुछ पता नहीं चल सका। लापता हुए दोनों युवकों की पहचान झालावाड़ के चंदा महाराज की पुलिया इलाके के रहने वाले कल्लू और तबेला रोड के निवासी कान्हा के तौर पर हुई है। प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू अभियान इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस के साथ-साथ सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों की देखरेख में तालाब के भीतर युद्ध स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। रात से ही गोताखोर पानी में लगातार खोजबीन कर रहे हैं, मगर अभी तक दोनों लापता युवकों का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल इस घटना के सामने आने के बाद से ही लापता युवकों के घरों में मातम और कोहराम मचा हुआ है। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया है और पूरे इलाके में गहरी चिंता तथा शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन डूबे हुए युवकों को ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इसका आप पर असर झील या तालाबों में नाव चलाते समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी और जीवन रक्षक उपकरणों की कमी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, यह घटना इसका एक बड़ा उदाहरण है। • भारत में: देश भर के ग्रामीण और शहरी जल स्रोतों पर अनधिकृत नौकायन और सुरक्षा गार्डों या लाइफ जैकेट की अनुपस्थिति ऐसे हादसों को न्योता देती है। • झालावाड़ में: स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण इलाकों के तालाबों के पास सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। सवाल-जवाब 1. यह हादसा कहां हुआ? यह हादसा राजस्थान के झालावाड़ जिले के दुर्गपुरा गांव के एक तालाब में हुआ। 2. नाव में कुल कितने युवक सवार थे? नाव में कुल पांच युवक सवार थे जो घूमने गए थे। 3. कितने युवक सुरक्षित बाहर निकले? तीन युवक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। 4. लापता युवकों के नाम क्या हैं? लापता युवकों की पहचान कल्लू और कान्हा के रूप में हुई है। 5. बचाव कार्य में कौन सी टीमें जुटी हैं? कोतवाली थाना पुलिस, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। https://trendkia.com/rajasthan/jhalavara-ke-talaba-men-nava-palatane-se-do-yuvaka-lapata-mauja-masti-ke-daurana-hua-hadasa-24865 TrendKia — Har trend, sabse pehle.