झुंझुनूं के बामनवास में खेत जाते वक्त करंट की चपेट में आया 15 साल का शिवम, मौत झुंझुनूं जिले के बामनवास गांव में सोमवार को खेत जाते वक्त करंट प्रवाहित तारबंदी की चपेट में आने से 15 साल के शिवम की मौत हो गई, पुलिस मामले की जांच कर रही है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में चिड़ावा क्षेत्र के बामनवास गांव में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 15 साल के शिवम की करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब शिवम खेतों की तरफ जा रहा था और रास्ते में खेतों के इर्द-गिर्द लगी तारबंदी में करंट प्रवाहित हो रहा था। तारबंदी की चपेट में आया शिवम प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शिवम अपने ननिहाल बामनवास गांव में रहने आया हुआ था। सोमवार को वह खेतों की ओर निकला और चलते-चलते खेतों के आसपास लगाई गई करंट वाली तारबंदी के संपर्क में आ गया। तारबंदी में तेज करंट दौड़ रहा था, जिसकी चपेट में आते ही वह बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शिवम को तुरंत इलाज के लिए चिड़ावा उपजिला अस्पताल ले गए। लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि करंट लगने की वजह से उसे गंभीर चोटें आई थीं और झुलसने के कारण उसकी मौके पर ही सांसें थम गई थीं। पुलिस पहुंची अस्पताल, जांच शुरू सूचना मिलते ही चिड़ावा थाना पुलिस भी उपजिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने परिजनों और गांव के लोगों से बातचीत कर हादसे की पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेतों में लगी तारबंदी में करंट कैसे और क्यों प्रवाहित हो रहा था। शुरुआती जांच में करंट वाली तारबंदी के संपर्क में आने को ही हादसे की वजह माना जा रहा है। गांव में शोक, ग्रामीणों ने की जांच की मांग 15 साल के शिवम की अचानक मौत से बामनवास गांव में मातम पसर गया है। परिजन बेटे को खोकर रो-रोकर बेहाल हैं, वहीं गांव वालों में भी गमगीन माहौल है। ग्रामीणों ने खेतों के आसपास लगी तारबंदी और उसमें करंट दौड़ने की परिस्थितियों की गहनता से जांच की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तारबंदी में करंट किस वजह से आया था। इसका आप पर असर यह हादसा एक बार फिर खेतों में अवैध तरीके से लगाई गई करंट वाली तारबंदी के खतरे को उजागर करता है। • भारत में: कई राज्यों में किसान जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए खेतों में हाई वोल्टेज तारबंदी लगा देते हैं, जो कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में हर साल राहगीरों, मजदूरों और बच्चों की जान जाने की घटनाएं सामने आती हैं, इसलिए खेतों के पास से गुजरते वक्त सतर्क रहना जरूरी है। • झुंझुनूं में: बामनवास और आसपास के गांवों में प्रशासन और बिजली विभाग को अवैध करंट तारबंदी की जांच कर कार्रवाई करनी होगी। स्थानीय लोगों को अपने खेतों के पास लगी तारबंदी की सुरक्षा जांचने और बच्चों को अकेले खेतों की ओर न भेजने की सलाह दी जा रही है। • कानूनी कार्रवाई: पुलिस जांच में अगर तारबंदी में जानबूझकर या लापरवाही से करंट प्रवाहित करना पाया जाता है, तो संबंधित खेत मालिक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इससे इलाके के अन्य किसानों को भी अपनी तारबंदी हटाने या सुरक्षित करने का दबाव बनेगा। • परिवारों के लिए सलाह: ग्रामीण इलाकों में शाम या सुबह खेतों से आते-जाते वक्त तारबंदी को छूने से बचें और बच्चों को इसकी जानकारी जरूर दें। बिजली के झटके से बचने के लिए तारबंदी के पास सूखी लकड़ी या गैर-प्रवाहकीय वस्तु का ही इस्तेमाल करें। सवाल-जवाब 1. हादसा कहां हुआ? राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र के बामनवास गांव में यह हादसा हुआ। 2. मृतक की पहचान क्या है? मृतक की पहचान 15 साल के शिवम के रूप में हुई है, जो बामनवास गांव में अपने ननिहाल आया हुआ था। 3. हादसा कैसे हुआ? शिवम खेतों की ओर जा रहा था, तभी वह खेतों के आसपास लगी करंट प्रवाहित तारबंदी के संपर्क में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। 4. शिवम को कहां ले जाया गया? परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए चिड़ावा उपजिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 5. पुलिस अब क्या कर रही है? चिड़ावा पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि तारबंदी में करंट कैसे आया। 6. ग्रामीणों की क्या मांग है? ग्रामीणों ने खेतों के आसपास लगी तारबंदी और उसमें करंट प्रवाहित होने की परिस्थितियों की जांच की मांग की है। https://trendkia.com/rajasthan/jhunjhunu-ke-bamanwas-men-kheta-jate-vakta-karnta-ki-chapeta-men-aya-15-sala-ka-shivam-mauta-29019 TrendKia — Har trend, sabse pehle.