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  "title": "झुंझुनूं के कसेरू में ई-मित्र केंद्र से 40 करोड़ का साइबर नेटवर्क, संचालक अंकित कुमार गिरफ्तार",
  "summary": "राजस्थान के झुंझुनूं जिले की मुकुंदगढ़ पुलिस ने कसेरू निवासी अंकित कुमार को 40 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क में गिरफ्तार किया है। आरोपी ई-मित्र केंद्र पर आने वाले लोगों के बायोमेट्रिक और आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खोलता था।",
  "content": "राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सरकारी सेवाओं और डिजिटल सहायता के नाम पर चलाए जा रहे ई-मित्र केंद्र की आड़ में एक बड़े साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ हुआ है। मुकुंदगढ़ पुलिस और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कसेरू निवासी अंकित कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसने महज 18 महीनों की अवधि में 40 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का अवैध साम्राज्य बना लिया था। आरोपी अपने कस्टमर सर्विस पॉइंट (सीएसपी) और ई-मित्र केंद्र पर आने वाले सीधे-सादे नागरिकों के आधार, पैन कार्ड और बायोमेट्रिक अंगूठे के निशानों का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलता था। इसके बाद इन खातों का उपयोग अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने और कमीशन के बदले नकद निकासी में किया जाता था।\n\n \n\nफर्जीवाड़े का पर्दाफाश और पीड़ित की आपबीती\n\nइस पूरे गिरोह की कारगुजारियों का खुलासा मुकुंदगढ़ निवासी एक नागरिक अक्षय की शिकायत के बाद हुआ। अक्षय ने 4 अगस्त 2026 को पुलिस थाने में आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज करवाई। पीड़ित ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 10 अप्रैल 2025 को वह आरोपी अंकित कुमार के ई-मित्र केंद्र पर अपनी एसएसओ आईडी बनवाने के उद्देश्य से गया था। वहां केंद्र संचालक अंकित ने उससे आधार कार्ड और पैन कार्ड प्राप्त किए। इसके बाद प्रक्रिया के बहाने उससे 15 से 20 बार बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाया गया और उसे करीब 4 से 5 घंटे तक केंद्र पर बैठाकर रखा गया।\n\nइसी दौरान पीड़ित के मोबाइल पर फिनो पेमेंट बैंक से कई तरह के एसएमएस अलर्ट आने लगे। हालांकि आरोपी अंकित ने चालाकी से पीड़ित का मोबाइल फोन अपने हाथ में लिया और उन सभी बैंक संदेशों को तुरंत डिलीट कर दिया। काफी समय बीत जाने के बाद आरोपी ने सर्वर न चलने की बात कहकर पीड़ित को वापस घर भेज दिया। बाद में जब गहन जांच की गई तो पता चला कि आरोपी ने पीड़ित की जानकारी और सहमति के बिना फिनो पेमेंट बैंक में उसका खाता खोल लिया था और उसका इस्तेमाल साइबर अपराध के अवैध लेनदेन में किया जा रहा था।\n\n \n\n16 खातों में 40 करोड़ का ट्रांजेक्शन और 92 पासबुक बरामद\n\nपुलिस जांच में सामने आया कि 31 वर्षीय आरोपी अंकित कुमार, जो मुकुंदगढ़ थाने के कसेरू गांव का निवासी है, उसने अपने नाम से 16 विभिन्न बैंक खाते खोल रखे थे। इन 16 खातों से महज 18 महीने के भीतर 40 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का संदिग्ध लेनदेन किया गया था। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई के दौरान बरामद की गई 92 बैंक पासबुकों से जुड़े खातों के तार देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े पाए गए हैं, जिन पर भारत भर में 16 साइबर शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं।\n\nजांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी अपने सीएसपी केंद्र के माध्यम से साइबर अपराधियों के साथ साठगांठ बनाकर काम करता था। वह साइबर गैंग से ठगी की अवैध रकम ऑनलाइन खातों में प्राप्त करता था और फिर अपने कमीशन की कटौती करके अपराधियों को नकद राशि मुहैया कराता था। इस प्रक्रिया से साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोहों को बिना अपनी पहचान उजागर किए आसानी से नकद पैसा मिल जाता था।\n\n \n\nपुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई और बरामद सामान की सूची\n\nयह महत्वपूर्ण सफलता जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर (आईपीएस) के कड़े निर्देशों पर मिली। पूरी कार्रवाई का पर्यवेक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत, क्षेत्र के पुलिस अधिकारी (सीओ) सुगन सिंह और साइबर थाना प्रभारी रामखिलाड़ी मीणा द्वारा किया गया। वहीं मुकुंदगढ़ थानाधिकारी गोपाल सिंह थालोर तथा साइबर थाना प्रभारी गोपाल लाल जांगिड़ के नेतृत्व में बनी संयुक्त पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।\n\nपुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध दस्तावेज और उपकरण जब्त किए हैं। बरामदगी की सूची में 2.68 लाख रुपये की नकदी, 2 लैपटॉप, 1 मोबाइल फोन, 17 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, 92 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 38 नागरिकों के आधार कार्ड और 1 माइक्रो एटीएम मशीन शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल भी इसी तरह फर्जी खाते खोलने में किया जा रहा था।\n\n \n\nनेटवर्क और सह-आरोपियों की तलाश जारी\n\nअंकित कुमार को गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस और साइबर क्राइम सेल की टीमें उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। जांच एजेंसियां इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि इस फ्रॉड में आरोपी के साथ कौन-कौन से अन्य साथी शामिल थे। इसके अलावा देश भर के किन-किन साइबर अपराधियों को इसने नकद रकम ट्रांसफर की और 40 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम राशि के असली स्रोत तथा गंतव्य स्थान कहां-कहां हैं, इसकी भी विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान साइबर अपराध से जुड़े कई अन्य बड़े राज सामने आने की संभावना है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: किसी भी ई-मित्र, सीएसपी या साइबर कैफे पर काम करवाते समय अपने बायोमेट्रिक अंगूठे का निशान बार-बार लगाने से बचें और किसी को भी अपना मोबाइल अनलॉक करके न दें।\n• राजस्थान और झुंझुनूं में: यदि आपने मुकुंदगढ़ या आसपास के ई-मित्र केंद्रों पर हाल ही में आधार या बायोमेट्रिक सेवा ली है, तो अपने बैंक खातों के स्टेटमेंट और फिनो पेमेंट बैंक जैसे खातों की तुरंत जांच करें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. झुंझुनूं में साइबर फ्रॉड के आरोप में किसे गिरफ्तार किया गया है?\nपुलिस ने झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कसेरू गांव के निवासी 31 वर्षीय अंकित कुमार को गिरफ्तार किया है।\n\n2. आरोपी ई-मित्र केंद्र की आड़ में किस तरह ठगी करता था?\nआरोपी ग्राहकों के आधार और पैन कार्ड लेकर उनसे बार-बार बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाता था और उनकी जानकारी के बिना फिनो पेमेंट बैंक में फर्जी खाते खोलकर साइबर ठगों के पैसे ट्रांसफर करता था।\n\n3. आरोपी के पास से पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया है?\nपुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2.68 लाख रुपये नकद, 2 लैपटॉप, 1 मोबाइल, 17 एटीएम कार्ड, 92 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 38 आधार कार्ड और 1 माइक्रो एटीएम जब्त किया है।\n\n4. 18 महीनों के भीतर खातों में कितने रुपये का लेनदेन हुआ?\nआरोपी अंकित कुमार के खुद के 16 बैंक खातों से 18 महीने में 40 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है, जबकि जब्त 92 पासबुकों पर देश भर में 16 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।\n\n5. इस साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा कैसे हुआ?\nमुकुंदगढ़ निवासी अक्षय ने 4 अगस्त 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि अप्रैल 2025 में ई-मित्र पर एसएसओ आईडी बनवाते समय उसके बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाता खोला गया था।\n\n6. इस पुलिस कार्रवाई का नेतृत्व किन अधिकारियों ने किया?\nयह कार्रवाई एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देश पर मुकुंदगढ़ थानाधिकारी गोपाल सिंह थालोर और साइबर थाना प्रभारी गोपाल लाल जांगिड़ की संयुक्त टीम द्वारा की गई।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-08-06",
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