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  "type": "article",
  "title": "झालावाड़ में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, तीन हजार किलो संदिग्ध मावा सीज और मिठाइयां नष्ट",
  "summary": "झालावाड़ जिले के मिश्रौली कस्बे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूजा डेयरी से तीन हजार किलोग्राम संदिग्ध मावा जब्त किया है। इसके अलावा खराब पाए गए पनीर और मिठाइयों को भी मौके पर नष्ट कर दिया गया।",
  "content": "राजस्थानभर में मिलावटखोरों के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान के तहत प्रशासनिक अमले ने बड़ी सफलता हासिल की है। झालावाड़ जिले के अंतर्गत आने वाले मिश्रौली कस्बे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी और संदिग्ध खाद्य सामग्री पकड़ी है। इस कार्रवाई से स्थानीय बाजार के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है और अवैध कारोबारियों में खौफ का माहौल बना हुआ है।\n\nमध्य प्रदेश पुलिस से मिली थी गुप्त सूचना\nइस पूरी कार्रवाई की शुरुआत पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से हुई। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के गरोठ पुलिस थाने से झालावाड़ के मिश्रौली पुलिस थाने को एक सूचना दी गई थी कि मिश्रौली स्थित पूजा डेयरी द्वारा निम्न गुणवत्ता का पनीर सप्लाई किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने इस सूचना को तुरंत गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खाद्य सुरक्षा के अभिहित अधिकारी डॉ. मोहम्मद साजिद खान के निर्देश पर एक विशेष दल का गठन किया गया और टीम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।\n\nकोल्ड स्टोरेज में छिपाया गया था भारी स्टॉक\nखाद्य सुरक्षा दल और मिश्रौली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जब पूजा डेयरी पर पहुंचकर जांच शुरू की, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। डेयरी के कोल्ड स्टोरेज की तलाशी लेने पर वहां लगभग 3,000 किलोग्राम संदिग्ध मावा छिपाकर रखा हुआ मिला। मावे की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर गंभीर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत इसके आधिकारिक नमूने लिए गए। बाद में इस विशाल मात्रा में मिले मावे को पूरी तरह से सीज करते हुए खाद्य कारोबारी की सुरक्षित अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया ताकि इसका अवैध उपयोग न हो सके।\n\nमौके पर नष्ट की गई खराब सामग्रियां\nकोल्ड स्टोरेज और दुकान की जांच के दौरान टीम को करीब 50 किलोग्राम मिठाइयां और 25 किलोग्राम पनीर भी बरामद हुआ। प्राथमिक निरीक्षण में ही यह स्पष्ट हो गया कि ये खाद्य पदार्थ खाने योग्य नहीं हैं और पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। आम जनता के स्वास्थ्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोकने के लिए टीम ने तत्काल कदम उठाया। नियमानुसार इन सभी सामग्रियों के नमूने एकत्रित करने के बाद मौके पर ही मिठाइयों और पनीर को नष्ट करवा दिया गया ताकि वे बाजार में न बिक सकें।\n\nप्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद तय होगी अगली कार्रवाई\nप्रशासन की ओर से जब्त किए गए मावे, पनीर और मिठाइयों के नमूनों को मुस्तैदी के साथ खाद्य सुरक्षा मानक प्रयोगशाला, कोटा भेज दिया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद कानूनी नियमों के तहत आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी दोटूक शब्दों में कहा है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों और खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।\n\nइसका आप पर असर\nखाद्य सुरक्षा विभाग की इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर मिलावटखोरों और आम उपभोक्ताओं दोनों पर पड़ेगा।\n\n• राजस्थान में: राज्यभर में चलाए जा रहे इस अभियान से आम जनता को बाजारों में मिलने वाली मिलावटी और जहरीली खाद्य सामग्रियों से बड़ी राहत मिलेगी। लोग त्योहारी सीजन या सामान्य दिनों में अधिक शुद्धता की उम्मीद कर सकेंगे।\n• झालावाड़ में: मिश्रौली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से घटिया मिठाइयां, पनीर और मावा बेचने वाले कारोबारियों में अब कड़ा कानूनी खौफ पैदा होगा। स्थानीय ग्राहकों को अब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अधिक सतर्कता और पारदर्शिता देखने को मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nप्रशासन द्वारा की गई यह छापेमारी पड़ोसी राज्य से मिली पुख्ता खुफिया जानकारी और स्थानीय स्तर पर बढ़ती मिलावट की शिकायतों के बाद अमल में लाई गई। त्योहारों और सामान्य दिनों में मिलावटी डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग इस तरह के अवैध भंडारण का मुख्य कारण बनती है।\n\n• गुप्त सूचना का आधार: पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के गरोठ पुलिस थाने से घटिया पनीर की आपूर्ति की सटीक सूचना मिलने के कारण प्रशासन तुरंत हरकत में आया।\n• जनस्वास्थ्य की रक्षा: खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर कोल्ड स्टोरेज में संदिग्ध मावा स्टोर किए जाने की आशंका ने अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के लिए मजबूर किया।\n• कानूनी प्रावधान: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बिना गुणवत्ता जांच के बेचे जा रहे संदिग्ध उत्पादों पर त्वरित नमूना संग्रह और जब्ती की कानूनी कार्रवाई अनिवार्य होती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह कार्रवाई झालावाड़ जिले के किस कस्बे में की गई?\nयह कार्रवाई झालावाड़ जिले के मिश्रौली कस्बे में की गई।\n\n2. खाद्य सुरक्षा विभाग ने किस डेयरी पर छापा मारा?\nखाद्य सुरक्षा विभाग ने मिश्रौली स्थित पूजा डेयरी पर औचक निरीक्षण किया।\n\n3. छापेमारी के दौरान कुल कितना संदिग्ध मावा जब्त किया गया?\nडेयरी के कोल्ड स्टोरेज से लगभग 3,000 किलोग्राम संदिग्ध मावा बरामद कर सीज किया गया।\n\n4. किन-किन चीजों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया?\nप्रथम दृष्टया खराब पाए जाने पर लगभग 50 किलोग्राम मिठाई और 25 किलोग्राम पनीर को मौके पर ही नष्ट किया गया।\n\n5. जांच के लिए नमूनों को कहां भेजा गया है?\nसभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए खाद्य सुरक्षा मानक प्रयोगशाला, कोटा भेजा गया है।\n\n6. इस कार्रवाई की सूचना सबसे पहले किस पुलिस थाने को मिली थी?\nइस मामले की शुरुआती सूचना मध्य प्रदेश के गरोठ पुलिस थाने से मिश्रौली पुलिस को मिली थी।",
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  "publishedAt": "2026-11-06",
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