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  "type": "article",
  "title": "झालावाड़ में मोहर्रम के लंगर के बाद बड़ा हादसा, दूषित खाना खाने से सौ से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती",
  "summary": "राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में मोहर्रम के लंगर का भोजन करने के बाद 100 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।",
  "content": "राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक सामूहिक धार्मिक आयोजन के दौरान परोसा गया भोजन उस समय बड़ी मुसीबत बन गया, जब उसे खाने के बाद 100 से अधिक लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मामला भवानीमंडी इलाके का है, जहां स्थानीय ईदगाह में आयोजित मोहर्रम के लंगर में शिरकत करने पहुंचे लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। लंगर का भोजन करने के कुछ ही घंटों के भीतर पुरुषों और महिलाओं दोनों में गंभीर शारीरिक लक्षण दिखने लगे, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में स्थानीय चिकित्सालयों में ले जाया गया। पीड़ित परिवारों के लिए यह समय काफी तनावपूर्ण रहा क्योंकि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी।\n\n \n\nत्योहारी पकवानों के सेवन के बाद फैली बीमारी\n भवानीमंडी कस्बे के ईदगाह परिसर में रविवार को मोहर्रम के पावन अवसर पर एक विशेष लंगर का प्रबंध किया गया था। इस सामूहिक आयोजन में शामिल हुए श्रद्धालुओं को दाल-मांडे और मीठे व्यंजन के रूप में सेवइयों का जर्दा परोसा गया था। भवानीमंडी के तहसीलदार अब्दुल हफीज ने बताया कि दोपहर के समय लोगों ने इस भोजन का सेवन किया था। लेकिन भोजन करने के महज दो से तीन घंटे बीतते-बीतते वहां मौजूद लोगों के शरीर पर इसका बुरा असर दिखने लगा। शुरुआत में लोगों को जी मिचलाने की शिकायत हुई, जो जल्द ही पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टियों और दस्त के गंभीर रूप में बदल गई। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की मदद से मरीजों को अस्पताल ले जाया गया।\n\n \n\nचिकित्सा टीमों की मुस्तैदी और प्रशासनिक अमले की दौड़\n एक साथ इतने सारे मरीजों के अस्पताल पहुंचने से चिकित्सा व्यवस्था पर अचानक काफी दबाव आ गया। पीड़ित परिवारों के लोग बीमारों को भवानीमंडी के सरकारी उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में तैनात डॉक्टर रामसिंह और डॉक्टर दीपिका नागर ने मोर्चा संभाला और प्राथमिक उपचार देकर मरीजों को तुरंत भर्ती करना शुरू किया। इसके साथ ही, मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कई पीड़ितों को कस्बे के एक निजी अस्पताल में भी भर्ती कराया गया ताकि हर व्यक्ति को समय पर इलाज मिल सके।\n\n इस सामूहिक फूड पॉइजनिंग की सूचना मिलते ही ब्लॉक CMHO डॉक्टर विकास जैन तुरंत दोनों अस्पतालों में पहुंचे। उन्होंने सभी वार्डों का दौरा किया, मरीजों की सेहत की जानकारी ली और डॉक्टरों को इलाज में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को संभालने और स्थिति की निगरानी के लिए भवानीमंडी के कार्यवाहक SHO रेवतीरमण पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस टीम ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम का विवरण जुटाया ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे।\n\n \n\nदूषित भोजन के सैंपल जब्त, मावे की गुणवत्ता पर गहराया शक\n बीमारी की असली वजह का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत कदम उठाए हैं। फूड सेफ्टी टीम ने लंगर वाली जगह पर जाकर परोसे गए भोजन, मुख्य रूप से दाल-मांडे और मीठे जर्दे के सैंपल जब्त कर लिए हैं और उन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सेवइयों के जर्दे को तैयार करने में इस्तेमाल किए गए मावे की गुणवत्ता खराब हो सकती है। उमस और गर्म मौसम में मावा जल्दी खराब हो जाता है, जिससे उसमें जीवाणु पनपने का खतरा बढ़ जाता है और यह फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।\n\n प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि बीमारी की वास्तविक वजहों का आधिकारिक खुलासा लैब की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, राहत की बात यह है कि अस्पताल में उपचाराधीन सभी मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है और किसी भी मरीज की स्थिति नाजुक नहीं बताई जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि प्रभावित लोगों को समय पर पूरा इलाज और राहत दी जा सके।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत भर में: यह घटना गर्म मौसम में बड़े आयोजनों के दौरान खाद्य सामग्री, विशेष रूप से मावे जैसी डेयरी वस्तुओं की गुणवत्ता की जांच करने के महत्वपूर्ण महत्व को रेखांकित करती है।\n\n  - झालावाड़ में: स्थानीय निवासियों को सामूहिक भोज या बाहरी भोजन के सेवन के प्रति सतर्क रहना चाहिए और फूड पॉइजनिंग के किसी भी लक्षण पर तुरंत भवानीमंडी उपजिला अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. झालावाड़ में फूड पॉइजनिंग की घटना कहां हुई?\nयह घटना राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी इलाके में स्थित एक ईदगाह में मोहर्रम के लंगर के दौरान हुई।\n\n2. लंगर के भोजन में क्या परोसा गया था?\nलंगर में शामिल लोगों को दाल-मांडे और सेवइयों का जर्दा परोसा गया था।\n\n3. प्रभावित लोगों में क्या लक्षण दिखाई दिए?\nभोजन करने के लगभग दो से तीन घंटे बाद प्रभावित लोगों को पेट में तेज दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायतें शुरू हो गईं।\n\n4. फूड पॉइजनिंग का कारण क्या माना जा रहा है?\nअधिकारियों को संदेह है कि सेवइयों के जर्दे में इस्तेमाल किए गए खराब गुणवत्ता वाले मावे के कारण ऐसा हुआ, हालांकि परोसे गए भोजन के नमूनों की लैब रिपोर्ट आना अभी बाकी है।\n\n5. क्या किसी मरीज की हालत गंभीर है?\nनहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की हालत स्थिर है और उनका उचित इलाज चल रहा है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-07-19",
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    "फूड पॉइजनिंग",
    "झालावाड़ समाचार",
    "राजस्थान स्वास्थ्य विभाग",
    "भवानीमंडी अस्पताल",
    "मोहर्रम लंगर हादसा"
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